मंगलवार, 1 नवंबर 2022

भारत - नेपाल जिला स्तरीय सीमा समन्वय समिति की बैठक आयोजित

मोतिहारी । सीमा प्रबंधन विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के आदेशानुसार दिनांक 1 नवंबर 2022 को भारत - नेपाल जिला स्तरीय सीमा समन्वय समिति(BDCC) की बैठक आईसीपी, रक्सौल में आयोजित की गई


भारतीय प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण मोतिहारी शीर्षत कपिल अशोक एवं जिलाधिकारी पश्चिमी चंपारण कुंदन कुमार तथा नेपाल प्रतिनिधि मंडल सीडीओ परसा नेपाल उमेश कुमार ढकाल के द्वारा भारत- नेपाल के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने हेतु विस्तृत चर्चा की गई ।

नेपाल निर्वाचन के मद्देनजर 18 नवंबर से 20 नवंबर 2022 तक 72 घंटे के लिए बॉर्डर सिलिंग पर चर्चा की गई । आसूचनाओं का आदान प्रदान पर चर्चा की गई ।

केमिकल ड्रग्स कंट्रोल, क्रिमिनल एक्टिविटीज ,स्मगलिंग एवं अवैध सामग्री पर प्रतिबंध लगाने हेतु विस्तृत चर्चा की गई । मानव व्यापार पर रोक लगाने पर विशेष चर्चा की गई । बिहार में शराबबंदी को पूर्ण रूप से सफल बनाने हेतु क्रॉस बॉर्डर पर नियंत्रण हेतु विस्तृत चर्चा की गई । नेपाल में आगामी निर्वाचन के मद्देनजर सीमा सील करने, बाढ़ आपदा, सीमा क्षेत्र में विधि व्यवस्था सुदृढ़ करने आदि विषयों पर भारत नेपाल के बीच आपसी सहमति पर विस्तृत चर्चा की गई । उक्त विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं शांति पूर्ण वातावरण में दोनों देश के पदाधिकारियों के बीच वार्ता संपन्न हुई ।

समन्वय समिति की इस बैठक में भारत के तरफ सेपु लिस अधीक्षक मोतिहारी डॉ कुमार आशीष,उपविकास आयुक्त मोतिहारी समीर सौरभ,अपर समाहर्ता मोतिहारी पवन कुमार सिन्हा,अपर समाहर्ता आपदा अनिल कुमार,अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर श्रेष्ठ अनुपम,एस डी पी ओ रक्सौल चंद्रप्रकाश,पुलिस अधीक्षक बेतिया उपेंद्र नाथ वर्मा,पुलिस अधीक्षक बगहा किरण कुमार गोरख जाधव एसएसबी एवं अन्य डीआर सिंह , अमरेंद्र मोनी सिंह, अश्वनी कुमार, रामवीर यादव ,हर्मेंद्र कुमार दुबे, प्रवीण कुमार एसभी । नेपाल की तरफ से पुलिस अधीक्षक परसा रमेश कुमार बसनेत, पुलिस अधीक्षक परसा तेज प्रसाद पोखरेल ,डिप्टी इन्वेस्टिगेशन डायरेक्टर परसा दीपक खडका,चीफ कस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, बीरगंज , नवराज धुगाना ,चीफ लाइजन ऑफिसर ,बीरगंज, नेपाल , उमेश चंद्र द्विवेदी,राज कुशवाहा, कृष्णा बहादुर कटुवाल , रविंद्र बोगाटी, राजेंद्र थापा, संतोष धुंगल, कृष्णा बहादुर शाही, वीर बहादुर बुद्धा, ध्रुव बहादुर , मुकुंद बहादुर खडका , सुमन जीमेरे, भुनेश्वर तिवारी, विनोद खटीवाडा, सुशांत बरल, श्रीप्रकाश देवकोटा, चिरंजीवी शर्मा, महेश राज , सुभाष कुमार , विशाल माला, राजेंद्र प्रसाद चंदेल, भीम कांता पांडेल, निरंजन भंडारी ।







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गुरुवार, 27 अक्टूबर 2022

नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा लोकआस्थ का महापर्व छठ

नेशन संवाद संवाददाता मोतिहारी। 

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ व्रत आज नहाय खाय के साथ प्रारंभ हो जाएगा। छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्यदेव की उपासना का महापर्व है मूलत: सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे छठ कहा जाता है। पारिवारिक सुख समृद्धि तथा मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए यह पर्व मनाया जाता है।


स्त्री और पुरुष समान रूप से इस पर्व को मनाते हैं ।उक्त बातें आचार्य कृष्णानन्द दुबे  ने बताया कि चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व को छठ पूजा, डाला छठ, छठी माई ,छठ, सूर्य षष्ठी पूजा इत्यादि कई नामों से जाना जाता है।आचार्य कृष्णानन्द दुबे ने छठ महापर्व के बारे में बताते हुए कहा कि पुराणों के मुताबिक राजा प्रियंवद को कोई संतान नहीं थी। तब महर्षि कश्यप ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराकर प्रियंवद  कीजिए पत्नी मालिनी को यज्ञ आहुति के लिए बनाई गई खीर दी। इससे उन्हें पुत्र हुआ लेकिन वह मृत पैदा हुआ। प्रियंवद पुत्र को लेकर श्मशान गए और पुत्र वियोग में प्राण त्यागने लगे। उसी वक्त भगवान की मानस पुत्री देवसेना प्रकट हुई और उन्होंने कहा, "सृष्टि की मूल प्रवृत्ति के छठे अंश से उत्पन्न होने के कारण मैं षष्ठी कहलाती हूं राजन तू मेरी पूजा करो और इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित करो"। राजा ने पुत्र इच्छा से देवी षष्ठी का व्रत किया और उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। यह पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को हुई थी। एक मान्यता के अनुसार, लंका पर विजय पाने के बाद राम राज्य की स्थापना के दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी को भगवान राम और माता सीता ने उपवास किया और सूर्य देव की पूजा की।सप्तमी को सूर्योदय के वक्त फिर से अनुष्ठान कर सूर्यदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया था । यही परंपरा तब से अब तक चली आ रही है।






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