सोमवार, 29 मई 2023

The Kerla Story Chapter 2: कहानी केरल की निचली जनजाति महिलाओं की,स्तन ढकने पर टैक्स

भारत के बाकी हिस्सों में नंगेली के बारे में शायद लोग इतना न जानें, लेकिन केरल में इस आदिवासी महिला को बहुत सम्मान दिया जाता है. वो भी उसकी मौत के दशकों बाद. यह मौत इतनी असाधारण थी कि इसी के कारण नंगेली इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी


बात है करीब 150 साल से भी ज्यादा पुरानी. उस समय केरल के बड़े भाग में त्रावणकोर के राजा का शासन था. यह वो दौर था जब जातिवाद समाज पर बुरी तरह हावी था. निचली जातियां शोषित थीं और उच्च जाति वाले खुद को उनका मालिक समझते थे. छुआ छूत, सामाजिक बहिष्कार जैसी चीजें आम थीं. इसी क्रम में एक और गंदा नियम था, जिसके अनुसार निचली जाति की महिलाओं को स्तन ढकने का अधिकार नहीं दिया गया. यानि उस क्षेत्र में उच्च वर्ग की महिलाएं ही स्तन ढक सकती थीं, निचली जाति की महिलाओं को सार्वजनिक स्थलों पर भी मर्दों की तरह स्तन ढके बिना ही काम करना होता था.


श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय में जेंडर इकॉलॉजी और दलित स्टडीज़ की एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. शीबा केएम बताती हैं कि यह नियम कई तरह के आदिवासी समूहों और जनजातियों के लिए बनाया गया था. अगर निचली जाति की महिला स्तन ढकना चाहे तो उसे क्षेत्रीय आर्थिक विकास के मामले देखने वाले अधिकारी के पास कर जमा करना ज़रूरी था. अगर कर नहीं दिया तो स्तन नहीं ढाका जा सकता. हम जिस दौर की बात कर रहे हैं, उसमें निचला वर्ग गरीब था इसलिए महिलाओं ने इज्जत को दांव पर रखकर स्तन ढके बिना ही जीना स्वीकार किया.



केरल के हिंदुओं में जाति के ढांचे में नायर जाति को शूद्र माना जाता था, जिनसे निचले स्तर पर एड़वा और फिर दलित समुदायों को रखा जाता था. डॉ. शीबा कहती हैं कि इस नियम के पीछे तर्क था कि महिलाएं खुद से ज्यादा सम्मानित, उच्च पद पर आसीन लोगों के सामने स्तन ढकने की अधिकारी नहीं हैं. कई उच्च वर्ग की जातियों में तो महिलाएं मंदिरों में जाकर भगवान की मूर्ति के सामने जाने पर स्तन से पर्दा हटा देती थीं, लेकिन निचले वर्ग की महिलाओं के लिए तो उच्च जाति का मर्द भी उच्चासीन था इसलिए उन्हें स्तन पर पर्दा डालने का अधिकार नहीं मिला.


एड़वा जाति की की नंगेली को इस नियम से आपत्ति थी. हालांकि उसकी मां, दादी, बहनें और परिवार की सभी महिलाएं इस नियम का मजबूरी में पालन करती आ रहीं थी पर नंगेली के लिए यह शर्मनाक था. इसलिए नंगेली ने स्तन पर पर्दा डालना शुरू कर दिया. जब इस बात की जानकारी कर अधिकारी को मिली तो उसने नंगेली के परिवार पर कर लगाना शुरू कर दिया. बहुत से लोगों ने नंगेली को समझाया कि उनका परिवार सम्पन्न नहीं है और वे कर नहीं चुका सकते लेकिन नंगेली ने पर्दा हटाने से इंकार कर दिया. एक बार जब कर अधिकारी नंगेली के घर कर मांगने पहुंचा तो उसने पाया कि वह पूरी तरह ढकी हुई है, स्तन पर भी पूरा पर्दा है.


