गुरुवार, 2 जनवरी 2025

ग्लोबल मार्केट में बढ़ी भारतीय चावल की डिमांड, इंडोनेशिया खरीदेगा 10 लाख टन चावल।

Global Market: ग्लोबल मार्केट में कई सालों से भारतीय चावलों की मांग हमेशा बनी रहती है,विदेशी बाजारों से डिमांड बढ़ रही है,बांग्लादेश में चावल की जरूरत को पूरा करने के लिए भारत को 10 लाख टन चावल भेजने की मंजूरी मिल गई है। इंडोनेशिया ने अपनी चावल जरूरत को पूरा करने के लिए भारत सरकार से खरीदने की पेशकश की थी। बता दे कि भारत सरकार जुलाई 2023 में चावल निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था

जिस कारण चावल ग्लोबल मार्केट में नहीं जा रहा था. लेकिन अक्टूबर 2024 में केंद्र ने विदेशी खरीदारों की मांगों की पूर्ती करने को मंजूरी दे दी है, और एमईपी भी हटा दिया गया हैं, केंद्र के इस फैसले के बाद से विदेशी खरीदारों की ओर से डिमांड बढ़ी है. नवंबर और दिसंबर 2024 में केंद्र ने बांग्लादेश को 50 लाख टन गैर बासमती चावल निर्यात करने की मंजूरी दी थी, अब बीते दिन इंडोनेशिया को चावल निर्यात की मंजूरी दी है।


इंडोनेशिया को 10 लाख टन चावल सप्लाई करेगा भारत

केंद्रीय मंत्रीमंडल ने बुधवार को इंडोनेशिया की मांग अनुसार 10 लाख टन सफेद चावल की निर्यात को मंजूरी दे दी है, बता दे कि राष्ट्रीय सहकारी निर्यात (NCEL) के जरिए इंडोनेशिया को 10 लाख टन गैर बासमती सफेद चावल निर्यात किया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंडोनेशिया सरकार की एजेंसी बुलोग की ओर से भारत की अधिसूचित एजेंसी एनसीईएल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.


निर्यात बैन से बढ़ी कीमतें

भारत चावल के मामले में सबसे बड़ा निर्यातक है और वैश्विक आपूर्ति में सर्वाधिक 40 फीसदी हिस्सेदारी है, दरअसल अक्टूबर में भारतीय चावल के निर्यात पर प्रतिबंध हटने के बाद यहां से भरपूर मात्रा में चावल विदेशी बाजारों में पहुंचने से अक्टूबर में वैश्विक स्तर पर कीमतों में 15 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई थी,हालांकि, नवंबर में वैश्विक बाजार में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी।







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गुरुवार, 29 फ़रवरी 2024

किसानों ने बनाई नई रणनीति,पटियाला और संगरूर में इंटरनेट सेवा बंद

MSP गारंटी कानून और अन्य मांगों को लेकर किसान आज अपने आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय कर सकते हैं किसानों का सीधा वयान है उनका बोलना है सरकार को हमारी बात को मानना पड़ेगा 

किसान आज अपने आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे एमएसपी गारंटी कानून बनाने और अन्य मांगों को लेकर किसान संगठन पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर पिछले 17 दिनों से डटे हुए हैं लेकिन किसानों की बात को सरकार ने अब तक नजरंदाज किया है लेकिन किसानों का कहना है वो सरकार को अपने आगे झुका कर रहेंगे और किसान को आंदोलन को देखते हुए पंजाब के पटियाला और संगरूर में इंटरनेट बंद कर दिया गया है इंटरनेट को बंद करने का कारण है जिससे गलत जानकारी इधर उधर ना जाए और सारे काम शांति से हो सके केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक कोई बैठक तय नहीं हुई है इसके लिए कितना समय लगेगा और इसके लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा 


उपद्रवियों की पहचान में जुटी हरियाणा पुलिस

किसान आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वालों के खिलाफ अब हरियाणा पुलिस एक्शन में आ गई है रोड जाम है सरकारी संपत्ति को नुकसान हो रहा है किसानों के आड़ मे कही उपद्रवियों अपनी रोटियाँ तो नहीं सेक रहे है इसके लिए हरियाणा पुलिस ऐसे उपद्रवियों की पहचान कर रही है। जिन्होंने आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा और पुलिस पर हमला किया। पुलिस अब ऐसे लोगों को पहचान कर उनके पासपोर्ट और वीजा रद्द कराने की तैयारी कर रही है इसमे किसान बनकर अलग देशों से लोग आए हुए है जिससे हरियाणा सरकार ने कड़ी कार्यवाही कर रही है वहीं किसान संगठनों की मांग है कि केंद्र सरकार एमएसपी गारंटी कानून बनाए। वहीं सरकार किसानों के साथ बातचीत से मामले का समाधान चाहती है। यही वजह है कि सरकार ने 4 बार वार्ता फेल होने के बाद भी 5वें दौर की वार्ता का न्योता किसानों को दिया है।


