मंगलवार, 22 अगस्त 2023

Madhya Pradesh 3 सालों से नहीं हुई नर्सिंग छात्र छात्राओं की परीक्षाएं, अधिवक्ता वरूण तन्खा हाईकोर्ट जाएंगे

नर्सिंग छात्र छात्राओं की परीक्षा की मांग की लड़ाई हाईकोर्ट में निशुल्क लड़ेंगे अधिवक्ता वरूण तन्खा


एनएसयूआई नेता रवि परमार ने अधिवक्ता वरूण तन्खा से मुलाकात कर नर्सिंग छात्र छात्राओं की समस्याओं से अवगत करवाया


भोपाल - मध्यप्रदेश में नर्सिंग घोटाला की वजह से लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय में हो चुका हैं। एनएसयूआई नेता रवि परमार लगातार नर्सिंग छात्र छात्राओं लड़ाई लड़ रहे हैं। इस क्रम में रवि परमार को पुलिस कई बार गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। नर्सिंग छात्र छात्राओं की मांगों को लेकर रवि परमार मंत्री के बंगले घेराव से लेकर राजभवन तक पैदल मार्च कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। 



छात्र नेता रवि परमार ने नर्सिंग छात्र छात्राओं की लड़ाई अब हाईकोर्ट में लड़ेंगे। नर्सिंग परीक्षा और अन्य मांगों को लेकर परमार ने मंगलवार को अधिवक्ता वरूण तन्खा से मुलाकात की। साथ ही हाईकोर्ट से परीक्षा पर रोक हटाने को लेकर चर्चा की। इस दौरान अधिवक्ता वरूण तन्खा ने कहा कि मैं मध्यप्रदेश के नर्सिंग छात्र छात्राओं की लड़ाई में निशुल्क लडूंगा। 


रवि परमार ने बताया कि 27 फरवरी 2023 को ग्वालियर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान द्वारा आयोजित नर्सिंग और पैरामेडिकल की परीक्षाओं की पर रोक लगा दी जोकि भाजपा सरकार और मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की लापरवाही के चलते मामला हाईकोर्ट में चल रहा हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को जांच के आदेश भी दिए लेकिन अभी तक दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई ।


रवि परमार ने कहा कि नर्सिंग और पैरामेडिकल के लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य सरकार की वजह से अधर में लटका चुका हैं लेकिन एनएसयूआई छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी हम सड़क से लेकर उच्च न्यायालय तक छात्र छात्राओं के हक और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे और नर्सिंग घोटाले में जो दोषी मंत्री अधिकारी और जिन्हें निरीक्षण कर फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी सभी भ्रष्टाचारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करवाकर सलाखों के पीछे पहुंचाएंगे ।


अधिवक्ता वरूण तंखा हाईकोर्ट में नर्सिंग छात्र छात्राओं के हक की लड़ाई निशुल्क लड़ेंगे साथ ही छात्र नेता रवि परमार पर छात्र छात्राओं की आवाज उठाने पर दर्ज किए गए झूठे मुकद्दमों के खिलाफ भी हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ेंगे । 

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रविवार, 13 अगस्त 2023

भारतीय युवा कांग्रेस के मुख्य कार्यक्रम "Shakti Super SHE" के तहत 15 अगस्त को देश की बेटियां करेंगी ध्वजारोहण।

देश की हर महिला के हक और हिस्सेदारी को सुनश्चित कराने के लिए हम प्रतिबद्ध है: श्रीनिवास बी वी।

जब तक भारत की हर महिला अपने आप में सशक्त नही होती तब तक भारत एक मजबूत राष्ट्र नही बन सकता: कृष्णा अल्लावारू।


भोपाल युवा कांग्रेस मिडिया विभाग के चेयरमैन आकाश चौहान ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर बताया कि भारतीय युवा कांग्रेस ने देश भर में महिला सशक्तिकरण के लिए युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन बेंगलुरु में *"Super Shakti SHE"* कार्यक्रम की शुरुवात की थी। यह कार्यक्रम भारतीय युवा कांग्रेस के मुख्य कार्यक्रमों में से एक है। इस कार्यक्रम के तहत स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर हर प्रदेश स्तर पर, जिला स्तर पर और विधानसभा स्तर पर महिला सशक्तिकरण की झलकियां दिखाई पड़ेगी, हर स्तर पर महिलाएं युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेके अपने हक और हिस्सेदारी के लिए ध्वजारोहण करेंगी।


