शनिवार, 22 अप्रैल 2023

Bihar: बी एड प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित, आरा की नेहा बनी परीक्षा की टॉपर।

पटना ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को दो वर्षीय बीएड एवं शिक्षा शास्त्री में नामांकन को लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2023 (सीईटी-बीएड) का रिजल्ट ऑनलाइन जारी किया।



भोजपुर जिले की नेहा कुमारी 120 में 99 अंक लाकर ओवरऑल टॉपर रहीं. वहीं सीतामढ़ी जिले के धीरज कुमार ने दूसरा और अररिया के शुभम दत्ता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया. प्रवेश परीक्षा के कुल एक लाख 65 हजार छह सौ 76 अभ्यर्थियों में से एक लाख 43 हजार छह सौ 48 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए हैं. 89.66 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने सफलता पाई है. इनमें महिला वर्ग से परीक्षा में उपस्थित 87 हजार पांच सौ 94 परीक्षार्थियों में 70 हजार सात सौ 48 ने सफलता पाई. वहीं, पुरुष वर्ग में 78 हजार 82 में 72 हजार नौ सौ अभ्यर्थी सफल रहे. 

ईबीसी में 41 हजार छह सौ सात सफल 

मालूम हो कि इस वर्ष अनारक्षित वर्ग से परीक्षा में उपस्थित 24 हजार पांच सौ 11 अभ्यर्थियों में 17 हजार छह सौ 79 सफल घोषित हुए हैं. एसटी वर्ग से 1219 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इसमें सर्वाधिक 1092 ने सफलता हासिल की है. एससी वर्ग से 22 हजार आठ सौ 47 परीक्षार्थी उपस्थित हुए थे. इनमें 19 हजार चार सौ 52 ने परीक्षा पास की. ईडब्ल्यूएस श्रेणी से प्रवेश परीक्षा में शामिल 15 हजार दो सौ 69 अभ्यर्थियों में 14 हजार दो सौ 91 सफल हुए हैं. इस वर्ष ईबीसी श्रेणी से 46 हजार पांच सौ 89 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसमें 41 हजार छह सौ सात ने सफलता हासिल की. वहीं बीसी वर्ग से 55 हजार दो सौ 41 अभ्यर्थियों परीक्षा दी थी. इसमें 49 हजार पांच सौ 27 अभ्यर्थियों ने सफलता पाई है. जबकि दो वर्षीय शिक्षा शास्त्री में कुल उपस्थित 194 अभ्यर्थियों में 146 सफल घोषित हुए हैं. इसमें 51 महिला और 95 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं. इस वर्ष ट्रांसजेंडर वर्ग से एक भी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ था. इस कारण इस वर्ग की उपस्थिति शून्य दर्ज की गई. मौके पर बीएड राज्य नोडल पदाधिकारी प्रो. अशोक कुमार मेहता, कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद, चार वर्षीय इंट्रीग्रेटेड कोर्स के राज्य नोडल पदाधिकारी प्रो. अरुण कुमार ङ्क्षसह समेत अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे. 


पिछड़ा वर्ग से सर्वाधिक अभ्यर्थियों ने पास की परीक्षा 


परीक्षा में पिछड़ा वर्ग श्रेणी के 55 हजार दो सौ 41 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसमें सर्वाधिक 49 हजार पांच सौ 27 अभ्यर्थी सफल हुए. दूसरे नंबर पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी रहे. अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की. तीसरे स्थान पर सामान्य (अनारक्षित) वर्ग के अभ्यर्थी रहे. अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों का भी दबदबा रहा. 

