रविवार, 30 अप्रैल 2023

छात्रों और बेरोजगार युवाओं की मन की बात कब सुनेगी सरकार, NSUI ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना

मोदी जी बस अपने "मन की बात" करते हैं, छात्र और युवाओं की मन की बात नहीं सुनते, मध्य प्रदेश में तीन साल से नर्सिंग परिक्षाएं नहीं हुईं, राज्य में भर्तियां नहीं हो रही, सरकार छात्र और नौजवानों की बात कब सुनेगी: रवि परमार


भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 100वें एपिसोड का आज प्रसारण किया गया। चुनावी साल में मध्य प्रदेश बीजेपी जहां इस एपिसोड को प्रचारित करने में जुटी हुई है सरकारी खजाने से लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर प्रचार प्रसार किया जा रहा हैं


वहीं कांग्रेस की छात्र संगठन एनएसयूआई ने कार्यक्रम को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर चौतरफा हमला शुरू कर दिए हैं। एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार ने पूछा है सरकार छात्रों और युवाओं की मन की बात कब सुनेगी।


छात्र नेता व एनएसयूआई मेडिकल विंग के प्रदेश संयोजक रवि परमार ने बयान जारी कर कहा, "मध्य प्रदेश में युवा और छात्र-छात्राएं सभी परेशान हैं। उनकी आवाज सुनने की बजाए मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। हम पीएम मोदी, सीएम शिवराज और सभी मंत्रियों से कहना चाहते हैं कि मध्य प्रदेश की युवाओं और छात्र छात्राओं की आवाज कुचलने की बजाए अगर सुन लेंगे तो जगह जगह पर्दा लगाकर मन की बात जैसे कार्यक्रमों का आयोजन ही नहीं करना पड़ेगा।"


परमार ने आगे कहा, "मध्य प्रदेश के लाखों नर्सिंग छात्र छात्राएं परेशान हैं, क्योंकि तीन सालों से उनकी परिक्षाएं नहीं हुई मध्यप्रदेश की लाडली भांजियां एवं भांजे सिसक रहे है और उनके परिजन भविष्य को लेकर अत्यधिक चिंतित हैं लेकिन मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री उनकी आवाज सुनने की बजाए आवाज दबाने के लिए छात्राओं पर लाठीचार्ज करवा कर जेल तक भिजवा देते हैं। नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े की वजह से मध्य प्रदेश के लाखों स्टूडेंट्स का भविष्य अंधकार में है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग मौज उडा रहे हैं।"


परमार ने आगे कहा, "पीएम मोदी हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। नौ साल में लगभग 18 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलना था। आबादी के अनुसार मध्य प्रदेश के 60 लाख युवाओं को रोजगार मिलना था। लेकिन मिला कुछ भी नहीं।

अपने मन की बात में इसके बारे में कुछ नहीं कहते। वहीं मध्य प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले 11 दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं। पूरे मध्यप्रदेश में 32 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हैं, जिनकी मन की बात कोई सुनने वाला कोई भाजपा नेता और कार्यकर्ता नहीं।"

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शुक्रवार, 28 अप्रैल 2023

Darbhanga: जल-जीवन-हरियाली एवं मिशन लाइफ पर हुई विस्तृत चर्चा,नेहरु युवा केन्द्र दरभंगा ने किया आयोजन, विभिन्न प्रखंड के 50 युवा हुए शामिल

जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण स्थिरता विषय पर हुआ कार्यशाला का आयोजन


दरभंगा नेहरू युवा केन्द्र, दरभंगा द्वारा महारानी अधिरानी रामेश्वर लता संस्कृत महाविद्यालय दरभंगा के सभागार में "जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण स्थिरता में युवाओं की सहभागिता" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।


कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन श्री फारूक इमाम, जिला परियोजना अधिकारी-नमामि गंगे, नेहरू युवा केन्द्र, दरभंगा श्री ऋतू राज, जिला मिशन प्रबंधक, जल-जीवन-हरियाली मिशन, दरभंगा, श्री संदीप कुमार, जिला सलाहकार, जिला जल स्वच्छता समिति, दरभंगा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

