गुरुवार, 8 फ़रवरी 2024

BPSC TRE 3.0 : शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, लागू होगा आरक्षण!

बिहार में शिक्षक बनने की सपना देख रहें युवाओं के लिए सरकार ने एक बार फ़िर खुशखबरी दी हैं, शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए बीपीएससी ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया हैं, परीक्षा 7 मार्च से 17 मार्च तक होगी, बता दे की इस बार बीपीएससी में कुछ बदलाव किया गया हैं, इस बार शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में नया आरक्षण कानून लागू होगा।


बिहार में तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए 10 फरवरी से आवेदन जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, BPSC की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार तीसरे चरण में लगभग 87 हजार पदों पर नियुक्ति होगी, जो नए आरक्षण नियमावली के अनुसार होगी, नए आरक्षण नियमावली के अनुसार से ईबीसी के अभ्यर्थियों को 25 0, पिछड़ा वर्ग के को 18 , एससी को 20, एसटी को दो प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को दस प्रतिशत का लाभ मिलेगा। बीपीएससी के सचिव रवि भूषण ने बताया कि राज्य में पहली बार शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में नए आरक्षण नियम का पालन किया जाएगा।


शिक्षक अभ्यर्थियों को मिल सकता है 5 मौके
 
पहले चरण में शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान जो नियमावली बनाई गई थी, उसमें शिक्षक अभ्यर्थियों को तीन मौके का जिक्र किया गया था, लेकिन अभियर्थियो द्वारा विरोध और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई लोगों ने इसका विरोध किया जिसके बाद बीपीएससी दो और मौका देने का विचार कर रही हैं।

निगेटिव मार्किंग की परेशानी से भी मिलेगी मुक्ति

बीपीएससी की ओर से साफ कर दिया गया है कि टीआरई फेज 3 की परीक्षा में किसी प्रकार की कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। इस बार एक ही पेपर होंगे और परीक्षा ढाई घंटे की होगी।

लेबल: , , , , , , , , , , , ,

रविवार, 21 जनवरी 2024

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का उद्घाटन किया

समस्तीपुर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समस्तीपुर जिले के सरायरंजन में 591 करोड़ रुपये की लागत वाले श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का आधिकारिक उद्घाटन करने के लिए फीता काटा और शिलापट्ट का अनावरण किया।
500 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं होंगी. प्रत्येक वर्ष, यह स्थान 100 मेडिकल छात्रों की भर्ती करेगा। श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भूकंप प्रतिरोध लागू किया गया है। यह संरचना हरी है. अधीक्षक, प्राचार्य, चिकित्सक, कर्मचारी और छात्र सभी को अस्पताल के मैदान में आवास मिलेगा। बीमारों के पारिवारिक रिश्तेदारों को भी धर्मशाला में रहने की अनुमति दी गई है। श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने अस्पताल के विभिन्न क्षेत्रों की जांच की. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभाकक्ष में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री को श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की योजनाओं एवं निर्माण के संबंध में जानकारी दी. इस दौरान श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के बारे में एक लघु फिल्म दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि इस सुविधा का निर्माण समसामयिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ किया गया है। यह अस्पताल बहुत ही उत्तम है। यह आज आधिकारिक तौर पर खुल गया है और मैं इससे बहुत खुश हूं। हम पहले भी इस स्थान पर हो रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण कर चुके हैं। उद्घाटन के साथ ही फिलहाल इस स्थान पर मरीजों की देखभाल शुरू हो गई है। इस क्षेत्र के निवासियों को चिकित्सा देखभाल के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यहां मरीजों को हर तरह की सुविधा मिलेगी. श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज और संस्थान का नाम उस भूमि से आया है जो इस संस्थान के विकास के लिए श्री राम जानकी मठ द्वारा दान में दी गई थी। इस अस्पताल की इमारत में केंद्र सरकार का भी सहयोग शामिल है। यह बड़ा, सुव्यवस्थित अस्पताल है। अपर प्रमुख श्री प्रत्यय अमृत के साथ अजय कुमार, राजेश सिंह, रणविजय साहू, वीरेंद्र पासवान, अख्तरुल इस्लाम शाहीन, पूर्व सांसद श्रीमती अश्वमेध देवी और अन्य लोक सेवक स्वास्थ्य विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी विधायक हैं। श्री गोपाल सिंह, बिहार चिकित्सा सेवा एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री दिनेश कुमार, दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त श्री मनीष कुमार, दरभंगा प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री बाबू राम, समस्तीपुर के जिलाधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री विनय तिवारी। इस अवसर पर श्री राम जानकी अस्पताल एवं कॉलेज की अधीक्षक डॉ. अलका झा और प्राचार्या डॉ. आभारानी सिन्हा सहित समस्तीपुर जिले के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

