शनिवार, 11 मार्च 2023

दुल्हन को था दुल्हे का इंतजार, लेकिन पहुंच गया पुलिस अधिकारी, आधे रास्ते से वापस लौटी बारात

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक शादी की सभी तैयारियां उस समय धरी की धरी रह गई, जब बारात आने से पहले वहां प्रशासन की एक टीम पुलिस के साथ पहुंच गई। आप यह सोच रहे होंगे कि आखिरकार अधिकारी वहां क्यों पहुंचे, क्या दुल्हन या उसके परिवार के किसी सदस्य पर आपराधिक मामला दर्ज था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। दरअसल लड़की नाबालिग थी और शिकायत पर अधिकारी वहां पहुंचे थे। टीम ने जांच-पड़ताल के बाद शादी रुकवा दिया। उधर, इसकी जानकारी होने पर आधे रास्ते से बारात लौट गई। वहीं लड़की और उसकी मां को उत्तरकाशी के वन स्टॉप सेंटर लाया गया। प्रशासन की टीम लड़की का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने की जांच कर रही है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला टिपरा कुमारकोट गांव का है। तहसील प्रशासन को गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी करवाए जाने की शिकायत मिली। जिसके बाद प्रशासन की एक टीम एक्टिव हुई और देर शाम गांव पहुंची। गांव में शादी की सभी तैयारियां पूरी कर बारातियों के स्वागत की व्यवस्था की जा रही थी। बारातियों के खाने-पीने से लेकर स्टेज और मंडप सज चुका था। सजी-धजी दुल्हन को भी बारात आने का इंतजार था। बारात हरियाणा से आ रही थी और आधे रास्ते पहुंच चुकी थी।


16 साल की लड़कीः- प्रशासन की टीम ने जब मौके पर पहुंचकर मामले की जांच किया तो जिस लड़की की शादी होने जा रही थी, उसके हाईस्कूल प्रमाणपत्र के अनुसार उसकी उम्र 16 साल कुछ महीने होने की पुष्टि हुई। जिस पर प्रशासन की टीम नाबालिग लड़की व उसकी मां को पूछताछ के लिए जिला मुख्यालय स्थित वन स्टॉप सेंटर ले आई।


फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवायाः- पूछताछ में पता चला कि नाबालिग की शादी की बात हरियाणा में उनके ही किसी परिचित ने ही करवाई थी। वहीं मामले की भनक लगते ही बारात आधे रास्ते से वापस लौट गई। बताया जा रहा है कि नाबालिग का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया था।


जांच कर रहे अधिकारीः- सूत्रों के अनुसार, फर्जी जन्म प्रमाणपत्र हरिद्वार में बनवाया गया था। तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान ने इस बारे में कहा कि नाबालिग लड़की की शादी करवाए जाने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने के बाद जांच-पड़ताल में पाया गया कि लड़की नाबालिग थी। जिसके बाद प्रशासन की टीम नाबालिग लड़की और उसकी मां को वन स्टॉप सेंटर ले आई। मामले में गहनता से जांच की जा रही है। वहीं फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने की बात भी सामने आई है। जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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सोमवार, 5 सितंबर 2022

स्कूल के टॉयलेट में मिला नवजात बच्चा, लड़की ने जन्म दे उसे वहीं छोड़कर भाग गई.

तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के एक सरकारी स्कूल के टॉयलेट में एक नवजात का शव मिला. जांच में पता चला कि बच्चा स्कूल में ही पढ़ने वाली 11वीं की एक छात्रा का था. घटना के बाद छात्रा को अस्पताल में भर्ती किया गया है. वहीं 10वीं में पढ़ने वाले एक लड़के पर छात्रा को गर्भवती करने का आरोप है. लड़के को जुविवाइनल होम में रखा गया है.
टाइम्स ऑफ इंडिया http://toi.in/qYAWHY/a31ga8
की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना 1 सितंबर की है. नवजात का शव स्कूल की एक छात्रा ने टॉयलेट में देखा, उसने असिस्टेंट प्रिंसिपल को बताया. उसके बाद भुवनागिरी पुलिस थाने में घटना की जानकारी दी गई. पुलिस को शक हुआ कि स्कूल की किसी छात्रा ने ही नवजात को जन्म देकर टॉयलेट में छोड़ दिया. जांच के दौरान पुलिस को एक लड़की ने बताया कि उसी ने बच्चे को टॉयलेट में फेंक दिया. न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की ने पुलिस को बताया, 
"गुरुवार को क्लास अटेंड करते वक्त मुझे पेट में तेज़ दर्द होने लगा. मैं टॉयलेट आई. जहां मैंने मरे हुए बच्चे को जन्म दिया."

लड़की ने पुलिस को बताया कि उसने पेन की मदद से बच्चे की गर्भनाल काटी और फिर उसे वहीं छोड़कर वो अपने क्लासरूम चली गई.
जानकारी के मुताबिक, लड़की ने बताया कि एक प्राइवेट स्कूल के दसवीं का छात्र उसका बॉयफ्रेंड है और उसी ने उसे प्रेग्नेंट किया था. लड़की ने बताया कि उसके परिवार में किसी को पता नहीं था कि वो प्रेग्नेंट. पुलिस का कहना है कि लड़की ने खुद से बच्चे को जन्म दिया है, ऐसे में संभव है कि जन्म के वक्त ही नवजात की मौत हो गई होगी.लड़के के खिलाफ POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. उस पर लड़की के रेप करने, बार-बार यौन उत्पीड़न करने, उसे गर्भवती करने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने लड़के को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया, बोर्ड ने लड़के को ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया. और बच्ची को कामराज सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.!







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