शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2022

सर्वप्रथम मां सीता ने की थी सूर्य की षष्ठी-पूजा जहां मुंगेर की गंगा नदी के बीच बना है सीता-चरण मंदिर

मिथिला में त्रेता युगों में राजा जनक के महल के विशाल प्रांगण में शिव-धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा ऋषि परशुराम के क्रोध पर विनम्रता से विजय प्राप्त कर दशरथ-पुत्र श्रीराम जब स्वयंवर के बाद अनुज लक्ष्मण और नव विवाहिता सीता के साथ जल-मार्ग से अयोध्या लौट रहे थे तो कार्तिक शुक्ल एकादशी को मुंगेर (प्रारंभिक नाम मुद्गलपुरी जो मुद्गल ऋषि के नाम पर पड़ा। बाद में मोदगिरी पर्वत-श्रृंखला के कारण, फिर मोंघीर ब्रिटिश शासकों ने किया। आज अंतिम परिवर्तन के बाद ' मुंगेर ' प्रमंडल के नाम से विश्व-विख्यात है।


पहले दिन संध्या के समय अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को प्रसाद भरे सूप अर्पित कर व्रती नारी ( कई पुरुष भी) भक्त एवं परिजनों के जल ढारने के बाद दूसरे दिन उदीयमान सूर्य की उपासना कर नई ऊर्जा से संबलित होने के विश्वास के साथ अगले दिन गोपाष्टमी को गऊ-सेवा करेंगे।

  गंगा नदी के मध्य में उभरे बालू के टापू पर नौका रुकी। सीता मां के साथ राम और लक्ष्मण ने भी पावन जल में डुबकी लगायी। फिर सूप में प्रसाद अर्पित कर दूसरे दिन चार दिवसीय अनुष्ठान को पूरा कर अयोध्या की ओर भ्राता द्वार के साथ नौका पर प्रस्थान कर गयीं। रामायण के अनुसार जब राम के वनवास- काल में असली सीता को सुरक्षा की दृष्टि से गंगा नदी से पांच किलोमीटर पूर्व में अग्नि देव के संरक्षण में देख दिया गया और मायावी सीता को साथ ले दोनों भाई असुरों से आक्रांत वन की ओर बढ़ गये। महापंडित और अजेय पराक्रमी रावण को मिले वरदान के अनुसार मानव अवतार में श्रीराम को उसे मुक्ति तो देनी थी। साथ ही विशाल भारत के अधिकांश क्षेत्रों में दैत्य तथा आततायियों से त्रस्त सज्जन और ईश्वरभक्त दुर्बल देशवासियों की रक्षा भी करनी थी। आतंकी दैत्यों और बाली जैसे कुपथगामी शासकों, जिसने छोटे भाई सुग्रीव को भागने के लिए विवश कर उसकी पत्नी को भी अपने अधीन कर लिया था, को भी यमलोक पहुंचाने का प्राण-दण्ड देना भी अभीष्ट था।







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शनिवार, 23 अप्रैल 2022

बिहार की सबसे खूबसूरत सनाया ने बढ़ाया बिहार का मान बने मिस्टर एंड मिस स्टार

Bihar की एक होनहार बेटी ने एक बार फिर राज्य का देश में मान बढ़ाया है. मुंगेर की बेटी सनाया यादव ने मिस्टर एंड मिस स्टार रॉयल इंडिया नेशनल प्रतियोगिता की विनर बनकर अपने जिला ही नहीं बल्कि पूरे बिहार का नाम देश में रोशन किया है. सनाया यादव ने अपनी खूबसूरती से पूरा भारत को अपना मुरीद बना लिया है. जयपुर में संपन्न हुए इस प्रतियोगिता में देश के कोने-कोने से आई मॉडल पर भारी पड़ते हुए सनाया ने अपने हुनर को मंच पर प्रदर्शित करते हुए सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।जयपुर में संपन्न हुए मिस्टर एंड मिस स्टार रॉयल इंडिया नेशनल प्रतियोगिता में बिहार की सनाया यादव नेसभी 16 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए मिस्टर एंड मिस स्टार रॉयल इंडिया का खिताब अपने नाम किया. प्रतियोगिता में विनर होने के बाद सनाया को बिग बॉस के डोनल बेस्ट ने ट्रॉफी एवं क्राउन से सम्मानित किया. मुंगेर जिले के नौलक्खा सफियाबाद के रहने वाले शंभू यादव की पुत्री सनाया यादव ने मॉडलिंग के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार यह मुकाम हासिल किया है. इस शानदार उपलब्धि के बाद सनाया बिहार की युवतियों के लिए प्रेरणा बनेगी।बता दें कि जयपुर में आयोजित मिस्टर एंड मिस स्टार रॉयल इंडिया नेशनल प्रतियोगिता में देश के 28 राज्यों से 28 युवक एवं 16 युवतियों ने भाग लिया था. जिसमें सनाया यादव ने सभी प्रतिभागी को पीछे छोड़ते हुए इस खिताब को अपने नाम किया है. इससे पहले 4 महीने पूर्व ही सनाया ने पटना का खिताब भी जीता था. सनाया जमालपुर नोट्रेडेम एकेडमी की छात्रा रही है।बताया जा रहा है कि जयपुर में प्रतियोगिता संपन्न होने के बाद सनाया अपनी मां संगीता देवी के साथ 19 अप्रैल को मुंगेर लौट रही है. मुंगेर के लोगों को अपनी इस होनहार बेटी का बेसब्री से इंतजार है. सनाया के इस शानदार उपलब्धि पर उनके घर परिवार समाज से लेकर जिला वासियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. वहीं सनाया के नाना शिक्षाविद गणेश प्रसाद यादव ने कहा कि शहरवासी बेसब्री से सनाया के आने का इंतजार कर रहा है. मुंगेर में खुशी की लहर है. कुछ महीने पहले मिस पटना का खिताब जीतने के बाद सनाया ने कहा था कि अभी भी बेटियों को जो लोग समझते हैं कि वह बोझ है, उन्हें जवाब देना जरूरी है।

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