लेबल: , , , , , , , , , , ,

मंगलवार, 7 जून 2022

दरभंगा तकनीकी पदाधिकारी की बैठक में योजनाओं की हुई समीक्षा

दरभंगा समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेदकर सभागार में जिलाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में तकनीकी पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमण्डल - 1, दरभंगा द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री क्षेत्रीय विकास योजना के अन्तर्गत 249 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। दरभंगा ग्रामीण एवं दरभंगा शहरी क्षेत्र के 144 योजनाओं में कार्य किया जाना है, जिनमे कार्य एजेन्सी नियुक्त किया जाना है। कब्रिस्तान घेराबन्दी के संबंध में बताया गया कि वर्ष 2006-2007 में दरभंगा के 289 कब्रिस्तानों की घेराबन्दी करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जो पूर्ण किया जा चुका है।पंचायत सरकार भवन के संबंध में बताया गया कि जिले में 57 पंचायत सरकार भवन ग्राम पंचायतों द्वारा बनवाया गया है। पुनः 76 नया पंचायत सरकार भवन निर्माण का लक्ष्य प्राप्त है, जिनमें से 18 के लिए भूमि चिन्ह्ति किया जा चुका है।  बताया गया कि पंचायत सरकार भवन में कार्यपालक सहायक नियमित रूप से बैठ रहे हैं, लेकिन अभी भी किसान सलाहकार, विकास मित्र, पी.आर.एस. सहित अन्य पंचायत स्तरीय कर्मचारी पंचायत सरकार भवन में नियमित रूप से नहीं बैठ रहे हैं।जिलाधिकारी ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को सभी संबंधित कर्मी के जिला स्तरीय पदाधिकारी को इस आशय का पत्र जारी करने का निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करावें कि उनके पंचायत स्तरीय कर्मी पंचायत सरकार भवन में प्रतिदिन बैठें और वहाँ की उपस्थिति पंजी में अपनी उपस्थिति दर्ज करावें। उसी पंजी के आधार पर उनके वेतन का भुगतान किया जाए। स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमण्डल - 2, बेनीपुर के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की 91 योजनाओं पर कार्य किया जाना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी तकनीकी विभाग यह सुनिश्चित करें, कि सड़क निर्माण के दौरान ग्रेड - वन से ग्रेड - टू तक कार्य किये जाने के दौरान अभियंताओं द्वारा नियमित रूप से सड़कों की जाँच की जाए और कार्य पूर्णतः के उपरान्त भी एक बार जाँच कर ली जाए। कार्य आवंटन के पश्चात यदि कोई एजेन्सी काम नहीं कर रहा है, तो 01 महीने के पश्चात् दूसरे एजेन्सी से रि-साईन करने की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने से पहले जिले के सभी सड़कों को दुरूस्त कर लिया जाए। उन्होंने आदेश दिया कि प्रत्येक प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को बुलाकर एक टीम गठित की जाए तथा पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग व स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन की सभी सड़कों की जाँच करा ली जाए। उन्होंने इसके लिए एक मैप तैयार करवाने का निर्देश दिया, जिसमें सभी विभागों की सड़के, विभागवार चिन्ह्ति किया जा सके।बैठक में बताया गया कि 17वीं विधान सभा में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अन्तर्गत स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को 19 योजनाओं की अनुशंसा प्राप्त हुई है। बैठक में मंदिर घेराबन्दी कार्य की भी समीक्षा की गयी। प्रेक्षागृह के संबंध में भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि सभी कार्य पूर्ण है, केवल ऑडियो वीडियो प्रोजेक्शन का कार्य किया जाना बाकी है, इसके लिए नये एजेन्सी को कार्य आवंटित करने की कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने इसे 01 महीने के अन्दर पूर्ण कराने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी क्षेत्र के समीप 03-03 एकड़ जमीन सिवरेज ट्रिर्टेमेन्ट प्लांट के लिए चिन्ह्ति किया जाए, जहाँ प्लांट संस्थापित करवाया जा सके, ताकि नालो की पानी का ट्रिर्टेमेन्ट कर इसे नदी में गिराया जा सके।ग्रामीण कार्य विभाग, दरभंगा ने बताया कि उनकी 67 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। ग्रामीण कार्य विभाग - 2 के द्वारा बताया गया कि उनकी 123 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। दरभंगा हवाई अड्डा के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दरभंगा हवाई अड्डा के समीप अस्थायी पार्किग निर्माण के लिए चिन्हित स्थल को मनरेगा से मिट्टी भराई एवं जी.एस.बी. निर्माण की कार्रवाई करवाने हेतु उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया।बिहार राज्य चिकित्सा अधारभूत संरचना द्वारा बताया गया कि प्रत्येक विधान सभा में 05-05 चिकित्सा केन्द्र बनाने की कार्रवाई तेजी से चल रही है, बताया गया कि केवल 10 चिकित्सा केन्द्र के लिए स्थल चिन्ह्ति किया जाना शेष रह गया है। जिलाधिकारी ने उन स्थलों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।शिक्षा विभाग के आधारभूत संरचना के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि विद्यालयों के 114 योजनाएँ पूर्ण की जा चुकी है, केवल 07 लंबित है।जिलाधिकारी ने पी.एच.ई.डी. के कार्यपालक अभियंता को धरना स्थल पर एक चापाकल गड़वाने का निर्देश दिया। एकमी-सिरनियाँ बांध के किनारे अवैध मिट्टी भराई के संबंध में बताया गया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा धीरे-धीरे मिट्टी को हटाया जा रहा है।जिला पंचायती राज पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि अनेक सड़क निर्माण एजेन्सी द्वारा कार्य के दौरान नल-जल योजना की पाईप क्षतिग्रस्त कर दिये गये है। जिलाधिकारी ने निदेशित किया कि जिस विभाग के द्वारा सड़क निर्माण करवाया गया है, उस विभाग के द्वारा उस क्षतिग्रस्त पाईप को दुरूस्त करवाया जाए।उन्होंने बाढ़ से संबंधित सभी लंबित कार्य को तुरंत करवा लेने का निर्देश दिया। तटबंध के निरीक्षण के संबंध में बताया गया कि संबंधित अभियंताओं द्वारा तटबंध का निरीक्षण किया जा रहा है। बैंठक में उप विकास आयुक्त अम्रिषा बैंस, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी मो. रिजवान अहमद, जिला पंचायत राज पदाधिकारी आलोक राज, जिला योजना पदाधिकारी नवीन कुमार सहित सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंतागण एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित!






लेबल: , , , , , , , , , ,