पूसा उमा पांडेय महाविद्यालय मे आइसा इकाई का बैठक : पूसा में अनियमित एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद करेगा:- आइसा
छात्र-छात्राओं का नियमित वर्ग संचालन, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, साफ-सफाई,कॉमन रूम, कर्मचारी की कमी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को लेकर आइसा करेगी आंदोलन।:- रौशन कुमार
23 मार्च को भगत सिंह की शहादत दिवस पर आइसा नई शिक्षा नीति 2020 छात्र-नौजवानों के लिए वरदान या अभिशाप पर संगोष्ठी आयोजित करेगी।:- आइसा
पूसा उमा पांडेय महाविद्यालय परिसर के आइसा कॉलेज इकाई का विस्तारित बैठक किया गया। बैठक की अध्यक्षता आइसा कॉलेज इकाई उपाध्यक्ष प्रिया कुमारी व संचालन शिवम सरोज कुमार ने किया।बैठक में उपस्थित मुख्य अतिथि आइसा प्रखंड अध्यक्ष सह जिला उपाध्यक्ष रौशन कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में छात्रों का नियमित वर्ग संचालन, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, साफ-सफाई, पूछताछ काउंटर, छात्रों के लिए वाईफाई एवं कर्मचारी आदि जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का घोर कमी है। जिसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से पूर्व में लिखित रूप से कई बार किया जा चुका है लेकिन समस्याओं को निदान को लेकर उनका रवैया छात्रों के प्रति निराश जनक रहा। आगे उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की समस्या का हल 15 दिनों के अंदर नहीं किया गया तो आइसा छात्रों को गोलबंद कर चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
आगे बैठक को कॉलेज इकाई सह-सचिव अंजली कुमारी ने संबोधित करते हुए कहा कि कॉलेज में साफ-सफाई का घोर अभाव है, इस पर कॉलेज प्रशासन अविलंब ध्यान दे। और छात्र- छात्राओं के लिए अलग-अलग कॉमन रूम जिसमें आवश्यक सामग्री जैसे लड़की के लिए सैनेट्री नेपकिन, मैगजीन, न्यूजपेपर आदि सहित व्यवस्था की जाए।
वही छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याओं को लेकर काफी मुखर होकर अपनी-अपनी बातों को रखा। बैठक में शिवम सरोज, शिव कुमार, प्रिया कुमारी, मोहम्मद एजाज, अंकित कुमार, अंजली कुमारी, काजल कुमारी, नेहा कुमारी, प्रीति कुमारी, रूपा कुमारी, नैना कुमारी, केशव कुमार, आरती कुमारी, पूजा कुमारी, रिद्धि कुमारी, अनिता कुमारी, रिचा कुमारी, अंशु कुमारी आदि ने भी अपने बातों को रखा।
समस्तीपुर कॉलेज के हॉस्टल की वैकल्पिक व्यवस्था व वर्तमान प्रोफेसर इंचार्ज को बर्खास्त कर स्थायी प्रधानाचार्य की नियुक्ति करने समेत अन्य 7 सूत्री मांगों को लेकर संयुक्त छात्र संघर्ष मोर्चा ने किया धरना प्रर्दशन
मनोविज्ञान की शिक्षिका तथा रसायन व इतिहास के शिक्षक को पुनः समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर में पदस्थापित करे विश्वविद्यालय
शैक्षणिक - प्रशासनिक अराजकता दूर कर कैंपस में शैक्षणिक व लोकतांत्रिक माहौल बहाल वि. वि.
