शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2022

बिहार, अपने बाप दादा का पुश्तैनी जमीन अपने नाम कैसे करवाए ?

बिहार में आज भी बहुत से लोग ऐसे हैं जिनकी जमीन बाप दादा या फिर किसी ऐसे व्यक्ति के नाम से हैं जो जीवित नहीं हैं। ऐसे जमीन को अपडेट करने के लिए बिहार सरकार राज्य के सभी जिलों में जमीन सर्वे का काम कर रही हैं।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पटना, पूर्णिया, नालंदा सहित सभी जिलों में बाप दादा की पुश्तैनी जमीन अपने नाम करने के लिए आपको पहले वंशावली बनानी होगी। इसके बाद आपको सर्वे अधिकारी के पास इसे जमा करना होगा। फिर जमीन का नया कागजात आपके नाम से अपडेट हो जायेगा।बता दें की राज्य सरकार पहले चरण में 20 जिलों में जमीन सर्वे का काम करा रही हैं। इसमें कई अंचलों में सर्वे का काम पूरा हो गया हैं तो कुछ अंचलों में सर्वे किया जा रहा हैं। वहीं राज्य के 18 जिलों में दूसरे चरण का सर्वे शुरू किया गया हैं। फिलहाल 18 जिलों के 100 अंचलों में सर्वे किया जा रहा हैं।पटना, पूर्णिया, नालंदा सहित सभी जिलों में बाप दादा की पुश्तैनी जमीन अपने नाम कैसे करें ?1 .बाप दादा की पुश्तैनी जमीन को अपने नाम कराने के लिए वंशावली बनानी होगी।

2 .आप राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट से वंशावली फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।

3 .सर्वे कैंप में भी आपको वंशावली फॉर्म मिल जायेगा। इसे भरकर सर्वे अधिकारी के पास जमा करना होगा।

4 .वंशावली फॉर्म में जमीन मालिक से आपके रिश्ते और फिर जमीन मालिक और अपना डिटेल्स सही-सही भरना होगा।

5 .वंशावली जमा करने के कुछ दिन के बाद जब आपके जमीन का कागज अपडेट किया जायेगा तो जमीन का खतियान आपके नाम से होगा।

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गुरुवार, 3 फ़रवरी 2022

बिहार,बाप दादा के संपत्ति पर किसका अधिकार ?

बिहार के पटना, बक्सर, पूर्णिया सहित सभी जिलों में रहने वाले बहुत से लोग ये जानना चाहते हैं की बिहार में बाप-दादा की संपत्ति पर किसका कितना अधिकार होता  हैं।
इसी विषय में कानून के जानकारों के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की बाप-दादा की संपत्ति पर किसका अधिकार होता हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से!
पटना, बक्सर, पूर्णिया सहित सभी जिलों में बाप-दादा की संपत्ति पर किसका अधिकार?
1 .पटना, बक्सर, पूर्णिया सहित सभी जिलों में बाप-दादा की संपत्ति अगर पुश्तैनी हो तो उसपर बेटा और बेटी का अधिकार जन्म से निहित होता हैं।

2 .बता दें किसी भी तरह के पुश्तैनी जमीन पर जितना अधिकार एक बेटा का होता हैं उतना ही अधिकार बेटी का भी होता हैं। बेटी जब चाहें उस संपत्ति पर अपने हिस्से का दावा कर सकती हैं।

3 .एक शादीसुधा बेटी का भी बाप-दादा की संपत्ति में बराबर का हिस्सा होता हैं। इस हिस्से से कोई भी उसे बंचित नहीं कर सकता हैं।

4 .वहीं बाप-दादा ने खुद की कमाई से कोई संपत्ति बनाई हैं तो उनके जीवित रहने तक कोई भी व्यक्ति उस संपत्ति पर दावा नहीं कर सकता हैं।

5 .अगर बाप-दादा ने एक से अधिक शादियां की हैं तो उनके बच्चे भी उनकी पुश्तैनी संपत्ति पर हिस्से का दावा कर सकते हैं

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