जिला परियोजना अधिकारी-नमामि गंगे श्री फारूक इमाम ने कार्यशाला के उद्देश्य पर उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण स्थिरता विषय पर युवाओं को संवेदनशील बनाकर, उनके व्यवहार में परिवर्तन लाकर जलवायु परिवर्तन के लिए किए जा रहे कार्यों में ज्यादा से ज्यादा युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित कर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का न्यूनीकरण किया जा सके।

जिला मिशन प्रबंधक श्री ऋतु राज ने जल-जीवन-हरियाली मिशन के द्वारा जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में किए जा रहे कार्यों एवं मिशन के सभी अवयव पर विस्तार से चर्चा किया।

जिला सलाहकार श्री संदीप कुमार ने जल संरक्षण, धूसर जल प्रबंधन, स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत स्वच्छता से समृद्धि पर विस्तृत प्रकाश डाला एवं उपस्थित युवाओं से अपने-अपने कार्य क्षेत्र में अभियान का नेतृत्व करने का अनुरोध किया। कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा जल संरक्षण, इसके विवेकपूर्ण इस्तेमाल, जल निकायों को पुनर्जीवित एवं संरक्षित करना, धूसर जल के पुनः उपयोग एवं कैच द रेन, अभियान के संदेश को ग्राम स्तर तक पहुंचाने हेतु सामूहिक रूप से कार्य योजना तैयार कर उसकी प्रस्तुति दी गई एवं आगामी कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा किया।कार्यशाला में राष्ट्रीय युवा स्वंयसेवक मणिकांत, पूजा, दिव्या नाथ, प्रशांत, पंकज, संगीता, उपासना, ज्ञान रंजन, संजय, पुरुषोत्तम, स्पियरहेड सदस्य श्रृष्टि, प्रभा कांत सहित विभिन्न प्रखंड के पचास युवा शामिल रहे।

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आधी रात को हिली नेपाल, 90 मिनट में दो बार भूकंप के झटके महसूस

काठमांडू/ नेपाल में गुरुवार और शुक्रवार की रात भूकंप के दो झटके महसूस किए गए, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र बाजुरा के दाहाकोट में था



रिक्टर स्केल पर पहले भूकंप की तीव्रता 4.9 और दूसरे की 5.9 मापी गई. नेपाल के सुरखेत जिले के भूकंप विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी राजेश शर्मा ने एएनआई को बताया कि पहला भूकंप रात 11:58 बजे (स्थानीय समय) पर आया, जबकि 1:30 बजे एक और भूकंप दर्ज किया गया. स्थानीय पुलिस ने बताया कि इस घटना में किसी नुकसान की सूचना नहीं है.


इस साल 24 जनवरी को भी नेपाल के गोत्री-बजुरा इलाके में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था. तब इसके कारण उत्तराखंड और दिल्ली-NCR के साथ-साथ उत्तर-भारत के कुछ अन्य राज्यों में भी कंपन महसूस किया गया था. कांप गया. चीन के शिक्वान्हे समेत दक्षिण-पश्चिम इलाकों में भी कंपन महसूस किया गया था. आपको बता दें कि नेपाल हिमालय की गोद में बसे होने के कारण खतरनाक भूकंपीय जोन में आता है. यहां 25 अप्रैल, 2015 को 7.8 मैग्निट्यूड का विनाशकारी भूकंप आ चुका है, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई थी और बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ था.हिमालयी क्षेत्रों में भूंकप आने का सबसे बड़ा कारण दो महाद्वीपीय भारत और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेटों के बीच टकराव है. भारतीय प्लेट हर साल कुछ सेंटीमीटर उत्तर की ओर बढ़ती है और तिब्बती पठार के नीचे की ओर रास्ता बनाती है. यह खिसकाव भूकंप को ट्रिगर करता है. आप इसे रबर बैंड के उदाहरण से समझ सकते हैं. जब आप रबर बैंड को अपनी अंगुलियों में फंसाकर पीछे की तरफ खींचते हैं, तो एक तनाव पैदा होता है. उस तनाव में एनर्जी स्टोर होती है. आप जब रबर बैंड को छोड़ते हैं तो यह तनाव रिलीज होता है, इसमें स्टोर एनर्जी गतिज ऊर्जा में कन्वर्ट होती है.