"Shakti Super SHE" कार्यक्रम के तहत भारतीय युवा कांग्रेस देश भर में प्रदेश स्तर पर, जिला स्तर पर और विधानसभा स्तर पर *Shakti क्लब* के जरिए महिलाओं को जोड़ने का प्रयास करेगी और इस क्लब के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगी की जिस भी क्षेत्र में महिलाएं भविष्य में आगे बढ़ना चाहे उसमे उनकी मदद कर सशक्त कर सके। 



इस कार्यक्रम के बारे में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्रीनिवास बी वी जी ने निर्देश देते हुए कहा है कि वर्तमान समय में आज देश भर महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेके अनेकों प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए है, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के चलते उन्हें दबाने और आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है, इस ही असमानता को दूर करने के लिए युवा कांग्रेस ने *"Super Shakti SHE"* कार्यक्रम की शुरुवात की है ताकि देश की हर महिला अपने हक और हिस्सेदारी के लिए किसी पर भी निर्भर ना रहें। कांग्रेस पार्टी के नेता श्री राहुल गांधी जी ने हमेशा प्रयास किया है ज्यादा से ज्यादा महिलाएं राजनीति में आए, इसके चलते भारतीय युवा कांग्रेस ने संघठन स्तर पर 33% महिला आरक्षण के तहत संघठन में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की भागीदारी हो इसका प्रयास किया है, युवा कांग्रेस पूर्व में भी अनेकों कार्यक्रम के माध्यम से इस प्रकार के प्रयास करती रही है और आगे भी करती रहेगी। 


भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी और एआईसीसी सह सचिव श्री कृष्णा अल्लावारू जी का कहना है कि *"Super Shakti SHE"* कार्यक्रम देश की महिला शक्ति के सशक्तिकरण के लिए एक प्रयास है, जब तक भारत की हर महिला अपने आप में सशक्त नही होती तब तक भारत एक मजबूत राष्ट्र नही बन सकता। 


इस मौके पर युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव लोकेन्द्र शर्मा गोविंदपुरा विधानसभा अध्यक्ष चेतन साहू दक्षिण पश्चिम विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र बघेल उपस्थित थे ।।

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बुधवार, 2 अगस्त 2023

IND vs WI 3rd ODI : भारत ने वेस्टइंडीज को 200 रनों से हराया।

रिपोर्ट : चेतन मंडावी 

भारतीय टीम ने वनडे सीरीज के तीसरे मैच में वेस्टइंडीज को 200 रनों के बडे अंतर से शिकस्त देकर सीरीज अपने नाम कर ली... भारत ने कैरेबियंस को 2-1 से हराकर लगातार 14वी सीरिज जीती है... इससे पहले भारत ने टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी


यह वेस्टइंडीज के सरजमी पर भारत की सबसे बड़ी जीत है। टीम इंडिया ने 2022 में वेस्टइंडीज को उन्हीं के घर में 119 रन से हराया था... वनडे सीरीज के जीत के साथ टीम इंडिया ने अक्टूबर में होने वाले वर्ल्ड कप मिशन के लिए बिगुल फूंक दिया है। सीरीज के निर्णायक मुकाबलों में टीम ने तीनों क्षेत्रों में दमदार प्रर्दशन दिखाया है। पोर्ट ऑफ स्पेन में भारतीय टीम ने हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में ईशान किशन के 77 रन, शुभमन गिल के 85 रन, समसन के 51, और हार्दिक पांडिया के 70 रन के चलते 5 विकेट पर 351 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 35.5 ओवर में 151 पर ऑलआउट हो गई... इस मैच में मैन ऑफ द मैच शुभमन गिल और ईशान किशन प्लेयर ऑफ द सीरीज बने।

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मंगलवार, 1 अगस्त 2023

द उम्मीद के संस्थापक अमरजीत को किया गया डा० कलाम यूथ रत्ना अवार्ड से सम्मानित

ख्वाब फाउंडेशन की ओर से पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर चाणक्यपुरी नयी दिल्ली में एक अंतरराष्ट्रीय युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया


27 से 29 जुलाई तक होने वाले इस सम्मेलन में भारत के अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव सहित 25 देशों के प्रतिनिधि शिरकत किए! कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय जी के द्वारा किया गया! इस मौके पर समस्तीपुर द उम्मीद के संस्थापक अमरजीत कुमार को डॉ कलाम रत्ना अवॉर्ड से सम्मानित किया गया! समाजिक कार्यों के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया गया है, अमरजीत राष्ट्रीय सेवा योजना और एक्स एनसीसी कैडेट भी रहे हैं समस्तीपुर कॉलेज से! द उम्मीद संस्था को स्थापित कर वह गरीब के बेसहारे, कचरा संग्रहण करने वाले, नशे की लत में जा चुके बच्चे को शिक्षा के मुख्य मार्ग से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, साथ ही साथ जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध भी करवाते हैं इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया!