नए हॉस्टल के लिए प्रस्ताव सरकार व यूजीसी को भेजा जाए तथा महिला छात्रावास चालू कराई जाए
छात्र हित के 7 सूत्री मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुआ तो फरवरी से चलेगा अनिश्चितकालीन आंदोलन - संयुक्त छात्र संगठन मोर्चा
अनुमंडल अधिकारी द्वारा नियुक्त दंडाधिकारी से वार्ता कर सौंपा सात सूत्री मांग पत्र
समस्तीपुर आज संयुक्त छात्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पूर्व सूचना अनुसार आइसा, एसएफआई, एनएसयूआई, एआईएसएफ़ ने संयुक्त अपने झंडा वैनर तले चांदनी चौक से जुलूस निकाल कर हॉस्टल में रह रहे छात्रों का वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा नए हॉस्टल का निर्माण कराने,मनोविज्ञान की शिक्षिका तथा रसायन व इतिहास के शिक्षक को पुनः समस्तीपुर कॉलेज में पदस्थापित करने, कैंपस में छात्रों से अवैध वसूली एवं जमावड़ा पर अविलंब रोक लगाने, कैंपस में शैक्षणिक तथा लोकतांत्रिक माहौल बहाल करने, शैक्षणिक प्रशासनिक अराजकता के दोषी प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. सत्यन कुमार को बर्खास्त करने तथा स्थाई प्रधानाचार्य को नियुक्त करने, नामांकन काउंटर को व्यवस्थित करने तथा महिला छात्रावास को चालू कराने समेत 7 सूत्री मांगों को लेकर प्रधानाचार्य कक्ष के समक्ष जमकर धरना/ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के उपरांत एक सभा का आयोजन किया गया जिसका अध्यक्षता महाविद्यालय आइसा संयोजक संजीव कुमार, एसएफआई के कॉलेज इकाई सचिव रूपेश कुमार, एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष राजन वर्मा, एआईएसएफ के अजय कुमार चार सदस्य अध्यक्ष मंडल तथा संचालन आइसा जिला सचिव सुनील कुमार, आइसा जिला उपाध्यक्ष रौशन कुमार व विकाश कुमार ने किया।
सभा को संबोधित एसएफआई के राज्य सचिव मंडल सदस्य अवनीश कुमार ने कहा कि पीजी तक की पढ़ाई कराने वाली कॉलेज के हॉस्टल में रह रहे छात्रों का बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हॉस्टल तोड़ना तथा नए हॉस्टल के निर्माण के लिए कोई प्रस्ताव यूजीसी व सरकार को नहीं भेजना महाविद्यालय की उदासीनता हैं। जिला मंत्री छोटू भरद्वाज व जिलाध्यक्ष चंदन कुमार ने सयुक्त रूपा से कहा की हॉस्टल का वैकल्पिक व्यवस्था करने बिना वैकल्पिक व्यवस्था के तोड़ने पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि मनोविज्ञान विभाग में साजिश के तहत प्रो. इंचार्ज सत्यन कुमार द्धारा शैक्षणिक अराजकता व्याप्त कर छात्रों से योग्य शिक्षिका एवं नियमित वर्ग से वंचित कर दिया है जिस पर विश्वविद्यालय को छात्र हित में सकारात्मक पहल करने की आवश्यकता है तथा रसायन विभाग में 11 शिक्षकों के स्थाई पद वाले विभाग के शिक्षक डॉ. कुशेश्वर यादव को डिपार्टमेंट में स्थानांतरण कर अतिथि शिक्षक व बॉटनी के शिक्षक को विभागाध्यक्ष बनाकर चलाई जा रही है जो नियम के विरुद्ध है तथा इतिहास के शिक्षक डॉ. आमिर अली खान जिनके अंदर कई शोधार्थी छात्र शोध कर रहे हैं जिन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन दोनों शिक्षक को इसीलिए स्थानांतरण किया गया है ताकि कि जूनियर शिक्षक डॉ. सत्येन कुमार को प्रोफेसर इंचार्ज बनाया जाए जो शैक्षणिक - प्रशासनिक अराजकता के जिम्मेवार हैं।आगे एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अभिनव अंशु ने कहा कि एक खास संगठन के लोगों को आगे कर कैंपस में छात्रों से अवैध उगाही व लोकतांत्रिक माहौल को दबाने पर तुले हुए हैं। छात्र हित की आवाज उठाने वाले पर हमला करवाता है
एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार ने कहा कि 11 स्थाई शिक्षक के पद वाले रसायन विभाग को अतिथि शिक्षक के सहारे चलाई जा रही है और यहां के अस्थाई शिक्षक को डिपार्टमेंट में तबादला कर दी गई है जिसे छात्रों में काफी नाराजगी है वही अविनाश कुमार ने कहा कि छात्र संघ भंग करने और छात्र संघ कार्यालय में ताला लगाने कि विश्वविद्यालय के आदेश के बावजूद कैंपस में छात्रसंघ कार्यालय खोलकर बाहरी लोगों को बैठाया जाता है जो बिल्कुल नियम के विरुद्ध है।आइसा जिला सह-सचिव मो० फरमान ने मनोविज्ञान की शिक्षिका तथा रसायन और इतिहास के शिक्षक को पुण: समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर में पदस्थापित करने की मांग छात्र हित में की है।महाविद्यालय में प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल एवं दंडाधिकारी नियुक्त हैं जिन्हें प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने 7 सूत्री मांग मांगों से संबंधित स्मार पत्र सौंपा।छात्र हित की उपयुक्त मांगो पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो संयुक्त छात्र संगठन मोर्चा फरवरी माह से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगी।वही सभा को आइसा जिला उपाध्यक्ष मनीषा कुमारी, रौशन कुमार, दीपक यदुवंशी, अनिल कुमार, अभिषेक कुमार, गौतम कुमार, सुजाता कुमारी, सोनम कुमारी, एसएफआई उपाध्यक्ष नीलकमल, बिपिन कुमार, सुजीत कुमार, एनएसयूआइ के अबु अफज़ल, बिहारी बाबू, नसरुल्लाह, राज कुमार, गब्बर कुमार, मनीष कुमार, आनंद शर्मा, सचिन गब्बर, जियाउल्लाह, रानी कुमारी, प्रियका चौधरी इत्यादि थी