बुधवार, 16 अप्रैल 2025

BLS आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई-जीजेएवाई के लाभार्थियों का करेगी सत्यापन ओडिशा सरकार से मिला अधिदेश

नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2025: प्रमुख तकनीक आधारित सेवा प्रदाता कम्पनी बीएलएस इंटरनेशनल जो बीएलएस ई-सर्विसेज की मूल कंपनी है, को ओडिशा सरकार से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना – गोपाबंधु जन आरोग्य योजना (AB PMJAY-GJAY) के अंतर्गत लाभार्थी सत्यापन सेवाएं प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है।


बीएलएस ई-सर्विसेज की मूल कंपनी बीएलएस इंटरनेशनल है और प्रमुख तकनीक आधारित सेवा प्रदाता है, ओडिशा सरकार से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना – गोपाबंधु जन आरोग्य योजना (AB PMJAY-GJAY) के अंतर्गत लाभार्थी सत्यापन सेवाएं प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है।

यह पहल नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के सहयोग से शुरू की गई है और इसका उद्देश्य पूरे राज्य में 3.5 करोड़ लाभार्थियों को पीवीसी को-ब्रांडेड एबी-पीएमजेएवाई-जीजेएवाई कार्ड वितरित करना है। इस ज़िम्मेदारी के तहत, बीएलएस राज्य सरकार और एनएचए के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा और एबी पीएमजेएवाई-जीजेएवाई कार्डों के लंबित कार्ड वितरण की समस्या को सुलझाएगा।

बीएलएस इंटरनेशनल के जेएमडी और बीएलएस ई-सर्विसेज के चेयरमैन शिखर अग्रवाल ने कहा, "ओडिशा सरकार द्वारा हमें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर हम गौरवान्वित हैं।" एबी-पीएमजेएवाई-जीजेएवाई योजना ओडिशा के लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव लाने वाली योजना है, जो उन्हें बिना किसी वित्तीय कठिनाई के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रदान करती है। हम निर्बाध लाभार्थी सत्यापन सेवाएं और एबी-पीएमजेएवाई-जीजेएवाई कार्ड का समय पर वितरण सुनिश्चित करेंगे। हमारा मानना है कि हमारी विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी अवसंरचना ओडिशा के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।"

हम अन्य राज्य सरकारों के साथ भी मिलकर काम कर रहे हैं, पंजाब में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ घर-घर जाकर आधार नामांकन और अद्यतन सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। यह सेवा विशेष रूप से बच्चों, दिव्यांगजनों, बिस्तर पर पड़े मरीजों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए है, जो आधार केंद्र तक नहीं जा सकते।"

एबी पीएमजेएवाई-जीजेएवाई योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को समग्र स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने की एक अभिनव पहल है। यह योजना लाभार्थियों को वित्तीय सुरक्षा देते हुए उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर देती है। इस योजना के तहत प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर और महिलाओं के लिए अतिरिक्त 5 लाख रुपये का विशेष कवर प्रदान किया जाएगा। 

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मंगलवार, 22 नवंबर 2022

चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आईडीए ने डाक्टर कमर हाशमी को किया सम्मानित

कटिहार इन्डियन डेंटल एशोसियेशन के द्वारा चिकित्सा का क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने को लेकर कुरसेला लाइफ लाइन हॉस्पिटल एन्ड डेंटल केयर के डाक्टर कमर हाशमी को किया गया सम्मानित। बताते चलें कि इंडियन डेंटल एसोसिएशन बिहार स्टेट का पांचवा स्टेट एक्ज़ीक्युटिव मीटिंग पूर्णिया में सम्पन्न हुआ।