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भोपाल में परीक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे नर्सिंग स्टूडेंट्स,तीन सालों से नर्सिंग छात्र छात्राओं की नहीं हुई परीक्षा, एनएसयूआई ने किया बड़ा प्रदर्शन

भोपाल - मध्य प्रदेश में मेडिकल विश्वविद्यालय और नर्सिंग काउंसिल की लापरवाही की सजा भुगत रहे मध्यप्रदेश हजारों नर्सिंग छात्र छात्राएं अब आंदोलन की राह पर निकल पड़े हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या नर्सिंग स्टूडेंट्स राजधानी भोपाल के सड़कों पर उतरे। यहां वो शिवाजी नगर से राजभवन तक पैदल मार्च निकालना चाह रहे थे लेकिन, पुलिस ने बलप्रयोग कर स्टूडेंट्स को रास्ते में ही रोक दिया।

एनएसयूआई नेता रवि परमार के नेतृत्व में सैंकड़ों की संख्या में नर्सिंग स्टूडेंट्स शिवाजी नगर चौराहे पर इकट्ठा हुए नर्सिंग छात्रों का हुजूम नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर निकला ही की रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। मौके पर तीन थानों के सैंकड़ों पुलिसकर्मी मौजूद थे। इस दौरान पुलिस प्रशासन और नर्सिंग स्टूडेंट्स के बीच झुमाझटकी भी हुई। नर्सिंग छात्र छात्राओं ने एसडीएम और तहसीलदार के आश्वासन को दरकिनार कर उन्हें उल्टे पैर लौटाया।



एसडीएम और तहसीलदार प्रदर्शनकारियों से कह रहे थे कि उन्हें ही राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप दी जाए। हालांकि, छात्र इस बात पर अड़े रहे की वे राज्यपाल से मिलकर उन्हें ही ज्ञापन सौंपेंगे। हालांकि, प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुई। ऐसे में राजधानी के शिवाजी नगर में करीब 5 घंटे तक नर्सिंग छात्र छात्राएं राजभवन जाने की जिद पर अडे़ रहे। पांच घंटे बाद पुलिस ने बलप्रयोग कर उन्हें धरने से उठाया। इस दौरान शिवाजी स्क्वायर पर आवागमन बाधित भी हुई। 


दरअसल, नर्सिंग में स्टूडेंट्स ने आल 2020 में नर्सिंग में एडमिशन लिया था। लेकिन मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल और मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की लापरवाही की वजह से फरवरी 2023 तक भी परीक्षाएं नहीं हो सकी। ऐसे में पिछले तीन वर्षों से ये स्टूडेंट्स फर्स्ट ईयर में ही हैं। जब 1 फरवरी 2023 को सैकड़ों नर्सिंग छात्र छात्राएं अपनी परीक्षा की मांग को लेकर छात्र नेता रवि परमार के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के बंगले पर प्रदर्शन करने गये थे लेकिन उसके बाद पुलिस प्रशासन ने रवि परमार को हथकड़ी लगा कर जेल भेज दिया था।


हालाकि कांग्रेस के बड़े नेताओं के विरोध के बाद अगले दिन जमानत भी दे दी गई थी। उसके बाद 27 फरवरी को इस संबंध में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट ने 2020-21 सत्र की बीएससी (नर्सिंग) और पोस्ट बेसिक बीएससी परीक्षा पर अंतरिम रोक लगा दी और यूनिवर्सिटी से जवाब तलब किया था। उसके बाद 2019-20 सत्र के छात्र छात्राओं की तृतीय वर्ष की परीक्षा पर भी रोक लगा दी गई इसके बाद से अबतक रोक बरकरार हैं। 


नर्सिंग स्टूडेंट्स के दल का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता रवि परमार ने कहा कि नर्सिंग छात्र छात्राएं अपने भविष्य को लेकर अत्यधिक चिंतित हैं। जिन छात्र छात्राओं का 2 साल का कोर्स ( पोस्ट बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग) था, वह तीन साल बाद भी प्रथम वर्ष में ही हैं। यही हाल 4 साल के कोर्स ( बीएससी नर्सिंग ) वाले स्टूडेंट्स का है 3 साल बीतने के बाद भी उनकी प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हुई छात्र-छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्हें चिंता है कि उनकी डिग्री कब मिलेगी? उन्हें गलत कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ऐसे में अगर कोई भी छात्र आत्मघाती कदम उठाता हैं तो इसके लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।