अधिकारी ने उससे कर के साथ दंड शुल्क भी मांगा, लेकिन नंगेली ने देने से इंकार कर दिया. उसने कहा कि अपने शरीर की इज्जत करना, उसे ढकना या खुला रखना यह उसका निजी मसला है. जब अन्य वर्ग की महिलाओं को यह अधिकार है कि वे खुद को अपने हिसाब से सहेजें तो फिर हमें क्यों नहीं? अधिकारी ने नंगेली पर दंड शुल्क बढ़ा दिया. इसके साथ ही कर ना चुकानें पर सजा देने की भी बात कही.


नंगेली के परिवार ने कर अधिकारी से उसके जीवन की भीख मांगी, कर माफ़ करने के लिए खुद को गिरवी रखने के लिए तैयार हो गए पर अधिकारी नहीं माना. आखिर में नंगेली घर के भीतर गई, फ़रसा लेकर आई और कर अधिकारी के सामने अपने स्तन काटकर रख दिए. यह सबकुछ इतना अचानक हुआ कि अधिकारी घबरा गया और वहां से भाग गया. नंगेली के शरीर से रक्त बहता रहा और इतना ज्यादा बहा कि उसकी मौत हो गई.

 केरल का इतिहास बताता है कि जब नंगेली का दाह संस्कार किया गया तब उसका पति भी चिता में कूद गया.


क्या नंगेली के बलिदान से सबकुछ ठीक हो गया?


नंगेली की मौत के बाद उसकी याद में उस जगह का नाम मुलच्छीपुरम यानी 'स्तन का स्थान' रख दिया गया. हाल ही में इसे बदलकर मनोरमा जंक्शन कर दिया है. नंगेली के जाने के बाद अब उनके परिवार में केवल एक सदस्य, उनका पड़पोता मणियन वेलू बचा है. वे गौरवांवित महसूस करते हैं, कि वे नंगेली के परिवार के सदस्य हैं. मणियन कहते हैं कि नंगेली के इस बलिदान से तत्काल तो कुछ नहीं बदला. यह एक घटना थी और उसे घटना के तौर पर ही देखा गया पर जब अंग्रेजों ने क्षेत्र पर कब्जा किया तो स्तन कर को समाप्त कर दिया और फिर हर वर्ग की महिला को स्तन ढकने का अधिकार मिल गया.


ख़ैर इतिहास लिखने वाले और नियम बनाने वालों की समीति में शायद पुरूष सदस्य ही रहे होंगे इसलिए कभी भी नियमों और इतिहास को महिलाओं की नजर से नहीं देखा गया. आज जब दुनिया एक बार फिर अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत को कायम होते देख रही है तो ये सवाल एक बार फिर उठा है कि धर्म चाहे जो भी हो, क्यों उसके नियम महिलाओं और पुरुषों के लिए एक समान नहीं? क्यों दो जातियों के बीच इस अंतर को बरकरार रखा गया है? क्यों आज भी मैला उठाने की परंपरा कहीं किसी कोने में जीवित है? क्यों सीवेज साफ करने की जिम्मेदारी अब भी उन्हीं पर हैं, जिनके पुरखे, उच्च जाति के घरों का मैला ढोते थे? 


अब जब किताबों में नए-नए रोल मॉडल्स को शामिल किया जा रहा है, तो फिर नंगेली के इतिहास से भी बच्चों को परिचित करवाना ज़रूरी है. नंगेली की कहानी से इतना तो साफ़ है कि हमारे इतिहास में बहुत सी गुमनाम महिलाएं हैं जिन्होंने अपने समय और सदी में ्पने-अपने तरीके से इतिहास बदला.