हिमालयन रीजन में टेक्टॉनिक प्लेटों का यह जियोलॉजिकल शिफ्ट इसी टेंशन रिलीज के कारण होता है. इसका साफ असर सतह पर देखने को मिलता है. भूगर्भ विज्ञानिक रॉजर बिलहम ने 2015 में नेपाल में आए भूकंप पर की गई स्टडी के लीड ऑथर हैं. उन्होंने साल 2018 में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वास्तविकता यही है कि फिलहाल कोई नहीं कह सकता आगे क्या होगा. भविष्य में आने वाले किसी भी भूकंप के बारे में जानकारी इतनी सटीकता से नहीं दी जा सकती. हो सकता है कोई बड़ा भूकंप आने वाले सप्ताह में दिखे, या फिर 500 साल तक भी ऐसी घटना न हो

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शनिवार, 22 अप्रैल 2023

Samastipur : नव बिहान सेवा सोसायटी द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन, मेयर अनिता राम ने फीता काट किया उद्घाटन,34 लोगो ने किया स्वेच्छिक रक्तदान

समस्तीपुर जितवारपुर बुल्लेचक ,वार्ड संख्या -19 स्थित नैना कुटीर में नव बिहान सेवा सोसायटी द्वारा स्वेच्छिक रक्तदान शिविर एवं सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन किया गया। सहयोग एवं सपोर्ट भारतीय रेडक्रास सोसायटी, समस्तीपुर द्वारा प्रदान किया गया।


कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती अनीता राम, महापौर, समस्तीपुर नगर निगम द्वारा दीप जलाकर एवं फीता काट कर किया गया। सोसायटी के सचिव श्री चन्द्रेश्वर राय ने सोसायटी के स्थापना 2014 से अभी तक किये कार्यक्रम का उल्लेख किया। सचिव, रेडक्रास सोसायटी ने भी रेडक्रास के वारे में जानकारी दी। डॉ अभिषेक कुमार झा, M.S  , धनवंतरी अस्पताल ने रक्तदान की महत्ता एवं फायदा पर प्रकाश डाला। साथ ही लोगों को रक्तदान में स्वेच्छा से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। 34 लोगों ने रक्तदान किया जिसमें एक महिला एवं तीन डाक्टर भी अपना रक्त देकर अन्य लोगों को प्रोत्साहित किया।

डॉ अभिषेक कुमार झा, डॉ अभिषेक कुमार सिंह, डॉ विजय कुमार विमल का सहभागिता सराहनीय है l स्थानीय ￰ग्रामवासीयो ने भी बड़ी संख्या में निशुल्क हेल्थ चेकअप करवाया, जिसमें महिला की संख्या भी काफी रही। स्व प्रो  राम सेवक राय के बारहवीं स्मृति दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका एवं उपस्थिति वरीय समाजसेवी जगदीश राय, राय स्वार्थ राय, उपेन्द्र प्रसाद यादव, सुदामा जी, सुन्देश्वरी राय, भोला राय, विन्देश्वर राय, लक्ष्मी राय, राम प्रीत दास एवं राज कुमार राय राजेश, रामप्रीत राय एवं बड़ी संख्या में युवा वर्ग उपस्थित थे l

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Bihar: बी एड प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित, आरा की नेहा बनी परीक्षा की टॉपर।

पटना ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को दो वर्षीय बीएड एवं शिक्षा शास्त्री में नामांकन को लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2023 (सीईटी-बीएड) का रिजल्ट ऑनलाइन जारी किया।



भोजपुर जिले की नेहा कुमारी 120 में 99 अंक लाकर ओवरऑल टॉपर रहीं. वहीं सीतामढ़ी जिले के धीरज कुमार ने दूसरा और अररिया के शुभम दत्ता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया. प्रवेश परीक्षा के कुल एक लाख 65 हजार छह सौ 76 अभ्यर्थियों में से एक लाख 43 हजार छह सौ 48 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए हैं. 89.66 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने सफलता पाई है. इनमें महिला वर्ग से परीक्षा में उपस्थित 87 हजार पांच सौ 94 परीक्षार्थियों में 70 हजार सात सौ 48 ने सफलता पाई. वहीं, पुरुष वर्ग में 78 हजार 82 में 72 हजार नौ सौ अभ्यर्थी सफल रहे. 

