गुरुवार, 5 दिसंबर 2024

बिहार में भू माफियाओं में नहीं है कानून का डर! महिला की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास, दी जान से मारने की धमकी

बिहार में एक तरफ सरकार लगातार दावा कर रही है कि अपराधियों में कानून का डर व्यापत है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ औऱ ही कहती है. समस्तीपुर के जितवारपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है. जिसे सुनकर आप ये कहने को मजबूर हो जाएंगे की भू माफियाओं में कानून का डर बिल्कुल भी नहीं हैं.


दरअसल भू माफिया विशाल गौरव, लाल बाबू राय,राजबाला कुमार यादव द्वारा मारपीट कर गलत तरीके से कागजात बनाकर एक परिवार की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश. जिसके बाद पीड़ित परिवार ने थाना और एसपी को आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई. संबंधित जमीन पर 144 लगा होने के बाबजूद  भू माफिया ने किया जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया.

मामले में पीड़िता डोली देवी ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई हैं. शिकायत में ये कहा गया है कि भू माफिया लाल बाबू राय उर्फ भोला सिंह,विशाल गौरव, परमेश्वर राय,सोनू कुमार,उमेश राय,राजबाला राय 10 - 15 अज्ञात लोगों के साथ उनके जमीन पर बने हुए चार दिवारी को तोड़ रहे थे. इस दौरान जब रोकने का प्रय़ास किया गया तो उनके साथ मारपीट की गई. साथ ही पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी गई. 

पीड़िता महिला ने बताया कि जमीन पूर्वजों द्वारा अर्जित उनका खतियानी और केवाला है. जिसके एक हिस्से पर बने अपने घर में पिछले कई दशकों से रहते आ रहे हैं,वहीं कुछ हिस्से पर वे खेती बारी कर अपना जीवन यापन करते हैं। इस जमीन पर सदियों से पूर्वजों का कब्जा हैं और वर्तमान में भी हमारे कब्जे में हैं।जमीन का उक्त कागजात उनके पास हैं।
दिनांक 21.10.2024 को कुछ अन्य लोगों जिनका इस जमीन पर कोई अधिकार नहीं हैं ना ही कोई हिस्सा है। के द्वारा जमीन के Undivided शेयर की खरीद बिक्री की गई। 
जिसका लिखित आवेदन वे नजदीकी थाना,रजिस्ट्री ऑफिस और एसपी कार्यालय में दिए,शांति भंग न होने की आशंका के कारण अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा उक्त जमीन पर धारा 163 के तहत निषेधात्मक कार्रवाई की गई।

इसके बावजूद दिनांक 25.11.2024 को भू माफिया लालबाबू राय, विशाल गौरव, उमेश राय, सोनू कुमार, राजबाला कुमार यादव, एवं अन्य 10-15 लोगों के साथ जेसीबी लेकर जमीन पर तोड़फोड़ किए और हमारे जमीन पर बना चारदीवारी को तोड़ दिया गया। मना करने पर गाली गलौज और मारपीट किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई,दबंगों के द्वारा लगातार कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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मंगलवार, 3 दिसंबर 2024

समस्तीपुर में भू माफिया का आतंक, गरीब के घर को JCB से तोड़ा, जमीन पर किया कब्जा

Bihar News: बिहार के समस्तीपुर में जमीनी विवाद में भू माफिया द्वारा एक गरीब परिवार के घरों को जेसीबी से तोड़कर उसपर कब्जा कर लिया गया हैं।


समस्तीपुर के जितवारपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आ रही है. जहां जमीनी विवाद में दबंगों ने गरीब महिला के घर को तोड़कर उसपर कब्जा कर लिया गया हैं।


