रेलवे बोर्ड ने तकनीकी सहायकों की भर्ती के बदले नियम, Apprentice कर्मचारी कर रहे आंदोलन!
समस्तीपुर/रेलवे वर्कशॉप, रेल कारखाना, लोकोशेड, कोच मरम्मत शेड में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) के डिग्री धारकों को एक साल तक आप्रेटिंस कराता है।
जिस ट्रेड में पढ़ाई की है, उस ट्रेड में युवाओं को रेलवे पूरी तरह से प्रशिक्षित करता है। वर्ष 2014 के पहले अप्रेंटिस करने वालें युवकों को रेलवे बिना किसी परीक्षा के सीधी भर्ती करता था।हालांकि इसके बाद सीधी भर्ती पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन, रेलवे अप्रेंटिस आज भी कराता है पर, नौकरी नहीं देता। यही नहीं रेलवे की भर्ती परीक्षा में वरीयता भी नहीं दी जाती है। इसके लिए रेलवे अप्रेंटिश के युवाओं ने आंदोलन किया और फिर से अप्रेंटिस करने वाले युवाओं को नौकरी देने की मांग की। मांग करने में तर्क दिया था कि रेलवे के अप्रेंटिंस करने वाले युवा को रेलवे में किस तरह काम किया जाता है, उस आधार पर उन्हें स्थाई नौकरी दिया जाए, मौके पर आदित्य कुमार, राजू कुमार, बबलू कुमार,अमित जायसवाल, रवि कुमार आदि मौजूद थे!
जिस ट्रेड में पढ़ाई की है, उस ट्रेड में युवाओं को रेलवे पूरी तरह से प्रशिक्षित करता है। वर्ष 2014 के पहले अप्रेंटिस करने वालें युवकों को रेलवे बिना किसी परीक्षा के सीधी भर्ती करता था।हालांकि इसके बाद सीधी भर्ती पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन, रेलवे अप्रेंटिस आज भी कराता है पर, नौकरी नहीं देता। यही नहीं रेलवे की भर्ती परीक्षा में वरीयता भी नहीं दी जाती है। इसके लिए रेलवे अप्रेंटिश के युवाओं ने आंदोलन किया और फिर से अप्रेंटिस करने वाले युवाओं को नौकरी देने की मांग की। मांग करने में तर्क दिया था कि रेलवे के अप्रेंटिंस करने वाले युवा को रेलवे में किस तरह काम किया जाता है, उस आधार पर उन्हें स्थाई नौकरी दिया जाए, मौके पर आदित्य कुमार, राजू कुमार, बबलू कुमार,अमित जायसवाल, रवि कुमार आदि मौजूद थे!
लेबल: Government job, Railway, Railway apprentice









