शुक्रवार, 31 जनवरी 2025

नर्सिंग फर्जीवाड़े को लेकर NSUI का हल्लाबोल,नर्सिंग फर्जीवाड़े में शामिल गांधी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर एवं नर्सिंग स्टाफ पर हो सख्त कार्रवाई – NSUI

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने गांधी मेडिकल की डीन से की शिकायत

फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में निरीक्षणकर्ता की अहम भूमिका थी - रवि परमार

भोपाल :- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ( एनएसयूआई ) ने गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल की डीन को शिकायत कर मांग की है कि प्रदेश में हुए नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में शामिल प्रोफेसरों एवं नर्सिंग स्टाफ पर त्वरित कार्रवाई की जाए।


एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने बताया कि नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुई अनियमितताओं में निरीक्षण अधिकारियों की अहम भूमिका रही है, जिसमें गांधी मेडिकल कॉलेज के कई प्रोफेसर एवं नर्सिंग स्टाफ संलिप्त पाए गए थे उन्होंने अनसूटेबल नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में अनैतिक सहयोग किया, जिससे प्रदेश की नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। इस घोटाले से जुड़े कई अधिकारियों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है ।


रवि परमार ने बताया कि गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के एक प्रोफेसर डॉ. हरि सिंह मकवाना पर नर्सिंग फर्जीवाड़े में एफआईआर दर्ज की हुई थी , लेकिन उनकी सेवाएं आज तक समाप्त नहीं की गई हैं एनएसयूआई ने डॉ मकवाने का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की मांग को लेकर  मप्र मेडिकल काउंसिल की रजिस्ट्रार को भी शिकायत कि हैं । 

नर्सिंग महाघोटाले में जिनको नोटिस जारी हुए थे उनमें जीएमसी के पूर्व प्राचार्य रोसी शाहुल समेत प्रोफेसर में डॉ जितेंद्र महावर , डॉ हरिसिंह मकवाना , डॉ संदीप कुमार मर्सकोले , डॉ वीरेंद्र धुर्वे वहीं नर्सिंग स्टाफ में रजनी नायर , प्रियदर्शनी डेहरिया दीपिका कुंभारे , राजश्री मालवीय शामिल हैं । 

एनएसयूआई की प्रमुख मांगें:-

1. नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में शामिल गांधी मेडिकल कॉलेज के सभी दोषी प्रोफेसरों एवं नर्सिंग स्टाफ पर त्वरित कार्रवाई हो।
2. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
3. भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।


रवि परमार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो एनएसयूआई छात्र हित में बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इस विषय में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है ।

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गुरुवार, 16 जनवरी 2025

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद नर्सिंग के योग्य अभ्यर्थियों को मिला न्याय

दिग्विजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद एक्शन में सरकार, योग्य अभ्यर्थियों को मिलेगा नर्सिंग कॉलेजों में दाखिला

NSUI ने कहा: छात्र-छात्राओं की बढ़ी जीत, योग्य अभ्यर्थियों को मिलेगा प्रवेश

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने अधिकारियों दिए त्वरित समाधान के निर्देश

भोपाल - नर्सिंग के छात्र-छात्राओं की एडमिशन की समस्या को लेकर NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मंगलवार को सतपुड़ा भवन पहुंचकर विरोध दर्ज कराया था। साथ ही , छात्रों की समस्या को पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के समक्ष रखा था। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का आश्वासन दिया था।


दिग्विजय सिंह ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में आई विसंगतियों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। इसके परिणामस्वरूप, आज उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लिया।


उप मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में 12वीं में हिंदी विषय न पढ़ने वाले छात्रों के चयन में आई विसंगतियों को इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मानकों के अनुरूप हल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग्य अभ्यर्थियों को समय पर प्रवेश मिलना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके भविष्य पर कोई संकट न आए।




NSUI ने कहा: छात्र छात्राओं का संघर्ष रंग लाया

NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा, "यह सभी छात्रों की जीत है। NSUI हमेशा छात्रों के हक के लिए लड़ती आई है और आगे भी छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय उन सैकड़ों छात्रों के लिए राहत है, जिनका भविष्य अधर में लटका हुआ था।"



