गुरुवार, 18 जनवरी 2024

यूपी मीडिया से सच गायब है, जानिए क्या है सच

उत्तर प्रदेश से एक अजीब खबर सामने आ रही है। जिसके मुताबिक यहां के ज्यादातर जिलों में एक खास तरह के होर्डिंग्स-बैनर लगे हुए नजर आ रहे हैं। वाराणसी में सैकड़ों लोग अपनी पीठ पर विशेष नारे लिखी तख्तियां लेकर मानव श्रृंखला के रूप में निकलते दिख रहे हैं।


इन सभी तख्तियों, बैनरों और होर्डिंग्स में लिखा है कि, 'यूपी मीडिया से सच्चाई गायब है' वाराणसी से भी 14 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें लोग चुपचाप एक लाइन में एक साथ चल रहे हैं। पूर्वांचल के कई शहरों में लगे ऐसे बैनर और होर्डिंग पत्रकारों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि, ये होर्डिंग्स और बैनर-तख्तियां कहां, कौन और क्यों जंगल की आग की तरह फैल रही हैं, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। ये होर्डिंग्स क्रमशः मिर्ज़ापुर, वाराणसी, चंदौली, ग़ाज़ीपुर, आज़मगढ़, मऊ, जौनपुर और बलिया में लगे हुए देखे जा रहे हैं, जिन्हें जिलेवार नीचे दिखाया गया है।

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सोमवार, 23 मई 2022

उत्तर प्रदेश (UP) में गौ आधारित कृषि के लिए प्रशिक्षित किए जायेंगें किसान, प्राकृति खेती को मिलेगी बढ़ाबा



Cow Based Farming - यूपी में गौ आधारित कृषि को बढ़ाबा देने के मकसद से उत्तर प्रदेश की सरकार ने वहां के किसानों को प्रशिक्षण देने का एलान किया है, यह प्रशिक्षण 24 मई से 9 जून तक राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान द्वारा रहमन खेड़ा में दिया जाएगा। जो भी किसान यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे , उन्हें उनके जिले में मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा जो अन्य किसानों को प्रशिक्षित करेंगें और सिखाएंगें ।
देश मे कृषि को सस्ता और टिकाऊ बनाने के लिए अब किसानों को भी नई तकनीक की जानकारी देना जरूरी हो गया है, जिससे उन्हें भी खेती से अधिक लाभ मिले, इसके लिए सरकार लगातार जैविक फार्मिंग और प्रकृतिक खेती पर ध्यान दे रही है। इस दोनों तरह की खेती में गौमूत्र और गोबर की आवश्यकता होती है जो हमारे किसान के पास आसानी से उपलब्ध हो जाएगी, यही कारण है कि किसानों को गौ आधारित कृषि को बढ़ाबा दिया जा रहा है व ट्रेनिंग दिया जा रहा है जिससे किसान को खेती में कम लागत लगे और अधिक मुनाफा हो ।इन सब फायदों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को गौ आधारित कृषि का प्रशिक्षण देने का एलान किया है।किसानों को यह ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश की कई जिलों में कृषि विभाग द्वारा लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी विंध्याचल, कानपुर, देवीपाटन, गोरखपुर बस्ती, प्रयागराज, आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, झांसी, मुरादाबाद, मेरठ व बरेली में दिया जाएगा। गौ आधारित कृषि में गौमूत्र और गोबर का उपयोग किया जाता है , जो आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसमें बाहरी रासायनिक तत्व की जरूरत नही पड़ती है।गौ आधारित कृषि के कई फायदे हैं , जिसमे किसानो को कम लागत लगता है, संसाधन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और इसमें प्राकृतिक संसाधन का ज्यादा इस्तेमाल होगा साथ ही इससे हमारे पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ेगा और फसल को उचित पोषक तत्व प्राप्त होगा।इससे हम सब को अच्छे सब्जी मिलेगी जिसमे कम रासायनिक तत्व का उपयोग होगा और मनुष्य के शरीर पर कम प्रभाव पड़ेगा।

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