सरकार बातचीत करने को तैयार है 

केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक कोई बैठक तय नहीं हुई है उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान निकालने की जरूरत है ऐसे काम और खराब हो रहा है और किसानों को इसके बारे मे बातचीत करके इसका हल निकाला निकलेगा इसलिए बातचीत की जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए 'दिल्ली चलो' मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं और दिल्ली के सभी बॉर्डर बंद कर रखे है जिससे आम जनता को काफी आवाजाही मे काफी परेशानी हो रही है

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पीएम मोदी ने जारी किया किसान सम्मान निधि की 16वीं किस्त, आपको मिली या नहीं ऐसे चेक करें

पीएम किसान सम्मान निधि योजना इससे पहले अपनी 15 वी किस्त किसानों के खाते मे जमा की थी जिसको खुद प्रधानमंत्री ने जारी किया था लेकिन इस बार भी अपनी 16 वी किस्त भी जारी की है जिसको खुद प्रधानमंत्री ने जानकारी देकर बताया है 


इन तरीको से जान सकते है की खाते मे पैसे आए है या नहीं 

अगर आप लाभार्थी हैं, तो आप मैसेज के जरिए किस्त के पैसे चेक कर सकते हैं। दरअसल, आपको सरकार की तरफ से और बैंक की तरफ से भी मैसेज मिलता है जिसमें किस्त के 2 हजार रुपये के ट्रांसफर होने जानकारी दी होती है।

अगर किसी कारण आपके पास किस्त आने का मैसेज नहीं आया है, तो ऐसे में आप अपने नजदीकी एटीएम में जाकर मिनी स्टेटमेंट निकलवाकर चेक कर सकते हैं कि खाते में 16 वीं किस्त के पैसे आए हैं या नहीं 

आप अपने बैंक ब्रांच में जाकर पासबुक एंट्री करवाकर इस बारे में पता कर सकते हैं किस्त के पैसे खाते में ट्रांसफर हुए हैं या नहीं और अपने मोबाईल मे सभी मैसेज और बैंक से जानकारी के मैसेज को ध्यान से पड़ कर रखे और सारी जानकारी को ध्यान मे रखे 

योजना में जिन किसानों ने अपनी ई-केवाईसी, भूलेखों का सत्यापन और स्कीम में रजिस्ट्रेशन करते समय गलत जानकारी दी थी उनके खाते में 16वीं किस्त के पैसे नहीं आए हैं इसका कारण है गलत जानकारी के चलते इसलिए फॉम को सत्यापन करते सामय ध्यान रखने की जरूरत है 

जिन किसानों के खाते मे पैसे नहीं आए है वो हेल्पलाइन नम्बर पर जानकारी ले सकते है 

करोड़ों किसानों को खाते मे पैसे डालकर प्रधानमंत्री ने सभी किसानों को सौगात दी है ये धनराशि पा कर किसान बहुत खुश है 

पीएम नरेंद्र मोदी ने जारी की 16वीं किस्त। डीबीटी के माध्यम से करोड़ों किसानों के खाते में भेजे गए 21 हजार करोड़ रुपये

अगर किस्त नहीं आई है तो ऐसे चेक कर सकते है की किस्त आई है या नहीं 

1. पहले पीएम किसान योजना के आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं

2. इसके बाद आपको 'बेनिफिशियरी लिस्ट' वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है

पूरी जानकारी लेने के बाद इसको सही से करना पड़ता है इसकी बाद किसनों को इसका बहुत फायदा मिलता है

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बुधवार, 7 दिसंबर 2022

रामनगर में व्यापारी के गोदाम फुल है यूपी की धान से उपार्जन केन्द्र पर होगा विक्रय

रामनगर सतना/मोहित पटेल - सेवा सहकारी समिति उपार्जन केन्द्र रामनगर मे शुरु हुई खरीदी व्यापारी के गोदामों में फुल है यूपी से आई धान।

कृषि उपज मंडी से नहीं हुए जारी किसी भी व्यापारी को धान खरीदी के विल्टी पिटपास तो व्यापारी के गोदाम में कहा से आयी इतनी अधिक इनके पास धान गोदामो में हजारों बोरी स्टाक है धान।


 प्रशासनिक अधिकारी कृषि विभाग कृषि उपज मंडी के अधिकारी आंखों में काजल और सूरमा लगाकर व्यापारी गोदामों को तिरछी नजर से भी देख लें तो धान के इस अबैध कारोबार में अंकुश प्रश्न लगाये जा सकते है। यही गोदामों में स्टाक धान उपार्जन केन्द्रों पर पिंकअप यूटीलिटी के माध्यम से विक्रय के लिए पहोचेगी।

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