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रविवार, 28 मई 2023

5 दिन पहले जान सकेंगे मौसम की स्थिति,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लॉन्च की wether एप

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार (27 मई) को बिहार मौसम सेवा केंद्र का शुभारंभ किया, जिसने एक मोबाइल ऐप मौसम विकसित किया है. बिहार ऐसा करने वाला पहला राज्य बन गया है. इस ऐप में कई ऐसी खूबियां हैं जो आपके लिए बेहद मददगार हो सकती हैं. ये ऐप मौसम की सटीक जानकारी के लिए विकसित किया गया है. मोबाइल ऐप के माध्यम से अब आम लोग भी मौसम के वर्तमान और पूर्वानुमान से अपडेट हो पाएंगे

मौसम सेवा केंद्र के खुलने से अब आम जान सीधे तौर पर मौसम वैज्ञानिकों से जुड़ सकेंगे. इस ऐप से किसानों को काफी फायदा होगा. वे अब मौसम से जुड़ी जानकारियां सीधे पूछ सकते हैं. मौसम बिहार मोबाइल ऐप के शुरू होने से अब लोगों को घर बैठे बिहार के किसी भी क्षेत्र के मौसम की जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी.


बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा 487 सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे मौसम के संबंध में सटीक जानकारी मिल पाएगी. इस ऐप का शुभारंभ के पश्चात् मुख्यमंत्री ने बिहार मौसम सेवा केंद्र के कार्यालय के विभिन्न भागों वर्क स्टेशन, हेल्पडेस्क, स्वचालित वर्षा मापक यंत्र, सर्वर रूम आदि का निरीक्षण किया और वहां की कार्यप्रणाली की जानकारी ली. सीएम ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है और यह कार्य प्रशंसनीय है. इसके लिए मौसम वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि उच्च कोटि की कार्यकुशलता के साथ वे निरंतर कार्य करते रहेंगे.


मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी होने से राज्य में किसानों को खेती में सुविधा होगी साथ ही बीजों की बुआई और फसलों की कटाई आदि कार्यों को सही समय पर कर सकेंगे. बिहार में हर वर्ष बाढ़, सुखाड़, शीतलहर, लू, चक्रवातीय तूफान, वज्रपात आदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान-माल की क्षति होती है. बिहार मौसम सेवा केंद्र के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान की सूचना प्रसारित कर लोगों को सतर्क किया जाएगा जिससे कम-से-कम क्षति होगी.

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शनिवार, 20 मई 2023

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए किसान चौपाल का आयोजन करेगी सरकार

भोपाल आज भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा जिला भोपाल द्वारा किसान हितैषी योजनाओं को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई I जिसमें किसान मोर्चा भोपाल जिला उपाध्यक्ष श्री अमित सिंह जादौन जी, जिला मंत्री भोपाल श्री रत्नेश सिंह जी, श्री देवांश सिंह मेहर जी, श्री अमन आदित्य राजपूत जी उपस्थित रहे I जिला उपाध्यक्ष अमित सिंह जादौन जी ने बताया हम गांव गांव पंचायत पंचायत जाएंगे किसान चौपाल लगाएंगे


जिसमें प्रदेश अध्यक्ष चौधरी सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को आगामी कार्य योजना से अवगत कराया। साथ ही बैठक में प्रदेश के हर गांव में किसान चौपाल कार्यक्रम आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसान मोर्चा के पदाधिकारी सभी जिलों और मंडल के हर गांव में जाकर किसान चौपाल का आयोजन करेंगे, जिसमें पीएम मोदी और शिवराज सरकार की किसान सम्मान निधि , किसान कल्याण निधि , फसल बीमा योजना, अनदुान द्वारा ट्रांसफार्मर योजना, सबंल योजना, ट्रैक्टर योजना, ब्याज ऋण माफी जैसी योजनाओं से अवगत कराएंगे।

इस मौके पर ‘जनसारथी’ से बात करते हुए रत्नेश सिंह ने मोदी और शिवराज सरकार की जमकर तारीफ की. साथ ही कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित के लिए बात करने वाली कांग्रेस को यह नहीं पता है कि खेत में गेंहू लगते हैं या पेड़। वहीं, कृषि मंत्री कमल पटेल ने ट्वीट कर मूंग खरीदी के पंजीयन की तारीख बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान भाईयों-बहनों के हित में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पंजीयन की तिथि 31 मई 2023 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों की ओर से सीएम शिवराज का आभार जताया।

