शनिवार, 24 सितंबर 2022

PM Kisan: जल्द खत्म होगा किसानों का इंतजार, जल्द मिलेंगी 12वीं किस्त का पैसा

केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत दिसंबर 2019 से की थी. इस योजना के तहत केंद्र सरकार लघु व सीमांत किसानों को प्रत्येक साल 6 हजार रुपये देती है


प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है. इस योजना से देश के लगभग 10 कराेड़ से अधिक किसान सीधे तौर पर लाभांवित हो रहे हैं,अभी तक केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय किसानों के खातों में पीएम किसान योजना के तहत 11 किस्त के पैसे जारी कर चुका है. इसके बाद से किसानों को 12वीं किस्त के पैसों का इंतजार है.जो अब बस खत्म होने ही वाला है. इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. जिसके तहत 12वीं किस्त जारी करने की सारी औपचारिकतां पूरी हो गई है, बस अब अंतिम मुहर लगाना बाकी है. जानकारी के मुताबिक इस समयावधि से पहले 12वीं किस्त का पैसा जारी कर दिया जाएगा!


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तंबर के आखिरी दिनों में जारी हो सकती है किस्त

जानकारी के मुताबिक कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय किसानों के खातों में जल्द से जल्द 12वीं किस्त का पैसा जमा कराना चाहता है. इसके लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं. जिसके तहत मंत्रालय सितंबर आखिरी से अक्टूबर 20 तक 12वीं किस्त जारी करने की तैयारी कर रहा है. उम्मीद लगाई जा रही है कि सितंबर महीने के आखिरी दिनों में 12वीं किस्त जारी की जा सकती है


दीपावली तक किसानोंं के खातों में पैसे भेजने की तैयारी

असल में मंत्रालय की योजना दीपावली से पहले किसानों के खातों में 12वीं किस्त का पैसा भेजने का है. इसी उद्देश्य के साथ मंत्रालय काम कर रहा है. जानकारी के मुताबिक इसी कड़ी में पहली संभावित तारीख सितंबर महीने के आखिरी दिन है. हालांकि अभी पंजीकृत किसानों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, जिसमें देरी होने की संभावना है. ऐसे में सरकार की तरफ से 20 अक्टूबर से पहले यानी दीपावली से पहले किसानों के खातों में पैसे भेजने की तैयारी की जा रही है. इस बार दीपावली 24 अक्टूबर को है.







किसानों के खातों में आते हैं दो हजार रुपये

केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत दिसंबर 2019 से की थी. इस योजना के तहत केंद्र सरकार लघु व सीमांत किसानों को प्रत्येक साल 6 हजार रुपये देती है. जो किसानों के खातों में 3 किस्त में भेजे जाते है. मसलन प्रत्येक साल किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली राशि किसानों के खातों में 4 महीने के अतंराल में भेजी जाती है. इसके तहत 4 महीने में जारी हाेने वाली एक किस्त के तौर पर किसानों के खातों में 2 हजार रुपये भेजे जाते हैं.

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सोमवार, 13 जून 2022

गरीबों के मसीहा डॉ मनीष मण्डल के खिलाफ मनुवादी रच रहे हैं साजिश!

बिहार के एक मात्र सर्वश्रेष्ठ संस्थान IGIMS में निजी क्षेत्र ( प्राइवेट / आउट सोर्सिंग कंपनी ) के कंपनी के द्वारा बड़े पैमाने पर घोटाला,IGIMS का अधिकांश नियमावली AIIMS पर आधारित हैं । जिसमें ऐसे ऐसे नियमावली हैं जिसका AIIMS से कोई मतलब नहीं है! जैसे - IGIMS को बिहार सरकार, कोई भी राशि का सहयोग नहीं करती हैं ।परन्तु ,वही AIIMS के लिए । सांसद से, विशेष पैकेज के रूप से राशि का घोषणा कर पारित किया जाता हैं,और दिया जाता हैं

इस प्रकार के सिस्टम को आप कैसे समझ सकते हैं ...? 

IGIMS का मालिक बिहार सरकार है और AIIMS का मालिक केंद्र सरकार।बिहार सरकार का जो तय मानदेय ( वेतन ) है वो IGIMS में दिया जाता है।केंद्र सरकार का जो तय मानदेय ( वेतन ) हैं, वह AIIMS में दिया जाता है।और वेतन में इजाफा तो मालिक ही कर सकता है । यानी बिहार सरकार।और वेतन भोगियों की बात सरकार तक , सिर्फ डायरेक्टर ही स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से पहुंचा सकता है। इसमें मेडिकल सुपरिटेंडेंट ( अधीक्षक/MS ) का किसी भी, प्रकार का हस्तक्षेपनहीं होता हैं ! अब बात आति हैं कि जो कर्मचारी किसी भी निजी क्षेत्र ( प्राइवेट कंपनी ) के माध्यम से IGIMS में , नियुक्ति किया जाता हैं । उसका तय मापदंड निजी क्षेत्र के कंपनियों के द्वारा तय किया जाता हैं । यह निजी क्षेत्र के कंपनी बहाली कैसे लेता हैं ? यह उस पर निर्भर करता हैं । पैसा लेकर करता हैं या कोई निजी लाभ का वादा करके भर्ती लेता हैं,यह उस पर कंपनी पर निर्भर करता हैं!

पंरतु ,यहाँ पर निजी स्वार्थ सिद्ध करने के लिए । कुछ मनुवादी प्रवृत्ति के प्रसाशनिक पदाधिकारी  एवं सहायक निदेशक श्री ( डॉ ) प्रो. विभूति प्रसन्न सिंह ( सह विभाग अध्यक्ष ) के द्वारा इस आउट सोर्सिंग ( निजी क्षेत्र ) के कर्मचारियों को भड़काया जा रहा है और उस आउट सोर्सिंग कमर्चारियों को धरना प्रदर्शन के लिए उसकाया जा रहा है! ताकि डॉ मनीष मण्डल ( मेडिकल सुप्रिदेण्टेन्ट /MS, अधीक्षक सह विभागाध्यक्ष गैस्ट्रो सर्जरी ) को अशासनी से बदनाम कर इस पद से पदमुक्त कर अपने मनचाहे को , इस पद पर स्थापित किया जाए जबकि सर्वेक्षण से पता चला कि डॉ मनीष मण्डल ,गरीब लोगों के लिए । मसीहा के रूप में हैं,रात के 2 बजे हो या 3 बजे हो या किसी भी वक्त हो ? उपस्थित रहते हैं । वैश्विक महामारी कोरोना काल के समय ,बहुत घरों को मासूस होने से बचाए हैं यह लोगों का कहना है इस संदर्भ में , एक पत्र जारी कर डॉ मनीष मण्डल के विरुद्ध साजिश रचा जा रहा हैं!






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