रवि परमार ने कहा कि छात्रों के 12वीं में हिंदी विषय न होने की वजह से प्रवेश प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा था, जबकि यह नियम इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मानकों के खिलाफ है। परमार ने कहा कि यह संघर्ष एक बड़ी सफलता है और यदि भविष्य में भी छात्रों के साथ अन्याय होगा , तो संगठन पूरी ताकत के साथ उनका समर्थन करेगा।



बता दें कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस संबंध में ट्वीट कर कहा था कि मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग का यह अजीब निर्णय है। चयनित छात्रों के रजिस्ट्रेशन निरस्त इसलिए किए जा रहे हैं क्योंकि उन्होंनें अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा ली है। जब की केंद्रीय नर्सिंग कौंसिल के नियमों में अंग्रेजी मीडियम की बाध्यता है। 


मोहन यादव जी यह आपको बदनाम करने का क्या षड्यंत्र है? आपके गुरु जेपी नड्डा जी केंद्रीय मंत्री कहते हैं अंग्रेज़ी मीडियम से पढ़ो आप कहते हैं हिंदी मीडियम से पढ़ो!! इन बच्चों के भविष्य को आप क्यों बिगाड़ रहे हैं? आपकी सरकार ने जो नियम बनाये है वे भी आप 24/12/2024 को प्रकाशित कर रहे हैं जब की नतीजे उसके पहले आ गए। क्या यह केवल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कुछ परभावशाली लोगों के बच्चों का चयन नहीं हुआ? क्या यह सही है?' 




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शुक्रवार, 29 मार्च 2024

NSUI की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा, मध्य प्रदेश के अंकुश भटनागर बने राष्ट्रीय महासचिव, करण और देवकी बनी राष्ट्रीय सचिव

मध्यप्रदेश के अंकुश भटनागर बने एनएसयूआई के राष्ट्रीय महासचिव 


भोपाल - भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। गुरुवार को घोषित इस कार्यकारिणी में आठ राष्ट्रीय महासचिव एवं 48 राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किए गए हैं। इनमें मध्य प्रदेश के छात्र नेता अंकुश भटनागर को राष्ट्रीय महासचिव एवं करण तामसेतवार और देवकी पटेल को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है ।




एनएसयूआई नेता रवि परमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल जी ने गुरुवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची जारी की। परमार ने राष्ट्रीय नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह अत्यंत गौरव का विषय है कि मध्य प्रदेश के तीन छात्र नेताओं को कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है। 


परमार के मुताबिक तकरीबन 20 साल बाद मध्य प्रदेश से किसी छात्र नेता को एनएसयूआई राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अंकुश भटनागर पहले भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सचिव समेत कई राज्यों के प्रभारी भी रह चुके हैं। परमार ने कहा कि इन नियुक्तियों ने मध्य प्रदेश में संगठन मजबूत होगी और छात्र हितों में संघर्षरत युवाओं का उत्साहवर्धन होगा।

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मंगलवार, 6 फ़रवरी 2024

हरदा की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, अब तक 6 लोगों की मौत; 50 से ज्यादा झुलसे: साजिश या हादसा

हरदा से सुयश की रिपोर्ट: 
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में पटाखा की फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ है. इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 59 लोग झुलस गए हैं
मुख्यमंत्री मोहन यादव : मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी, मृतकों के परिवार को 4-4 लाख का मुआवजा दिया जाएगा,इसके अलावा उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्चा भी सरकार उठाएगी।

रेस्क्यू करने के लिए SDRF की टीम पहुंच गई है, ये हादसा है की साजिश इस पर संशय है, इस घटना का सामने आया वीडियो बेहद डरावना है, जिसमें धमाके के बाद आग की ऊंची-ऊंची लपटें दिखाई दे रही हैं. इसके अलावा लोग इधर से इधर भागते हुए दिख रहे हैं, 2 km तक भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए जिसके कारण आस पास के घर की दीवारों में दरारें आ गई है,लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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मंगलवार, 26 सितंबर 2023