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भोपाल जेपी अस्पताल में स्वास्थ्य मन स्वास्थ्य तन अभियान का शुभारंभ ,विधायक पीसी शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर जन जागरूक रैली का शुभारंभ किया

भोपाल - आज जयप्रकाश चिकित्सालय भोपाल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत "स्वास्थ्य मन स्वास्थ्य तन" अभियान का शुभारंभ पूर्व मंत्री व विधायक पीसी शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर स्वास्थ्य मन स्वास्थ्य तन अभियान की जन जागरूक रैली का शुभारंभ किया ।


विधायक पीसी शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि एक स्वास्थ्य तन के लिए मन का स्वास्थ्य होना अतिआवश्यक हैं अगर आपका मन स्वास्थ्य रहेगा तो आपका तन भी हमेशा स्वास्थ्य रहेगा इसलिए हमेशा अपने मन को स्वास्थ्य और सकारात्मक रखे प्रतिदिन योगा सूर्य नमस्कार करें और अपने परिजन और मोहल्ले के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें 

मप्र युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा कि आज कल की युवा पीढ़ी नशें की ओर अग्रसर हो रही हैं लेकिन "नशा ही नाश" का कारण होता है, नशा करने से न केवल वह व्यक्ति बल्कि पूरा परिवार दुखी रहता है इससे तन-मन-धन तीनों का नुकसान होता है आगे कहा कि नशे के सेवन से इंसान का स्वास्थ्य तो गिरता ही है इससे आर्थिक हानि भी होती है नशे की हालत में लोग अच्छे और बुरे के बीच भेद करना भूल जाते हैं जो बाद में पश्चाताप का कारण बनता है इसलिए किसी को भी नशा नहीं करना चाहिए ।


एनएसयूआई मेडिकल विंग के पूर्व प्रदेश समन्वयक रवि परमार ने कहा कि स्वास्थ्य मन स्वास्थ्य तन अभियान के शुभारंभ के दौरान हमने मांग की हैं कि शैक्षणिक संस्थानों और खेल परिसरों के 100 मीटर के आस पास कोई भी मादक पदार्थों की विक्रय पर रोक लगना चाहिए जिससे छात्र छात्राओं को मादक पदार्थों से दूर रखकर नशें की लत से बचाया जा सकता हैं मौके पर सिविल सर्जन सभी स्टाफ और सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे ।

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शुक्रवार, 19 मई 2023

भोपाल के निजी विश्वविद्यालय मे NSUI का प्रदर्शन, विश्वविद्यालयों की मनमानी से छात्रा छात्राओं परेशान।

भोपाल - मध्यप्रदेश में कुछ सालों से निजी विश्वविद्यालयों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं साथ ही निजी विश्वविद्यालयों की मनमानी भी बढ़ती जा रही हैं जिससे कई छात्रा छात्राओं परेशान होते हैं ऐसा ही एक मामला भोपाल के निजी विश्वविद्यालय का हैं जहां पर विश्वविद्यालय द्वारा छात्र छात्राओं को परीक्षा में ना बैठने के मामले NSUI नेता राजवीर सिंह ने छात्र छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय पहुंच कर छात्र छात्राओं को परीक्षा में शामिल ना करने को लेकर हंगामा किया वहीं प्रशासन से तत्काल कार्यवाही करते हुए परीक्षा स्थगित कर अलगी परीक्षा में सभी छात्र छात्राओं को शामिल करने के निर्देश दिए


   