पीड़ित परिवार के सदस्य राजा महतो ने बताया कि बिहार सरकार से अनुदान में मिला भूमि, खाता 270, खेसरा 597 रकवा 15 धुर है,जिसपर सरकार द्वारा 3 इन्दिरा आवास भी आवंटित हैं, उस जमीन का उक्त कागजात,जमीन का रसीद उनके पास हैं।


https://youtu.be/2PtYFarm_7c



उस जमीन पर भू माफिया लाल बाबू राय उर्फ भोला सिंह, विशाल गौरव, एवं बिट्टू कुमार ने 4 बर्ष पहले 12.03.2020 को मारपीट किया, उसके घर को जेसीबी से तोड़ दिया, पीड़ित परिजनों ने बताया उक्त माफिया यादव समाज से आता हैं थाने और पुलिस में उनका दबदबा हैं,वो चार वर्षों से मदद के लिए थाना, एसपी, डी एम आवास का चक्कर लगा रहे लेकिन आज तक न्याय नहीं मिला। आज दिनांक 2 दिसंबर 2024 को वे कमिश्नर कार्यालय दरभंगा के समक्ष अनिश्चिकालीन धरना कर मदद की गुहार लगा रहे।



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IES नर्सिंग कॉलेज की अनियमितताओं का पर्दाफाश , NSUI करेगी राज्यपाल और मुख्यमंत्री के दौरे का विरोध

IES विश्वविद्यालय द्वारा छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं - रवि परमार

मुख्यमंत्री IES कॉलेज पहुच कर साबित करेंगे की मध्य प्रदेश सरकार भ्रस्टाचारियो के साथ है - परमार

भोपाल- मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में IES नर्सिंग कॉलेज, रातीबड़, भोपाल का मामला सामने आया है , जिसे सीबीआई की जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया है।



NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने बताया कि 4 दिसंबर 2024 बुधवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री IES विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं, लेकिन NSUI इसका विरोध करेगी। परमार ने कहा,

"IES नर्सिंग कॉलेज की मान्यता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। सीबीआई की रिपोर्ट में कॉलेज को डेफिसिएंट (अपर्याप्त) पाया गया है। यह छात्रों और जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसे में सरकार के शीर्ष अधिकारियों का इस कार्यक्रम में शामिल होना गलत संदेश देता है।"



NSUI के विरोध की वजह

1. IES नर्सिंग कॉलेज पर गंभीर आरोप सीबीआई जांच रिपोर्ट में खुलासा: कॉलेज का कुल क्षेत्रफल और प्रयोगशालाओं का आकार निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है।


2. प्रयोगशाला उपकरणों की कमी: जरूरी उपकरणों और सामग्री का अभाव है।


3. अनुभवहीन प्रिंसिपल: कॉलेज के प्रिंसिपल के पास इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के मानकों के अनुसार अनुभव की कमी है।


4. वाइस प्रिंसिपल अनुपस्थित: वाइस प्रिंसिपल की शारीरिक अनुपस्थिति के कारण उनकी योग्यता की पुष्टि नहीं हो सकी।


5. प्रयोगशालाओं का आकार: OBG लैब, प्री-क्लिनिकल साइंस लैब और CHN लैब का आकार निर्धारित मानकों से छोटा है।


6. मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण का अभाव: सभी छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रशिक्षण नहीं दिया गया।


 सरकार की चुप्पी:

जिस कॉलेज पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के गंभीर आरोप हैं, वहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री का जाना न्याय प्रक्रिया और पारदर्शिता का मजाक बनाता है।


NSUI की मांग


1. IES नर्सिंग कॉलेज की मान्यता तत्काल रद्द की जाए।

2. सीबीआई जांच के आधार पर दोषी संस्थानों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

3. छात्रों को वैकल्पिक और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाए।


4 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन का ऐलान


NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने ऐलान किया है कि यदि राज्यपाल और मुख्यमंत्री IES विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होते हैं , तो NSUI इसका जोरदार विरोध करेगी।

रवि परमार ने कहा "हम छात्रों और जनता के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। फर्जी संस्थानों और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वालों को बेनकाब किया जाएगा।"

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