डाक्टर कमर हाशमी को सम्मानित करते आईडीए के अधिकारी

इस मौके पर राज्य के गण्यमान्य डॉक्टर होटल हॉलीडे इन में हो रहे डेंटल एक्सपो संग सीडीई प्रोग्राम में उपस्थित रहें। स्टेट मीटिंग की मेजबानी आईडीए पूर्णिया ब्रांच ने किया। इस मौके पर आईडीए स्टेट सेक्रेटरी डॉ कुमार मानवेन्द्र संग आईडीए पूर्णिया के प्रेसिडेंट डॉ ओसामा , सेंटर काउंसलिंग मेम्बर डॉ अरविन्द खत्री , डॉ फ़िरोज़ आलम मौजूद रहे। इस मीटिंग में आईडीए द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की प्रणाली का विश्लेषण व चर्चा की गई। मौके पर अपने अपने क्षेत्र में बेहतर सेवा देने व स्टेट मीटिंग में शामिल होने के लिए सर्टिफिकेट व अंगवस्त्र देकर डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। कटिहार जिले से डॉ लीलाधर माहेश्वरी, डॉ क़मर हाशमी को सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य जिलों से डॉ रूपक , डॉ याशीर सईद , डॉ आभास , डॉ अंकित , डॉ एहतेशाम , डॉ शायना आलम आदि शामिल रहे।

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शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2022

गुलाबी ठंड लोगों की सेहत पर डाल रहा बुरा असर,हल्के ठंड में बच्चे एवं बुजुर्गों पर ज़्यादा ध्यान देने की आवश्यकता: डॉ दीनानाथ झा

रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण जल्द हो सकते है बीमार: सिविल सर्जन

नेशन संवाद संवाददाता कटिहार

कटिहार:- बदलते मौसम में शिशुओं की ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। क्योंकि नवजात शिशु अपने शरीर का तापमान अच्छे ढंग से नियंत्रित नहीं कर पाते है, तो उन्हें बहुत जल्दी सर्दी या गर्मी लग सकती है। लेकिन ध्यान रहे कि चाहे कोई भी मौसम हो जरूरी यह है कि आप सोते समय शिशु के शरीर का तापमान न बढ़ने दें। दिन में तेज धूप और रात को पड़ रही हल्की ठंड लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। सिविल सर्जन डॉ दीनानाथ झा के अनुसार मौसम को लेकर लापरवाही बरतने वाले लोग ज्यादातर बीमार पड़ रहे हैं। हालांकि सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों को हो रही है। जिस कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अक्टूबर माह खत्म होने को है और ठंड दस्तक देना शुरू कर दिया है। बदलते मौसम में बच्चे एवं बुजुर्गों का उचित देखभाल नहीं होने से बहुत ही जल्द खांसी, जुकाम की चपेट में आ जाते हैं। इसीलिए बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जिन लोगों को सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार जैसी बीमारियां बहुत ही जल्द हो जाती हैं। उनका रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए दिन में एक या दो बार ग्रीन या ब्लैक टी का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा विटामिन डी और सी युक्त पदार्थ जैसे- नींबू और आंवले का सेवन जरूर करना चाहिए।


हल्के ठंड में बच्चे एवं बुजुर्गों पर ज़्यादा ध्यान देने की आवश्यकता: डॉ डीएन झा

सिविल सर्जन डॉ दीनानाथ झा ने बताया कि दीपावली के बाद छठ पूजा का समय होने के कारण सभी लोग भागदौड़ भरी जिंदगी से गुजर रहे हैं। जिस कारण बच्चों पर ध्यान नही दे पा रहे है। दिन के समय थोड़ी गर्मी रहती है तो रात को मौसम ठंडा हो जाता है। ऐसे में खानपान और रहन/सहन में जरा सी लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है। इन दिनों सर्दी, जुका,  बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में जलन, पेट दर्द जैसी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। ज़िलें के विभिन्न अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। 


इन बातों का रखें ख़्याल:

-बच्चे एवं बुजुर्गों को ठंडे पेय पदार्थों का सेवन नहीं कराएं।

-ज्यादा तैलीय खाद्य पदार्थों से परहेज करें।

-रात्रि के समय पंखेए कूलर या एसी के प्रयोग से बचने का प्रयास करें।

-नवजात शिशुओं को अधिक से अधिक स्तनपान कराएं।

-बच्चों को पानी उबालकर या फिल्टर कर देना चाहिए।

-छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय.समय पर बदलते रहे।

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मंगलवार, 25 अक्टूबर 2022

मोतिहारी जिले में विशेष पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू ,रेलवे स्टेशनए बस स्टैंड के साथ छठ घाटों पर होगा टीकाकरण