राजवीर सिंह ने बताया कि महाविद्यालय में बीएमएलटी आखिरी वर्ष के 40-50 छात्र छात्राओं को फाइनल परीक्षा में बैठने नही दीया जा रहा था कालेज द्वारा छात्र छात्राओं के अटेंडेंस कम होने का कारण बता कर कॉलेज से बाहर कर दिया गया था जिससे छात्र छात्राओं मे सीधा 6 महीने का नुकसान हो रहा था राजवीर सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति और महाविद्यालय प्राचार्य को बुलवाकर छात्र छात्राओं की परिक्षा संबंधित मांगे उनके समक्ष रखी जिसमे कॉलेज प्रशासन को छात्र छात्राओं के सामने झुकना पड़ा और उसमे कॉलेज द्वारा छात्र छात्राओं की सभी मांगे पूरी कि गई सभी छात्रों को परीक्षा में शामिल किया जाएगा फिलहाल महाविद्यालय द्वारा परीक्षा आगामी आदेश तक स्थगित कर दी । 


इस मौके जितेंद्र विश्वकर्मा जिशान खान राज जयसवाल और सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे । 

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युवा कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष ने की पत्रकार वार्ता,मप्र सरकार शिक्षित युवाओं से पंचर जुड़वा कर उनको अपमानित कर रही हैं-विवेक त्रिपाठी

सीखो कमाओ योजना में प्रदेश के शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को पंचर जोड़ना, कपड़े धोना , कुरियर डिलीवर करना आदि कौशल सिखाना चाहती हैं भाजपा सरकार


सीखो कमाओं योजना से एबीवीपी और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को चुनावी भत्ता देना चाहती हैं भाजपा सरकार- त्रिपाठी


भोपाल - मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि सीखो कमाओं योजना शिवराज सरकार द्वारा भाजपा युवा मोर्चा और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को भत्ता देने के लिए शुरू की गई है ।


विवेक त्रिपाठी ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा को मिली करारी हार से घबराई मप्र भाजपा सरकार चुनाव से पहले प्रदेश के 1 करोड़ नाराज बेरोजगार युवाओ को जोकि सरकार से त्रस्त होकर प्रदेश में कमलनाथ जी के समर्थन में बदलाव की तैयारी में हैं उनको साधना चाहती है ।


त्रिपाठी ने कहा कि सूची का अध्ययन करने पर दो कोर्स ऐसे हैं जिनमें भाजपा सरकार असिस्टेंट ऑपरेटर (कार्य स्पष्ट नहीं है) और मीडिया कोर्डिनेटर की ट्रेनिंग के नाम पर ABVP और भाजपा युवा मोर्चे के कार्यकर्ताओं को आर्थिक लाभ देना चाहती है ।


उन्होंने कहा कि एक तरफ़ भाजपा सरकार नई ट्रेनिंग शुरू करने का दावा कर रही है परन्तु प्रदेश में संचालित NULM ट्रेनिंग जिसमें ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले युवाओ को 27 विभिन्न सेक्टरों के 150 कोर्सो में ट्रेनिंग दी जाती थी उसको गुपचुप रूप से बंद कर चुकी है इसमें सत्र 2022-23 में एक भी छात्र का पंजीकरण नहीं किया गया है सरकार ये बताने का कष्ट करे कि वे युवा जो विगत 3 वर्षों से कॉलेज में पढ़ाई कर रहे है फ़ीस भर रहे है परन्तु परीक्षा ना होने के कारण आज भी 12 वी पास है इनको किस श्रेणी में भत्ता दिया जाएगा।


विवेक त्रिपाठी ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार सीखो कमाओं योजना के माध्यम से कोविड फ्रंटलाइन वर्कर बना रही लेकिन वही दूसरी और कोविड काल के दौरान दिन-रात कोरोना की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रशिक्षित व योग्य कोरोना वारियर्स को भाजपा सरकार ने नौकरी से निकाल कर बेरोजगार कर दिया भाजपा सरकार सिर्फ योजना के नाम पर युवाओं को गुमराह कर रहीं हैं अगर नान मेडिकल युवाओं को कोविड फ्रंटलाइन वर्कर बना देगी तो लाखों रूपए खर्च करके मेडिकल नर्सिंग पैरामेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा बेरोजगार पंचर जोड़ने का काम करेंगे क्या ?