10 आवर-ऑल अभ्यर्थियों की सूची


नाम पूर्णांक प्राप्तांक जिला 


1. नेहा कुमारी 120 99 भोजपुर

2. धीरज कुमार 120 98 सीतामढ़ी

3. शुभम दत्ता 120 98 अररिया

4. रवि कुमार 120 97 समस्तीपुर

5. अभिषेक 120 97 गया

6. कृपा शंकर 120 97 वैशाली

7. कृष्ण कुमार कर्ण 120 96 समस्तीपुर

8. गुलशन कुमार 120 96 मधेपुरा

9. ङ्क्षप्रस कुमार 120 96 सुपौल

10. शिशिर कुमार 120 96 गया

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गुरुवार, 8 सितंबर 2022

बिहार: 4 लाख छात्राओं के लिए खुशखबरी, अक्टूबर अंत तक खाते में 25 हजार रुपए

PATNA : इंटर पास छात्राओं के लिए खुशखबरी है। उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (25-25 हजार रुपए) अक्टूबर के अंत तक उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। 2022 में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस संकाय में कुल 5 लाख 25 हजार 877 छात्राएं सफल हुईं हैं। मुख्यमंत्री कन्या प्रोत्साहन योजना के तहत के तहत इंटरमीडिएट पास ऐसे छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिनकी शादी न हुई हो। इस साल करीब 4 लाख से ज्यादा छात्राओं को ये राशि दी जाएगी।

शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को प्रोत्साहन राशि जारी करने का प्रस्ताव भेज दिया है। महीने के अंत में वित्त विभाग से राशि की स्वीकृति मिलने की संभावना है, जिसके बाद ये राशि बिहार बोर्ड को भेज दी जाएगी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यम से छात्राओं के खाता में प्रोत्साहन राशि जाएगी। इंटरमीडिएट छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के लिए लगभग एक हजार करोड़ से ज्यादा की जरुरत होगी। पहले ये प्रोत्साहन राशि 10 हज़ार थी लेकिन 1 अप्रैल 2022 से सरकार ने 25 हजार देने का ऐलान कर दिया था। 
वहीं, ग्रेजुएशन में सफल छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने के लिए 35 करोड़ की राशि निकासी का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। राशि मिलने बाद अक्टूबर में लगभग 14 हजार छात्राओं के अकाउंट में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। अभी तक पिछले चार सत्रों 2015 18, 2016-19, 2017-20 और 2018-21 सत्र के लगभग 1.40 लाख ग्रेजुएट छात्राओं को 25-25 हजार रुपए की दर से 350* करोड़ भुगतान होना बाकी है।

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गुरुवार, 18 अगस्त 2022

BPSC 67वीं परीक्षा की तिथि तय, देखे पूरी जानकारी

PATNA: पटना से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है जो BPSC की परीक्षा से जुड़ी है। 67वीं BPSC के PT की परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। इस परीक्षा का बेसब्री से परीक्षार्थी इंतजार कर रहे थे। अब उनके इंतजार की घड़ी खत्म हो गयी है। 20 और 22 सितंबर को BPSC पीटी की परीक्षा होगी। दो शिफ्टों में यह परीक्षा ली जाएगी। जिसमें 6 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होंगे। 

गौरतलब है कि 8 मई को यह परीक्षा रद्द हुई थी। पेपर लीक होने के बाद बीपीएसएसपी ने 67वीं पीटी परीक्षा को रद्द कर दिया था। जिसके बाद सभी सेंटरों की परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अब यही परीक्षा दो दिन आयोजित होगी। बिहार लोक सेवा आयोग ने परीक्षा की तिथि तय कर दी है। 20 और 22 सितंबर को पीटी की परीक्षा होगी।इस बार एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र में एंट्री दी जाएगी। वही प्रश्न पत्रों का सील परीक्षा हॉल में ही खोला जाएगा। परीक्षार्थियों के सामने ही ओएमआर खोले जाएंगे। प्रश्नपत्र ले जाने के लिए इस बार जीपीएस का इस्तेमाल होगा। पीटी की परीक्षा के लिए बीपीएससी पूरी तैयारी में जुटी है। 






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गुरुवार, 14 जुलाई 2022

एनसीसी उड़ान द्वारा विमेंश कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो डॉ सुनीता सिन्हा एवं एनसीसी पदाधिकारी प्रो फरहत जुबीन को किया गया सम्मानित