त्योहार में आने.जाने वाले 05 साल तक के बच्चों को दी जाएगी पोलियो की खुराक 


मोतिहारी। बीते 21 अक्टूबर से जिले में पोलियो टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 11 दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान में खासकर वैसे बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाना है, जो त्योहार के समय अपने घर आए हों। बता दें कि जिला को पोलियो के खतरों से मुक्त कराने के उद्धेश्य से यह विशेश पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जो आगामी 31 अक्टूबर तक चलेगा। पूर्वी चम्पारण के सीएस डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि पर्व त्योहार में बाहर से आने.जाने वाले बच्चे पोलियो की खुराक पीकर पोलियो के संभवित खतरों के प्रति सुरक्षित हो सकें। इसलिए ट्रांजिट टीम के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि रेलवे स्टेशनए बस स्टैंड के साथ छठ घाटों पर बच्चों को प्लस पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाए।


11 दिनों तक चलेगा अभियान

दीपावली और छठ को लेकर अगले 11 दिनों तक जिले में विशेष पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ शरत चन्द्र शर्मा ने बताया कि त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में वैसे परिवार जो अपने गृह जिला लौटते। उनसे पोलियो संक्रमण के फिर से प्रसार का खतरा बना रहता है। लिहाजा विशेष पोलियो अभियान संचालित किया जा रहा है।


ट्रांजिट टीम हुईं है प्रतिनियुक्त 


डॉ शर्मा ने बताया कि चिह्नित स्थान जहां से बाहर के बच्चे जिले में प्रवेश करेंगे तथा जिले से प्रखंड व संबंधित गांव में प्रवेश करेंगे। उन जगहों पर कर्मी को नियुक्त किया गया है। जो बच्चों को खुराक पिलाएंगे। 21 से 31 अक्टूबर के बीच 83 ट्रांजिट केन्द्रों पर टीम प्रतिनियुक्त कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। वहीं छठ घाटों पर 19 ट्रांजिट केन्द्रों पर टीम के द्वारा दवा पिलाने की व्यवस्था होगी। पर्यवेक्षण के लिए 07 सुपरवाइजर प्रतिनियुक्त किए गए हैं। 


इन प्रखंडो में टीम की हुई प्रतिनियुक्ति 

 

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ शरत चन्द्र शर्मा ने बताया कि जिले में अभियान की सफलता को लेकर आदापुर 2, अरेराज 6, चकिया 6, छौड़ादानो1, चिरैया 1, ढ़ाका 4, घोड़ासहन 4, केसरिया 4, मधुबन 1, मेहसी 3, मोतिहारी अर्बन 25, पहाड़पुर 1, पकड़ीदयाल 1, रामगढ़वा 3, रक्सौल 14, सुगौली 6, तुरकौलिया 1, कुल 83 ट्रांजिट केंद्रों पर टीम लगाए गए हैं। जहां बच्चों को दवा पिलाने का इंतजाम होगा।







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रविवार, 23 अक्टूबर 2022

World Ayurveda day: आयुर्वेद के अनुसार ऐसे करेंगे भोजन, तो रहेंगे ताउम्र स्वस्थ और जवां

World Ayurveda day अगर आपको बीमारियों से दूर रहना है ताउम्र स्वस्थ बने रहना है तो सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान दें। क्या खा रहे हैं ये तो जरूरी है ही साथ ही कब खा रहे हैं इस ओर भी। आयुर्वेद के अनुसार


World Ayurveda day: शरीर को फिट रखने के लिए हेल्दी व बैलेंस डाइट लेना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार अगर आप सही तरह से भोजन करते हैं, तो न सिर्फ आप लंबे समय तक बीमारियों से बचे रहेंगे बल्कि इससे बढ़ती उम्र के असर को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। बैलेंस डाइट का मतलब है भोजन में उचित मात्रा में शरीर के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होने चाहिए। तो आयुर्वेद के अनुसार क्या है खानपान का सही तरीका, जान लें यहां..