ईबीसी में 41 हजार छह सौ सात सफल 

मालूम हो कि इस वर्ष अनारक्षित वर्ग से परीक्षा में उपस्थित 24 हजार पांच सौ 11 अभ्यर्थियों में 17 हजार छह सौ 79 सफल घोषित हुए हैं. एसटी वर्ग से 1219 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इसमें सर्वाधिक 1092 ने सफलता हासिल की है. एससी वर्ग से 22 हजार आठ सौ 47 परीक्षार्थी उपस्थित हुए थे. इनमें 19 हजार चार सौ 52 ने परीक्षा पास की. ईडब्ल्यूएस श्रेणी से प्रवेश परीक्षा में शामिल 15 हजार दो सौ 69 अभ्यर्थियों में 14 हजार दो सौ 91 सफल हुए हैं. इस वर्ष ईबीसी श्रेणी से 46 हजार पांच सौ 89 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसमें 41 हजार छह सौ सात ने सफलता हासिल की. वहीं बीसी वर्ग से 55 हजार दो सौ 41 अभ्यर्थियों परीक्षा दी थी. इसमें 49 हजार पांच सौ 27 अभ्यर्थियों ने सफलता पाई है. जबकि दो वर्षीय शिक्षा शास्त्री में कुल उपस्थित 194 अभ्यर्थियों में 146 सफल घोषित हुए हैं. इसमें 51 महिला और 95 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं. इस वर्ष ट्रांसजेंडर वर्ग से एक भी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ था. इस कारण इस वर्ग की उपस्थिति शून्य दर्ज की गई. मौके पर बीएड राज्य नोडल पदाधिकारी प्रो. अशोक कुमार मेहता, कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद, चार वर्षीय इंट्रीग्रेटेड कोर्स के राज्य नोडल पदाधिकारी प्रो. अरुण कुमार ङ्क्षसह समेत अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे. 


पिछड़ा वर्ग से सर्वाधिक अभ्यर्थियों ने पास की परीक्षा 


परीक्षा में पिछड़ा वर्ग श्रेणी के 55 हजार दो सौ 41 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसमें सर्वाधिक 49 हजार पांच सौ 27 अभ्यर्थी सफल हुए. दूसरे नंबर पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी रहे. अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की. तीसरे स्थान पर सामान्य (अनारक्षित) वर्ग के अभ्यर्थी रहे. अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों का भी दबदबा रहा. 

10 आवर-ऑल अभ्यर्थियों की सूची


नाम पूर्णांक प्राप्तांक जिला 


1. नेहा कुमारी 120 99 भोजपुर

2. धीरज कुमार 120 98 सीतामढ़ी

3. शुभम दत्ता 120 98 अररिया

4. रवि कुमार 120 97 समस्तीपुर

5. अभिषेक 120 97 गया

6. कृपा शंकर 120 97 वैशाली

7. कृष्ण कुमार कर्ण 120 96 समस्तीपुर

8. गुलशन कुमार 120 96 मधेपुरा

9. ङ्क्षप्रस कुमार 120 96 सुपौल

10. शिशिर कुमार 120 96 गया

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सोमवार, 10 अप्रैल 2023

स्टडेंट्स को रियायती दर पर "रेड बस" पास जारी करे नगर निगम, NSUI के नेतृत्व में छात्रों ने सौंपा भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन

हम कॉलेज जाने में असमर्थ हैं, रेड बस में रियायती पास की व्यवस्था करें: भोपाल कलेक्टर से स्टूडेंट्स की गुहार


छात्रों को लूटना बंद करे सरकार, एनएसयूआई ने रियायत दरों पर रेड बस स्मार्ट पास की व्यवस्था पुनः शुरू करने की उठाई मांग


पहले 300 रुपए में छात्रों के लिए जारी होता था रेड बस का स्मार्ट पास, कोरोना काल के बाद अबतक शुरू नहीं हो हुई रियायती दरों पर स्मार्ट पास की सुविधा, एनएसयूआई ने चक्का जाम की दी चेतावनी