एनसीसी उड़ान (यूनाईटेड एवं डिसप्लिनड एलुमनाई एसोसिएशन ) पटना के द्वारा समस्तीपुर के वीमेंस कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो डॉ सुनीता सिन्हा एवं एनसीसी पदाधिकारी प्रो फरहत जुबीन को सम्मानित किया गया! समस्तीपुर एनसीसी उड़ान के district Nodel अमरजीत कुमार ने एनसीसी कैडेट को अग्नीपथ योजना, तथा तथा उड़ान के द्वारा चलाए जा रहे सभी गतिविधियों को कैडेट्स को सविस्तार समझाया!
उड़ान के कार्यक्रम संयोजक ऋषिकेश झा ने बताया कि उड़ान के द्वारा विभिन्न साहसिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता हैं! प्रो डॉ सुनीता सिन्हा ने बताया उड़ान एनसीसी कैडेटों और एनसीसी पूर्व छात्रों के बीच नेतृत्व गुणों, संसाधनशीलता और उत्साह का दोहन करने के लिए और उन्हें भारत के युवाओं के साथ ऐसी गतिविधियों में शामिल करना जो आत्मा निर्भर भारत को बढ़ावा और समर्थन देता है, जो "आत्मनिर्भर भारत" या "आत्मनिर्भर भारत" का अनुवाद करता है। भारत" शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और पोषण, सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता, चिकित्सा राहत, पर्यावरण का संरक्षण, खेल और फिटनेस, कुटीर उद्योग का समर्थन और वृद्धि, विकलांग, आर्थिक रूप से वंचित, सामाजिक रूप से पिछड़े आदि को सहायता करने के लिए कैडेट्स को प्रेरित करता! मौके पर एनसीसी उड़ान के बोर्ड मेंबर प्रीति , रिया, प्रियांशु तथा अन्य कैडेट्स उपस्थित थे

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सोमवार, 11 जुलाई 2022

स्लग मधुबनी मे जिलास्तरीय पदाधिकारियों की साप्ताहिक समन्वय एवम विकासात्मक समीक्षा बैठक हुई

मधुबनी/बिहार जिलास्तरीय पदाधिकारियों की साप्ताहिक समन्वय एवम विकासात्मक समीक्षा बैठक हुई आयोजित।-----माननीय न्यायायलय में लंबित मामलों को पूरी गंभीरता से ले पदाधिकारी -उप विकास आयुक्त।
उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलास्तरीय पदाधिकारियों की साप्ताहिक समन्वय एवम विकासात्मक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि सी डब्ल्यू जे सी, एमजेसी वादों में प्रति शपथ पत्र दाखिल करने की प्रगति काफी धीमी है। उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि हर हाल में सर समय प्रति शपथ पत्र दाखिल करें। उन्होंने प्रभारी उन्होंने उप समाहर्ता जिला विधि शाखा को निर्देश दिया कि सी डब्ल्यू जे सी एमजेसी,एलपीए की लंबित सूची प्रत्येक गुरुवार को ग्रुप पर भेजना सुनिश्चित करें ताकि संबंधित अधिकारी द्वारा कृत कार्रवाई का अनुपालन प्रतिवेदन शुक्रवार को जिला विधि शाखाका को भेज सकें ।उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को पूरी गंभीरता के साथ लेते हुए उसका ससमय निष्पादन हेतु सभी आवश्यक करवाई करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु के मामले में मुआवजा का भुगतान शीघ्र करें एवम हिट एवं रन के मामले में मुआवजा की राशि संबंधित इंश्योरेंस कंपनी से प्राप्त करें और आवश्यकता अनुसार मामला ट्रिब्यूनल को भी भेजें ।नीलाम पत्र वादों की समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि अभी भी काफी संख्या में वाद लंबित हैं। उप विकास आयुक्त ने कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद नीलाम पत्र पर अधिकारियों द्वारा वादों के निष्पादन में अपेक्षित अभिरुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि हर हाल में ससमय नीलाम पत्र वादों का निष्पादन करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने उपस्थित सभी पदाधिकारियो से कहा कि जनहित में सभी कार्यों का ससमय निष्पादन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में होनी चाहिये। उन्होंने आरटीपीएस, सूचना का अधिकार व सेवांत लाभ आदि मामलों की भी गहन समीक्षा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मी के रिटायर्ड होने पर किसी भी परिस्थिति में उनका सेवांत लाभ ससमय दे दिया जाना चाहिए। यदि किसी कर्मी पर बकाया राशि का मामला लंबित हो तो उतनी ही राशि की निकासी रोकते हुए शेष राशि का विधिवत लाभ उन्हें मुहैया करा दिया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने न्यायालय में लंबित मामले,आरटीपीएस, मानवाधिकार से सबंधित मामले आदि का भी विस्तृत समीक्षा किया एवम सबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उक्त बैठक में , जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, परिमल कुमार,वरीय उप समाहर्ता, विकास कुमार सहित, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, मधुबनी अश्वनी कुमार सहित जिले के सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।