Madhya pradesh: भोपाल पहुंचे पीएम मोदी का मेडिकल स्टूडेंट्स ने किया विरोध, आसमान में छोड़े सैंकड़ों काले गुब्बारे

नर्सिंग स्टूडेंट्स ने भोपाल में छोड़े सैंकड़ों काले गुब्बारे, PM के सुरक्षा में लगे अधिकारियों में हड़कंप


नर्सिंग परिक्षाओं पर रोक के कारण अधर में लटका है हजारों छात्रों का भविष्य, रुकी हुई परिक्षाओं को शुरू कराने के निर्देश दें प्रधानमंत्री: छात्र नेता रवि परमार


नर्सिंग के सत्र 2023-24 को शून्य ईयर करना सरकार कि विफलता, छात्र अन्य राज्यों में पलायन करने को होंगे मजबूर - रवि परमार


भोपाल - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को एकदिवसीय दौरे पर भोपाल पहुंचे। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच नर्सिंग स्टूडेंट्स ने भोपाल में पीएम मोदी का विरोध करने का अनोखा तरीका निकाला। नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने विरोध स्वरूप आसमान में सैंकड़ों काले गुब्बारे छोड़े। गुब्बारों के माध्यम से नर्सिंग स्टूडेंट्स ने पीएम मोदी से पूछा कि हमारी परिक्षाएं कब होगी।



एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार के नेतृत्व में सोमवार सुबह नर्सिंग स्टूडेंट्स सैंकड़ों गुब्बारे लेकर चेतक ब्रिज के पास पहुंच कर एक ऊंची इमारत के ऊपर से उन्होंने स्लोगन लिखे गुब्बारों को खुले आसमान में छोड़े। इन गुब्बारों पर लिखा था, 'मोदी जी नर्सिंग परिक्षाएं कब होंगी' अन्य गुब्बारों पर लिखा था कि 'मोदी जी नर्सिंग महाघोटाले के आरोपी मंत्री के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी'


भोपाल के जंबूरी मैदान में कार्यक्रम स्थल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर अधानक काले गुब्बारे उड़ने से सुरक्षा अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसपीजी अधिकारियों से लेकर स्थानीय पुलिस बल तत्काल हरकत में आ गई। दरअसल, पीएम मोदी के दौरे के कारण जंबूरी मैदान के आसपास नो फ्लाइंग जोन घोषित किया था। जंबूरी मैदान के तीन किमी के दायरे में पैराग्लाइडर, ड्रोन, हॉट बलून और अन्य फ्लाइंग ऑब्जेट पर प्रतिबंध लगाया गया था। 


नर्सिंग स्टूडेंट्स का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता रवि परमार ने कहा कि, 'मध्यप्रदेश में हुए नर्सिंग घोटाले की वजह से मध्य प्रदेश के लाखों छात्र छात्राओं का भविष्य अधर में अटक चुका है। साथ ही मध्यप्रदेश सरकार नर्सिंग के सत्र 2023-24 को जीरो ईयर करने की तैयारी में है। ऐसे में नर्सिंग की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले प्रदेश के छात्र छात्राओं को अन्य राज्य की और पलायन करना होगा।


गुब्बारों पर प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की फोटो लगा कर नोटों की माला पहनाई गई छात्र छात्राओं का कहना हैं कि हम मध्यम वर्गीय परिवार से हमने लाखों रूपए लोन लेकर कालेज की फीस भर दी लेकिन नर्सिंग घोटाले की वजह से हमारा भविष्य अधर में लटक गया जो कुछ पैसे बचे थे वो हमने प्रधानमंत्री को समर्पित करते हुए परीक्षा करवाने की मांग की हैं