त्रिपाठी ने कहा कि योजना में 18 से 29 वर्ष के युवाओं को ट्रेनिंग की पात्रता है हम इस सरकार से अनुरोध करते हैं की पहले उन लाखों युवाओं को मुआवजा स्वरूप राशी प्रदान करें जो कई वर्षों से शासकीय पदों के लिए तैयारी कर रहे थे परन्तु सरकार की लापरवाही के कारण भर्ती प्रक्रिया न होने के कारण अपात्र हो गये हैं आगे कहा कि जब सरकार ने विधानसभा में स्वयं स्वीकार किया है की प्रदेश मे बेरोजगार युवाओं की संख्या 28 लाख है तो फिर योजना केवल 1 लाख युवाओं के लिये क्यों ? ।


पत्रकार वार्ता में भोपाल जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रकाश चौकसे भोपाल युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के चैयरमेन आकाश चौहान विरेन्द्र मिश्रा योगेश सराठे नमन सिंह मूख्य रूप से उपस्थित थे 

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शुक्रवार, 12 मई 2023

NSUI मेडिकल विंग ने अंतराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सिंग ऑफिसर्स का किया सम्मान

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर एनएसयूआई मेडिकल विंग ने प्रशंसा पत्र देकर नर्सिंग ऑफिसर्स को सम्मानित किया


कोरोना काल में नर्सों ने अपनी जान की बाजी लगाकर करोड़ों लोगों का जीवन बचाया, नर्सिंग आफिसर (मेल नर्स) होने पर मुझे खुद पर गर्व है- रवि परमार


भोपाल - मध्य प्रदेश एनएसयूआई मेडिकल विंग ने अंतराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर भोपाल के जय प्रकाश चिकित्सालय (जिला चिकित्सालय) नर्सिंग ऑफिसर्स के बीच में एनएसयूआई मेडिकल विंग के कार्यकर्ताओ ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल की छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर और केक काटकर विश्व की प्रथम नर्स फ्लोरेंस फ़्लोरेन्स नाइटिंगेल का जन्मदिन मनाया। साथ ही सभी नर्सिंग ऑफिसर्स को प्रसंशा पत्र देकर सम्मानित किया।



एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार ने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि विश्व में मेडिकल क्षेत्र में नर्सों का विशेष महत्व होता है। ताजा उदाहरण कोरोनाकाल का हमारे सामने है। जब नर्सों ने अपनी जान की बाजी लगाकर करोड़ों लोगों का जीवन बचाया। यह किसी से छिपा नहीं है। आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक मानी जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिवस को अंतराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत 1974 से ही हुई थी।


रवि परमार ने बताया कि फ्लोरेंस नर्स के साथ-साथ एक समाज सुधारक भी थी। वो क्रीमिया युद्ध के दौरान दिन-रात की परवाह किए बिना घायल सैनिकों की देखभाल में लगी रहती थी। रात के अंधेरे में एक लालटेन की मदद से घूम-घूम कर मरीजों की सेवा करती थी। रवि परमार ने कहा कि मुझे नर्सिंग आफिसर ( मेल नर्स ) होने पर खुद पर गर्व होता है।



परमार ने कहा, 'मरीजों की सेवा करना ही हमारा मुख्य धर्म है। मैंने नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान ही भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ( एनएसयूआई ) में सक्रियता के साथ कार्य करते हुए नर्सिंग के छात्र छात्राओं की अनेकों समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए छात्र राजनीति की शुरुआत की थी।


परमार ने आगे कहा कि कोरोना काल के दौरान सभी नर्सिंग ऑफिसर्स ने नि:स्वार्थ भाव से मानवता की सेवा की लेकिन उसके बावजूद नर्सिंग ऑफिसर्स की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। उन्होंने वहां मौजूद सभी नर्सिंग ऑफिसर्स को संबोधित करते हुए कहा कि हम आप सभी नर्सिंग ऑफिसर्स की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा आपके साथ में खड़े रह कर आपकी आवाज उठाएंगे।


इस मौके पर राजवीर सिंह, हेमंत शर्मा समेत बड़ी संख्या में नर्सिंग आफिसर्स मौजूद रहे। 

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सोमवार, 8 मई 2023

गुजरात से 5 साल में 40 हजार महिलाएं गायब, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री चुप क्यों हैं ?