रवि परमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में व्यापम से भी बड़ा नर्सिंग फर्जीवाड़ा हुआ हैं चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और कई बड़े अधिकारी सीधे तौर पर संलिप्त हैं इतना ही नहीं फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने के लिए लाखों रूपयों का लेन-देन किया जाता है नर्सिंग कॉलेज मान्यता घोटाले में मंत्री विश्वास सारंग के कर्मचारी और उनके सहयोगियों ने करोड़ों रुपए की उगाही की है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए।


परमार ने हाईकोर्ट द्वारा परिक्षाओं पर रोक लगाने के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम माननीय उच्च न्यायालय से आग्रह करते हैं कि इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए परिक्षा पर रोक लगाना हल नहीं है, क्योंकि सैंकड़ों स्टूडेंट्स का सवाल है शिक्षा माफियाओं की गलती का सजा बच्चों को क्यों मिले? बच्चे इस तरह कबतक पिसते रहेंगे? परमार ने ये भी कहा कि कोर्ट ने तो फरवरी से परिक्षाओं पर रोक लगाया है, उसके पहले ढाई साल से सरकार क्यों नहीं परिक्षाएं आयोजित कर रही थी। इस मामले में सीधे तौर पर सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है जो उचित नहीं है।


राजभवन मार्च से रोके जाने को लेकर परमार ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। सरकार के इशारे पर पुलिस हमें अवैध तरीके से रोक रही है हम राज्यपाल से मिलकर हम उन्हें छात्रों की पीड़ा से अवगत कराना चाहते हैं लेकिन सरकार तानशाही पर उतर आई है। ये नर्सिंग स्टूडेंट्स के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। हम भाजपा सरकार को बताना चाहते हैं कि चार महीने में चुनाव है, और नर्सिंग स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ आपने जो खिलवाड़ किया है उसका सजा आपको भुगतना पड़ेगा ।


इस मौके पर राजवीर सिंह सिध्दांत आचार्य लक्की चौबे ईश्वर चौहान विराज यादव जितेंद्र विश्वकर्मा मयंक शिवहरे तनय अग्रवाल अनिकेत पटेल लखन ठाकुर और सैकड़ों नर्सिंग छात्र छात्राएं मौजूद थे ।

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जातीय जनगणना पर हाईकोर्ट का सरकार के पक्ष में फैसला, एक्शन में आए सीएम नीतीश कुमार

PATNA: बिहार में जाति की गणना की शुरुआत सात जनवरी से हुई थी,पहले फेज का काम पुरा हो गया था,दूसरे फेज का काम 15 अप्रैल से शुरू किया गया था लेकिन चार मई को पटना हाईकोर्ट द्वारा जाति आधारित गणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया,सरकार ने कोर्ट में कहा था कि जातीय गणना का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

हाईकोर्ट के फैसले के कुछ ही देर बाद सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया है. सरकारी पत्र में कहा गया है कि जातीय जनगणना शुरू करें, ये सरकार का सर्वोच्च प्राथमिकता का काम है. बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्र जारी किया है. सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पटना उच्च न्यायालय ने बिहार जाति आधारित गणना, 2022 के खिलाफ दायर सभी रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया है. ऐसे में सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र संख्या-8527 दिनांक 04.05.2023 के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना के आदेश के आलोक में बिहार जाति आधारित गणना, 2022 को अंतरिम रूप से स्थगित रखने संबंधी आदेश वापस लेते हुए कार्य पुनः तत्काल आरंभ कराने का निर्देश दिया गया है. सरकारी पत्र में कहा गया है कि जातीय गणना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. 

बता दें कि आज ही पटना हाईकोर्ट ने जातीय जनगणना के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है. पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने ये फैसला सुनाया है. जातीय जनगणना के मामले पर पिछले 7 जुलाई से ही पटना हाईकोर्ट की बेंच ने अपना फैसला रिजर्व रखा था. आज फैसला सुनाया गया.

इससे पहले पटना हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस पार्थ सार्थी की खंडपीठ ने 3 जुलाई से 7 जुलाई तक पांच दिनों तक जातीय गणना के खिलाफ याचिका दायर करने वालों और बिहार सरकार की दलीलें सुनी थी. इससे पहले 4 मई को पटना हाईकोर्ट ने जातीय गणना कराने के बिहार सरकार के फैसले पर रोक लगा दिया था. हालांकि ये रोक अंतरिम थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि वह 3 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करेगी. 

हाईकोर्ट की रोक के बाद बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का भी रूख किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी होने का इंतजार करने को कहा था. बता दें कि नीतीश सरकार के जातिगत जनगणना कराने के फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में 6 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इन याचिकाओं में जातिगत जनगणना पर रोक लगाने की मांग की गई थी. 



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