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शुक्रवार, 8 जुलाई 2022

सैलरी के 23 लाख का चेक लौटाने की बात कहकर सुर्खियों में आने वाले बिहार के असिस्टेंट प्रोफेसर ने मांगी माफी

बिहार के असिस्टेंट प्रोफेसर ललन कुमार छात्रों को बिना पढ़ाये हुए सैलरी लेने से इनकार कर एकाएक चर्चा में आ गए थे। दो साल नौं महीने की वेतन में मिले 23 लाख रुपए लौटाने की पेशकश कॉलेज प्रशासन से की थी। साथ ही यह तर्क दिया कि कॉलेज में छात्र पढ़ने नहीं आते इसलिए वह वेतन लेने के हकदार नहीं हैं। लेकिन अब वह‌ अपने बयान से पलट गए हैं।
अकांउट में एक हजार से भी कम बैलेंस 
दरअसल इस मामले पर अब उनका कहना हैं कि ट्रांसफर ना होने से दुःखी होकर उन्होंने यह बयान दिया था, और कॉलेज में छात्रों की अनुपस्थिति भी गलत बात हैं। बताते चलें कि वर्तमान में ये असिस्टेंट प्रोफेसर ललन कुमार महोदय भीमराव आंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी के नीतीश्वर सिंह कॉलेज में कार्यरत हैं। सैलरी लौटाने को लेकर अपना आवेदन विश्वविद्यालय के कुलसचिव को दिया था, जिसमें अपने 2 साल 9 महीने का वेतन 23 लाख रुपए का चेक दिया गया था। जिसकी चर्चा देशभर में की जा रही थी। वहीं बता दें कि 23 लाख का चेक काटने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर ललन कुमार के बैंक अकाउंट में एक हजार से भी कम बैलेंस हैं। 
कॉलेज में छात्रों की अनुपस्थिति की बात गलत 

वहीं अब इस पूरे मामले पर नीतीश्वर कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज में छात्र नहीं आने की बात पूरी तरह से गलत हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर ने तबादले को लेकर इस तरह की बात कही हैं। लेकिन अब यूनिवर्सिटी अपने स्तर से इस मामले को देख रहा हैं। कॉलेज के छात्र -छात्राओं का भी कहना हैं कि नियमित हिंदी की पढ़ाई होती हैं, यहां तक कि असिस्टेंट प्रोफेसर ऑनलाइन क्लास भी खुद कराते थे।

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सोमवार, 27 जून 2022

स्नातक द्वितीय खण्ड विज्ञान प्रतिष्ठा 2019- 22 सत्र का परीक्षाफल प्रकाशित

विश्वविद्यालय के सभी सत्र दिसंबर,2022 तक होगें पूर्णत: नियमित- कुलसचिव ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातक द्वितीय खण्ड विज्ञान प्रतिष्ठा 2019- 22 सत्र के परीक्षाफल का प्रकाशन कुलपति प्रोफेसर एस पी सिंह द्वारा किया गया। छात्र अपना परीक्षाफल विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर देख सकते हैं। प्रकाशित परीक्षाफल के अनुसार 71.7 4% छात्र उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं, जबकि 18.26% प्रमोटेड एवं मात्र 2.25% अनुत्तीर्ण हुए हैं। वहीं लंबित परीक्षाफल मात्र 0.022% है। विश्वविद्यालय के स्नातक विज्ञान प्रतिष्ठा में कुल 27747 छात्रों में से करीब 7.7 2% अर्थात् 2143 छात्र परीक्षा में अनुपस्थित हुए थे, जबकि मात्र 6 छात्रों का परीक्षाफल लंबित है और 624 छात्र अनुत्तीर्ण हुए। प्रकाशित परीक्षाफल के अनुसार 19907 छात्र उत्तीर्ण घोषित किए गए। परीक्षाफल प्रकाशन के समय विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफ़ेसर मुश्ताक अहमद, परीक्षा नियंत्रक डॉ आनंद मोहन मिश्र, डॉ अवनि रंजन सिंह, प्रो अशोक कुमार मेहता, प्रो विजय कुमार यादव, प्रेस- मीडिया प्रभारी डा आर एन चौरसिया व सैयद मो जमाल अशरफ सहित परीक्षा विभाग के कई कर्मी उपस्थित थे। कुलसचिव प्रो अहमद ने बताया कि विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के सदस्यों के कठिन परिश्रम के कारण ही लगातार परीक्षाफल क प्रकाशन हो रहा है। उम्मीद है कि निकट भविष्य में ही बाकी सभी परीक्षाओं का परीक्षाफल प्रकाशन कर दिया जाएगा। साथ ही दिसंबर- 2022 तक विश्वविद्यालय के सत्र पूर्णतः नियमित हो जाएंगे। उन्होंने परीक्षाफल प्रकाशन हेतु परीक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों को साधुवाद दिया।