खाने को अच्छी तरह चबा-चबाकर खाना चाहिए। इससे भोजन का पाचन अच्छी तरह और जल्दी होता है। साथ ही भोजन में मौजूद सही जरूरी न्यूट्रिशन भी भोजन को सही तरह से मिल जाते हैं। 


2. एक साथ ज्यादा भोजन न करें

आयुर्वेद के अनुसार हमेशा भूख से थोड़ा कम ही भोजन करना चाहिए। एक बार में बहुत ज्यादा खाना खाने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिसकी वजह से भोजन का पाचन सही तरह से नहीं हो पाता। 


3. भोजन करते समय पानी न पिएं

भोजन करते समय जब तक जरूरत महसूस न हो, पानी न ही पिएं तो बेहतर। इससे भोजन को पचने में ज्यादा समय लग सकता है साथ ही खाना खाते समय ज्यादा पानी पीने से पाचन संबंधी दिक्कतें भी उतपन्न हो सकती हैं। भोजन करने से लगभग 40-50 मिनट पहले और भोजन करने के लगभग आधे घंटे बाद पानी पी सकते हैं।


4. मौसम के अनुसार ही भोजन करें

हमेशा मौसम के अनुकूल ही भोजन करना चाहिए। कई सारी परेशानियां तो इससे ही दूर रहेंगी। जैसे- गर्मियों के मौसम में हल्का और जल्दी पचने वाला भोजन करना चाहिए। साथ ही लिक्विड और ठंडी चीज़ों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए। सर्दियों के मौसम में ऑयली, मीठे, खट्टे व शरीर को गर्म रखने वाले चीज़ों का सेवन करना चाहिए, इस मौसम में बासी भोजन व ठंडी चीज़ों से दूर रहना चाहिए।


5. जमीन में बैठकर भोजन करें

आयुर्वेद के अनुसार जमीन पर बैठकर खाने से खाना अच्छी तरह पचता है जिससे भोजन के जरूरी तत्व शरीर को पूरी तरह से मिल पाते हैं। खड़े होकर भोजन नहीं करना चाहिए। 

6. भोजन के बाद एक जगह बैठे न रहें

भोजन करने के बाद थोड़ी देर टहलना अच्छा होता है, इससे भोजन को जल्दी पचने में मदद मिलती है। लेकिन बहुत भागना-दौड़ना भी नहीं है इसका भी ध्यान रखें। भोजन के बाद एक जगह बैठे रहने या लेटने से पाचन में दिक्कत होती है। और इससे मोटापे भी बढ़ता है।


7. समय से करें रात का भोजन

रात को भोजन सोने से कम से कम दो से तीन घंटे पहले कर लेना चाहिए। इसके साथ ही रात का भोजन एकदम हल्का होना चाहिए। कम मिर्च-मसाले और ऑयल वाला भोजन रात के लिए एकदम सही है। रात को सोने से कुछ देर पहले दूध भी पिया जा सकता है।







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गुरुवार, 20 अक्टूबर 2022

Dengue Cases: 24 घंटों में डेंगू के 232 मामले दर्ज, अब तक जम्मू-कश्मीर में रिकार्ड 3849 मरीज पीड़ित

अभी तक जीएमसी जम्मू और श्री महाराजा गुलाब सिंह अस्पताल में अलग से डेंगू के मरीजों के लिए वार्ड बनाए गए हैं और अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए भर्ती हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई है।

जम्मू-कश्मीर में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभागों के दावों के विपरीत हर दिन रिकार्ड संख्या में मरीज आ रहे हैं। वीरवार को 232 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके साथ ही अब तक जम्मू-कश्मीर में 3849 लोग डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं। हालांकि पिछले चौबीस घंटों में किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं जीएमसी प्रशासन ने सभी से डेंगू की रोकथाम के लिए अपना सहयोग देने और लक्षण नजर आनेे पर तुरंत जांच करवाने को कहा।वीरवार को कुल 616 संदिग्ध मरीजों ने जांच करवाई। इनमें 232 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। पीड़ितों में 28 बच्चे भी शामिल है। अधिकांश मामले जम्मू जिले से ही आए हैं। 152 मामले जम्मू जिले और 62 मामले ऊधमपुर जिले में आए हैं। अन्य जिलों में बहुत कम मामले हैं। इसके साथ ही जम्मू जिले में अब तक सबसे अधिक 3245 मरीज डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं।


वहीं ऊधमपुर जिले में दूसरे स्थान पर 169 और सांबा में 128 मामले हैं। इसके अतिरिक्त कठुआ में 57, रियासी 62, राजौरी में 38, पुंछ में 21, डोडा में 76, रामबन में 26, किश्तवाड़ में 11, कश्मीर में छह और अन्य प्रदेशों से 11 मरीज आए हैं। अभी तक डेंगू से पांच मरीजों की मौत हुई है। दो दिनों से कोई भी मौत नहीं हुई है। लेकिन गत तीन दिनों से अभी तक 584 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डा. शशि सूदन ने भी लगातार बढ़ रहे मामलों पर चिंता जताते हुए सभी को अपना सहयोग देने को कहा। उन्होंने कहा कि अभी तक जिन पांच मरीजों की मौत हुई है, वे भी जीएमसी जम्मू में रेफर होकर आए थे और इलाज करवाने के लिए आने में उन्होंने बहुत देर कर दी।