PM मोदी, गृहमंत्री अमित शाह की सदारत वाली NCRB (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) ने बताया है कि पिछले 5 सालों में गुजरात से 41,261 औरतें ग़ायब हुई हैं, इस गुनाह के लिएअमित शाह और गुजरात सरकार ज़िम्मेदार हैं।



इन दिनों दि केरला स्टोरी की खूब चर्चा है। मुद्दा यह कि गुजरात फाइल्स क्यों नहीं? इस खबर और इन तथ्यों के बाद भी नहीं। दूसरी ओर, द केरला स्टोरी में संख्या बढ़ाकर बताने के बावजूद फिल्म सेंसर से पास है। उसका प्रदर्शन रोकने का कोई तरीका नहीं है।


एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात से 2016 में 7105, 2017 में 7712, 2018 में 9246 और 2019 में 9268 महिलाएं लापता हुईं। 2020 में 8290 महिलाओं के लापता होने की सूचना मिली थी। कुल लापता महिलाओं की संख्या 41,621 है। और कहानी केरल की सुनाई जा रही है। प्रचार उसका हो रहा है चिन्ता केरल की है।




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मनीष कश्यप की मुश्किलें बढ़ीं,सुप्रीम कोर्ट ने लगाया फटकार राहत से इनकार।

बिहार/पटना बिहारियों के साथ कथित हिंसा को लेकर फेक वीडियो वायरल करने के मामले में बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप को तमिलनाडु पुलिस बिहार से ट्रांजिट रिमांड पर ले गई थी, मनीष कश्यप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है.आज सोमवार (8 मई) को सुप्रीम कोर्ट में मनीष कश्यप की याचिका पर सुनवाई होनी थी.सुप्रीम कोर्ट ने मनीष कश्यप की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया


सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने मनीष कश्यप की बेल और एनएसए को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. बेंच ने कहा कि मनीष कश्यप हाईकोर्ट जा सकते हैं. वहीं, सभी केस को एक जगह क्लब करने की याचिका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया है.


याचिका में की गई थीं तीन मांगें


मनीष कश्यप के खिलाफ बिहार और तमिलनाडु में दर्ज सारे केस को क्लब कर दिया जाए.

मनीष को रेगुलर बेल मिल जाए.

तमिलनाडु सरकार की ओर से लगाए गए एनएसए को हटा दिया जाए.

17 मई तक हिरासत में है मनीष कश्यप


बता दें कि मनीष कश्यप ने पश्चिम चंपारण जिले के जगदीशपुर ओपी में सरेंडर किया था. इसके बाद आर्थिक अपराध की टीम ने पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लिया था. फिर तमिलनाडु की पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर ले गई. चार मई को मदुरै कोर्ट की ओर से सुनवाई के बाद मनीष कश्यप की न्यायिक हिरासत 17 मई तक के लिए बढ़ा दी थी. इसके बाद मनीष कश्यप को मदुरै सेंट्रल जेल में रखा गया है.


28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. कोर्ट ने इस मामले में तमिलनाडु सरकार से पूछा था कि एनएसए क्यों लगाया गया है? इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने कोर्ट से जवाब देने के लिए समय मांगा था. आज तमिलनाडु सरकार की ओर से काउंटर एफिडेविट फाइल किया गया था.