भोपाल। राजधानी भोपाल की सड़कों पर दौड़ने वाली सिटी बसों में सफर करना कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स को महंगा साबित हो रहा है। दरअसल, छात्र-छात्राओं को रियायती दरों मिलने वाले स्मार्ट पास की व्यवस्था को सरकार ने निष्क्रिय कर दिया है। ऐसे में अब राजधानी के हजारों निम्न आयवर्ग के घरों से आने वाले छात्र-छात्राएं परेशान हैं। एनएसयूआई नेता राजवीर सिंह के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने इस संबंध में भोपाल कलेक्टर को पत्र लिखकर रेड बस में रियायती पास की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है।



इस मौके पर एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। परमार ने कहा, " यह बड़े शर्म की बात है कि भोपाल में गरीब परिवारों से आने वाले छात्र-छात्राएं आज पैदल कई किलोमीटर चलकर कॉलेज जाने को मजबूर हैं। कर्ज लेकर घी पीने वाले मामा को भांजे-भांजियों की जरा भी चिंता नहीं है। शिवराज का बेटा करोड़ों के कार में घूमे और आम लोगों के लिए रेड बस भी नसीब नहीं? भोपाल के स्टूडेंट्स के साथ ये अन्याय है। कॉरपोरेट मित्रों के लिए पानी की तरह जानता के पैसे बहाने वाली सरकार आज तीन साल से रियायत पर बस पास भी नहीं दे पा रही है। शिवराज जी छात्र-छात्राओं की हाय लेकर कहां जाओगे दरअसल भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) द्वारा संचालित रेड बस में आम यात्री 800 रुपए में महीनेभर अनलिमिटेड सफर कर सकते हैं। प्रतिदिन स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को नगर निगम की ओर से पहले रियायती दरों पर स्मार्ट कार्ड अलॉट की जाती थी। छात्रों को महीनेभर के लिए 300 रुपए देने होते थे। लेकिन कोरोना काल के बाद से ये सुविधा बंद है। ऐसे में छात्रों को भी स्टैंडर्ड फेयर चुकाना पड़ रहा है। नतीजतन निम्न आय वाले घरों से आने वाले हजारों छात्र-छात्राएं पास बना पाने में असमर्थ हैं। अब छात्र छात्राओं ने भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस संबंध में मदद की गुहार लगाई है।


एसवी पॉलीटेक्निक कॉलेज की छात्रा श्वेता सिंह ने बताया कि विद्यार्थी पास श्रेणी बंद कर देने के कारण हमारे परिजन परिवहन शुल्क वहन कर पाने में असमर्थ हैं। विद्यार्थियों ने कई बार भोपाल महापौर एवं नगर निगम के अन्य पदाधिकारियों सहित मध्य प्रदेश शासन से मदद की गुहार लगाई। लेकिन अबतक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका।


जितेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि स्मार्ट पास नहीं होने के कारण हम कॉलेज जाने में असमर्थ हैं और पैसों के कारण हमारी पढ़ाई बाधित हो रही है। हम चाहते हैं कि सरकार और भोपाल प्रशासन पुनः स्टूडेंट्स पास की व्यवस्था शुरू करे ताकि हम छात्र-छात्राएं पढ़ लिखकर देश और प्रदेश की नाम रौशन कर सकें।


छात्र छात्राओं के डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे राजवीर सिंह ने कहा, 'हम पिछले कई महीनों से स्टूडेंट श्रेणी की पास के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शिवराज सरकार में छात्र छात्राओं की सुनने वाला कोई नहीं है। हजारों छात्र पैसे नहीं होने के कारण या तो घर बैठने को मजबूर हैं अथवा पांच से सात किलोमीटर पैदल चलकर कॉलेज आने को मजबूर हैं। इस कारण से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। हम शासन और प्रशासन से मांग करते हैं कि छात्रों की समस्या का शीघ्र निवारण करे। यदि इस दिशा में जल उचित कदम नहीं उठाए जाते हैं और एनएसयूआई उग्र प्रदर्शन करेंगे। हम राजधानी की सड़कों पर रेड बसों का चक्का जाम करने को विवश होंगे। सरकार छात्रों को लूटना बंद करे।'इस मौके पर राजवीर सिंह जितेंद्र विश्वकर्मा शिव दांगी आकाश मालवीय आशीष कनोजिया और सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे ‌ 

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