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मंगलवार, 31 मई 2022

बिहार में 5 कॉलेज के B ED का मान्यता रद्द, नामांकन लेने से पहले जान ले कॉलेज का लिस्ट

बिहार में कई बीएड ट्रेनिंग कॉलेज है जिन्की मान्यता रद्द कर दी गई है।जी हा इस सब में सबसे अहम बात ये हैं की इन सब कॉलेजो में कुछ सरकारी कॉलेज भी सामिल हैं, तो ऐसे में हम आपको बताते हैं की ये कौन से बीएड कॉलेज है किनकी मान्यता रद्द हुई है, तो चलिये ,

NCTE ने बड़ी कदम उठते हुए बिहार के पांच बी.एड ट्रेनिंग कॉलेजो की मान्यता रद्द कर दी है। इसमें दो सरकारी और तीन प्राइवेट बीएड कॉलेज भी शामिल हैं। इन सभी कॉलेजों ने परफॉर्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट नहीं भरी । इनमें दो सरकारी कॉलेज का नाम हैं पहली गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज (सहरसा) और दुसरी गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज (छपरा)।और तीन अन्य प्राइवेट कॉलेजों में से पहला महात्मा बुद्ध टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज (सीतामढ़ी), दूसरा केडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन (बक्सर) और तीसरा मर्यादा पुरुषोत्तम कॉलेज ऑफ एजुकेशन (बक्सर) है। इनमें महात्मा बुद्ध टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज(सीतामढ़ी) के डीएलएड कोर्स की मान्यता रद्द कर दी है। इसके अलावा काई देशो के अलग-अलग राज्य के कॉलेजो के भी मान्यता रद्द किया गया है। इस्मे पश्चिम बंगाल, झारखंड, और असम के काफ़ी कॉलेज का भी नाम शामील है। दिए गए जारी लिस्ट में से देश के 26 कॉलेजों की मान्यता रद्द की गयी है। बता दें कि इसबार अप्रेजल रिपोर्ट नहीं भरने वाले कॉलेजों को पहले ही एनसीटीई ने संयुक्त बीएड परीक्षा में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया था। इसी के आधार पे पहले कई कॉलेज वंचित हो गए थे। एनसीटीई के विजिटिंग टीम के सदासये पटना यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ सदास्य डॉ. कुमार संजीव और पटना विश्वविद्यालय के डॉ सतेंद्र यादव ने कहा की परफॉरमेंस अप्रेजल रिपोर्ट की सबसे बड़ी समय बीएड कॉलेज में प्रधानाचार्य कि कमी राही थी।अगली तरफ बी.एड विद्यार्थी का कहना है की बी.एड कॉलेज वाले निरधारित फीस से भी ज्यदा पैसे लेटे है। और ऐसे स्थिति में अच्छे शिक्षक की नियुक्ति नहीं कर पा रहे और उनका मान्यता रद्द कर दिया जाए तो ऐसे में एनसीटीई अच्छा फैसला है। खास कर के प्राइवेट कॉलेज पर सरकार को लगाम भी लगाना चाहिये। ऐसे में ध्यान देने की बात ये भी हैं की इस्मे सरकारी कॉलेज भी शामिल है।ऐसे में लगतार सावल ये भी उठते आ रहे थे की इन कॉलेजो में लगाम लगनी चाहिए तो कहीं न कहीं जो पहला कदम ले लिया गया क्युकी बच्चों से फीस अच्छी खासी वसूली जाति है लेकिन पढाई नही दी जाति है, तो ऐसे में इन कॉलेजो की मान्यता रद कर दी गई हैं तो ऐसे में अगर आप इनमें से से किसी भी कॉलेज में प्रवेश करने का सोचा है तो सावधान हो जाए।

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