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मंगलवार, 2 मई 2023

स्कॉलरशिप में 15 फीसदी कटौती किए जाने से नाराज ओबीसी मेडिकल स्टूडेंट्स का भोपाल में प्रदर्शन

स्कॉलरशिप में कटौती के विरुद्ध धरने पर बैठे OBC स्टूडेंट्स को उठा ले गई पुलिस


एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे ओबीसी वर्ग के छात्र छात्राओं के साथ छलावा कर रही भाजपा सरकार - रवि परमार



भोपाल - विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार चौतरफा विरोध झेल रही है नर्सिंग छात्रों के बाद अब एमबीबीएस स्टूडेंट्स ने भी राज्य सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले ओबीसी वर्ग के छात्रों ने सोमवार को राजधानी भोपाल में धरना प्रदर्शन किया। छात्रवृति की मांग को लेकर धरने पर बैठे इन छात्रों को पुलिस उठा ले गई। पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए एनएसयूआई मेडिकल विंग ने शिवराज सरकार को ओबीसी विरोधी बताया है।



एनएसयूआई मेडिकल विंग के प्रदेश संयोजक रवि परमार ने बताया कि सोमवार को प्रदेशभर के मेडिकल स्टूडेंट्स राजधानी भोपाल स्थित नीलम पार्क में जुटे और धरने पर बैठे गए इनमें पीपुल्स मेडिकल कॉलेज, चिरायु मेडिकल कॉलेज, अरविंदो मेडिकल कॉलेज, एलएन मेडिकल कॉलेज, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज, महावीर मेडिकल कॉलेज, आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज में अध्यनरत स्टूडेंट्स मौजूद थे हालांकि, पुलिस बलपूर्वक उन्हें उठा ले गई और शहर से 20 किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में ले जाकर छोड़ दिया।


परमार ने बताया कि छात्र छात्राओं के समर्थन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी उतर आए इस घटना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व ओबीसी वर्ग के कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने शिवराज सरकार को निशाने पर लिया है। अरुण यादव ने ट्वीट किया, "भाजपा का OBC विरोधी चरित्र एक बार फिर उजागर हो गया है। शिवराज सरकार ने OBC मेडिकल स्टूडेंट्स की छात्रवृत्ति में 15 फीसदी की कटौती कर दी। इसके विरोध मे मेडिकल छात्र भोपाल मे धरना दे रहे थे तो उन्हें पुलिस उठा ले गई। आरक्षण छीनने के बाद अब OBC वर्ग की छात्रवृत्ति पर सरकार ने रोक लगाई।"


रवि परमार ने कहा कि, 'प्रदेशभर के ओबीसी वर्ग के मेडिकल छात्र-छात्राएं सोमवार को भोपाल पहुंचे थे जो अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे सरकार छात्रवृत्ति में कटौती कर रही है, इसके खिलाफ धरने पर बैठे लेकिन पुलिस ने छात्र-छात्राओं को बलपूर्वक हिरासत में लिया पुलिस बस में भरकर शहर से 20 किमी दूर ले गई और सुनसान इलाके में छोड़ दिया। जबकि उसमें छात्राएं भी थी सभी किसी तरह पैदल और लोगों से लिफ्ट लेकर घंटों बाद वापस भोपाल पहुंचे इस तरह पुलिस का रवैया बेहद निंदनीय है 


छात्र छात्राओं का नेतृत्व कर रहे हृदेश साहू ने कहा कि, 'प्रदर्शन में शामिल अधिकांश छात्र सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं। स्कॉलाशिप में कटौती कर सरकार हमें उच्च शिक्षा से वंचित करना चाहती है। अन्य वर्गों के छात्रों की स्कॉलरशिप में कटौती नहीं हुई है। लेकिन स्वयं को ओबीसी वर्ग का हितैषी बताने वाली शिवराज सरकार द्वारा ओबीसी मेडिकल स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप में कटौती की जा रही है। जबकि एडमिशन के टाइम हमें डीएमई (डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन) द्वारा पूर्ण छात्रवृति देने का वादा किया गया था। लिखित आदेश होने के बावजूद छात्रवृत्ति काटकर दी जा रही है। इससे गरीब परिवारों के बच्चों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है

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