उन्होंने कहा कि अभी तक जीएमसी जम्मू और श्री महाराजा गुलाब सिंह अस्पताल में अलग से डेंगू के मरीजों के लिए वार्ड बनाए गए हैं और अस्पताल में एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए भर्ती हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई है। मगर अभी भी बहुत से मरीज भर्ती हैं। उन्होंने लोगों से अपने घरों में पानी को जमा न होने देने, पानी की टंकी को खुला न छोड़ने देना, वाटर कूलर से पानी को साफ करना, गमलों में पानी न भरने की सलाह दी। वहीं प्रीवेंटिव सोशल मेडिसिन विभाग के एचओडी डा. राजीव कुमार ने कहा कि लोगों को इस समय पूरी वाजू की कमीज पहनने चाहिए। टांगों और वाजुओं को नंगा न छोड़े। डेंगू का मच्छर इन पर हमला करता है।








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नगर निगम समस्तीपुर में बढ़ते डेंगू के प्रकोप को रोकने के आवामे हिन्द सेवा संगठन के ओर से दिया गया आवेदन

समस्तीपुर जिला में बढते डेंगू को देखते हुए नगर निगम समस्तीपुर के उप आयुक्त श्री शाहिद रजा खान जी को अवामे हिन्द सेवा संगठन के अध्यक्ष दानिश रहमान और मोहम्मद फैजान की ओर एक आवेदन दिया गया है जिसमें उन्होंने बताया है की डेंगू बहुत तेजी से बढ़ रहा है बहुत से लोग इस बीमारी के चपेट में आराहे है डेंगू मच्छरो के कारण बहुत से लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो रही है।


क्षेत्र में डेंगू मच्छरों की अधिकतर सबसे प्रमुख कारण जलजमाव और रोड पर पानी लगना है, कच्ची नालियों को व्यवस्थित करने की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इस क्षेत्र में सफाई कर्मचारी भी समय पर नहीं आते हैं। नगर छेत्र में रोड में हमेशा जलजमाव की स्थिति बनी रहती है।

संगठन के लोगों ने सुझाव दिया है की डेंगू के मच्छरों को समाप्त करने के लिए नगर निगम के हर घरों में रिंकू नाशक दवाई छिड़कने की व्यवस्था की जाए और फागिंग करवाई जाए तथा पूरे क्षेत्र की सफाई के व्यापक प्रबंध किए जाए।







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रविवार, 17 जुलाई 2022

जामुन खाने से सेहत को होते हैं कई फायदे

सेहत: गर्मी के मौसम में कई मौसमी फल खाने से सेहत को कई फायदे होते हैं। इस सूची में जामुन के अलावा आम, लीची, तरबूज और खरबूजे शामिल हैं जिन्हें आपको खाना चाहिए। इस रसीले फल का स्वाद खट्टा-मीठा होता है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है।
जामुन और फल के साथ-साथ उनके पत्ते, छाल और बीज सभी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। जामुन में पानी की मात्रा सबसे ज्यादा होती है इसलिए इसे गर्मी में खाने से डिहाइड्रेशन और हॉट स्ट्रोक से बचाव होता है। 
 
तो चलिए अब जानते हैं जामुन खाने के फायदों के बारे में


इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और विटामिन सी होता है,
इसलिए इसे हड्डियों के लिए भी काफी फायदेमंद फल माना गया है।
और यह हड्डियों को सुरक्षा प्रदान करता है।
इसमें आयरन के तत्व काफी ज्यादा होते हैं।
और ऐसे में इसका सेवन उन लोगों को जरूर करना चाहिए, जिन्हें अक्सर एनीमिया की समस्या रहती है।
रोजाना इसे खाने से शरीर में खून की कमी नहीं होती है।
इसमें विटामिन सी होता है, जो इम्युनिटी को भी मजबूत करता है।

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