रविवार, 28 जून 2026

Bhopal मल्टीकेयर अस्पताल में कथित अनियमितताओं को लेकर NSUI ने उठाई कार्रवाई की मांग, दोषियों पर FIR की मांग

भोपाल (नेशन संवाद): राजधानी भोपाल स्थित मल्टीकेयर अस्पताल में कथित अनियमितताओं, शासन के आदेशों की अवहेलना और अस्पताल संचालन में नियमों के उल्लंघन को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने मोर्चा खोल दिया है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, एडीजी साइबर और आयुष्मान भारत से शिकायत कर अस्पताल संचालक एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।



रवि परमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई फर्जी अस्पतालों के संचालन से मरीजों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने बताया कि मल्टीकेयर अस्पताल के खिलाफ 16 मई 2025 को शिकायत की गई थी, जिसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल द्वारा जांच समिति गठित की गई थी।NSUI का आरोप है कि 4 फरवरी 2026 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। संगठन का दावा है कि उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर अस्पताल में कई अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।

रवि परमार के अनुसार, 10 मार्च 2026 को दोबारा शासन को शिकायत भेजी गई थी, जिसके बाद लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 17 अप्रैल 2026 को आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इनमें अस्पताल की मान्यता निरस्त करने, संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करने और दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने की बात कही गई थी।

NSUI जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि शासन के निर्देशों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों द्वारा अस्पताल को संरक्षण दिया जा रहा है और आदेशों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने अस्पताल में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिक सेफ्टी नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। साथ ही कहा कि अस्पताल में प्रदर्शित चिकित्सकों की जानकारी की भी जांच की जानी चाहिए।


NSUI ने सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा, जांच समिति के सदस्य डॉ. मनोज वर्मा और श्रीमती भारती चौकसे की भूमिका की जांच की मांग की है। इसके अलावा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (हमीदिया अस्पताल) में पदस्थ डॉ. अजीत मीणा से जुड़े मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग रखी गई है।


संगठन ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी जैसे आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) या क्राइम ब्रांच से कराई जाए। साथ ही आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत अस्पताल को किए गए भुगतान का विशेष ऑडिट कराने की मांग की गई है।


रवि परमार ने कहा कि यह मामला केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर NSUI आंदोलन करेगा।

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बुधवार, 7 फ़रवरी 2024

CM मोहन यादव का बड़ा फैसला,अब 'कुलगुरु' कहलाएंगे यूनिवर्सिटी के कुलपति

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने अब विश्वविद्यालयों के कुलपति को कुलगुरु कहने का फैसला लिया है। इसके अलावा मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। 


भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी मे सरकार ने मंगलवार को पूरे मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई बड़े फैसले लिए। इनमें से ही एक बड़े फैसले के तहत ये तय किया गया है कि विश्वविद्यालय के कुलपति को अब कुलगुरु कहा जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद द्वारा मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2024 के माध्यम से मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में पुर्नस्थापित और पारित कराने संबंधी कार्यवाही के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया। बता दें कि इस विधेयक में संशोधन के अनुसार विश्वविद्यालयों में कुलपति पदनाम को कुलगुरु कहा जायगा और मोहन सरकार ने किसानों के लिए 

किसानों के लिए फसल ऋण

इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023-24 में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना को निरंतर रखने की स्वीकृति दी है। सहकारी बैंकों के माध्यम से कृषकों को फसल ऋण प्रदान किया जाएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा मिशन वात्सल्य में चाइल्ड हेल्प लाइन के सुचारू और कुशल संचालन के लिए विभागीय आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई। संशोधन के अनुसार जिला स्तर पर जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा एक हेल्प लाइन यूनिट का संचालन किया जाएगा। इस कार्य के लिए मानव संसाधन का चयन भारत सरकार द्वारा निर्धारित अर्हता अनुसार विज्ञापन जारी कर पारदर्शी प्रक्रिया से किया जायेगा। चाइल्ड हेल्प लाइन के सभी स्टाफ संविदा पर रखे जाएंगे। शराब दुकानों के लिए अहम फैसला

वहीं मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश की मदिरा दुकानों के निष्पादन, देशी व विदेशी मदिरा प्रदाय व्यवस्था, भांग, भांगघोटा की फुटकर बिक्री की दुकानों के निष्पादन एवं अन्य के संबंध में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आबकारी नीति का अनुमोदन किया गया। मदिरा दुकानों के वर्ष 2023-24 के वार्षिक मूल्य में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार ने कई अन्य बड़े फैसलों पर अहम निर्णय लिए रु किए जाने पर अनुमोदन दिया गया है

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