रवि परमार ने कहा कि कई प्रयास के बावजूद पुलिस प्रशासन हमें पीएम मोदी को ज्ञापन देने से रोक देती है ऐसे में काले गुब्बारों के माध्यम से हमने प्रधानमंत्री को नर्सिंग घोटाले की ओर ध्यान आकर्षित करवाना चाहते हैं। पीएम मोदी से हमारी मांग है कि नर्सिंग घोटाले को संज्ञान में लेकर उच्चस्तरीय जांच कराएं और दोषी मंत्रियों को पद से हटाएं। साथ ही जल्द से जल्द नर्सिंग परिक्षाएं कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएं।


परमार ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में नर्सिंग कालेजों के फर्जीवाड़े की वजह से लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य अधर में अटक गया। पिछले तीन सालों से छात्र छात्राओं की परीक्षाएं नहीं हुई। वहीं परीक्षा की मांग करने पर मध्यप्रदेश के नर्सिंग छात्र-छात्राओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा झूठे मुकद्दमे दर्ज़ कर 10-20 और 50 हजार रुपए तक के बांड भरवाएं जा रहें हैं ताकि उनकी आवाज को दबाया जा सके।


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मंगलवार, 22 अगस्त 2023

Madhya Pradesh 3 सालों से नहीं हुई नर्सिंग छात्र छात्राओं की परीक्षाएं, अधिवक्ता वरूण तन्खा हाईकोर्ट जाएंगे

नर्सिंग छात्र छात्राओं की परीक्षा की मांग की लड़ाई हाईकोर्ट में निशुल्क लड़ेंगे अधिवक्ता वरूण तन्खा


एनएसयूआई नेता रवि परमार ने अधिवक्ता वरूण तन्खा से मुलाकात कर नर्सिंग छात्र छात्राओं की समस्याओं से अवगत करवाया


भोपाल - मध्यप्रदेश में नर्सिंग घोटाला की वजह से लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय में हो चुका हैं। एनएसयूआई नेता रवि परमार लगातार नर्सिंग छात्र छात्राओं लड़ाई लड़ रहे हैं। इस क्रम में रवि परमार को पुलिस कई बार गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। नर्सिंग छात्र छात्राओं की मांगों को लेकर रवि परमार मंत्री के बंगले घेराव से लेकर राजभवन तक पैदल मार्च कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। 



छात्र नेता रवि परमार ने नर्सिंग छात्र छात्राओं की लड़ाई अब हाईकोर्ट में लड़ेंगे। नर्सिंग परीक्षा और अन्य मांगों को लेकर परमार ने मंगलवार को अधिवक्ता वरूण तन्खा से मुलाकात की। साथ ही हाईकोर्ट से परीक्षा पर रोक हटाने को लेकर चर्चा की। इस दौरान अधिवक्ता वरूण तन्खा ने कहा कि मैं मध्यप्रदेश के नर्सिंग छात्र छात्राओं की लड़ाई में निशुल्क लडूंगा। 


रवि परमार ने बताया कि 27 फरवरी 2023 को ग्वालियर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान द्वारा आयोजित नर्सिंग और पैरामेडिकल की परीक्षाओं की पर रोक लगा दी जोकि भाजपा सरकार और मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की लापरवाही के चलते मामला हाईकोर्ट में चल रहा हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को जांच के आदेश भी दिए लेकिन अभी तक दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई ।


रवि परमार ने कहा कि नर्सिंग और पैरामेडिकल के लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य सरकार की वजह से अधर में लटका चुका हैं लेकिन एनएसयूआई छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी हम सड़क से लेकर उच्च न्यायालय तक छात्र छात्राओं के हक और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे और नर्सिंग घोटाले में जो दोषी मंत्री अधिकारी और जिन्हें निरीक्षण कर फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी सभी भ्रष्टाचारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करवाकर सलाखों के पीछे पहुंचाएंगे ।


अधिवक्ता वरूण तंखा हाईकोर्ट में नर्सिंग छात्र छात्राओं के हक की लड़ाई निशुल्क लड़ेंगे साथ ही छात्र नेता रवि परमार पर छात्र छात्राओं की आवाज उठाने पर दर्ज किए गए झूठे मुकद्दमों के खिलाफ भी हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ेंगे । 

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