मंगलवार, 20 फ़रवरी 2024

Bihar News : आज से 'जन विश्वास यात्रा' पर तेजस्वी यादव... पढे पूरा शेड्यूल

पटना : तेजस्वी की 'जन विश्वास यात्रा' का पूरा शेड्यूल, जारी हो गया है तूफानी दौरे में बताएंगे 17 महीने का पूरा हिसाब अब तेजस्वी यादव की 'जन विश्वास यात्रा' 20 फरवरी से शुरू होने वाली है। अपने 9 दिन के शेड्यूल में तेजस्वी यादव रोजाना तीन से चार जिलों को टच करेंगे जिसमे वो लोगों से मिलकर जो भी काम रुके हुए है उनको पूरा करने के कोशिश करेंगे उनका बोलना है इस मे वो अपनी पूरे जान डाल देंगे कम एक बड़ी रैली को जरूर करनी है जिससे लोगों का साथ मिल सके और वो विहार मे क्रांति लेकर के आए|


बिहार में सत्ता से बेदखल होने के बाद तेजस्वी यादव 'जन विश्वास यात्रा' की शुरुआत करने वाले हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की ही तर्ज पर तेजस्वी यादव की यात्रा होगी। जिसमे हार एक वोटर से जुड़ कर उनकी परेशानी जानेंगे और उसको विहार मे अच्छे से काम करने का वादा देंगे इसका शेड्यूल 20-29 फरवरी तक रखा गया है। इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर से होगी, जहां एक रैली को तेजस्वी यादव संबोधित करेंगे। इस दौरान 17 महीने में किए गए सरकार के कामकाज का ब्योरा देंगे। युवाओ और बेरोजगारी पर और महिलाओ की सुरक्षा पर भी इनका सबसे पसंदीदा मुद्दा होगा 
बिहार में नौकरी देने की क्रेडिट पर घमासान शुरू हो गया है खेला होने के बाद से जन विश्वास यात्रा पर निकलने से पहले सोशल मीडिया के जरिए उनके निशाने पर नीतीश कुमार हैं। एक्स पर उन्होंने लिखा कि '2020 चुनाव में 𝟏𝟎 लाख सरकारी नौकरियां देने के मेरे संकल्प पर आदरणीय मुख्यमंत्री कहते थे कि 𝟏𝟎 लाख नौकरी देना एकदम असंभव है। यह गुमराह करने वाली बात है। कहाँ से देगा? कुछ पता है? पैसा क्या आसमान से आएगा? पैसा क्या जेल से आएगा? इसे कुछ सेंस है? पैसा क्या ऊपर से आएगा? राज्य में तो पैसा नहीं है लेकिन इसके बारे मे बोलना सही भी हैं विहार के हालत सही नहीं है बहुत से लोग जीविका चलाने के लिया पलायन करते है संसाधन है नही इसलिए लोगों को लगता है की चुनाब के समय मे जो भी वादे किए थे उन सभी को जमीनी तौर पर देखा जाए तो कितना उचित है या नहीं जन विश्वास यात्रा की बड़ी बातें तेजस्वी यादव रोजाना कम से कम तीन-चार जिलों का दौरा करेंगे,इस दौरान तेजस्वी यादव जनसभाओं को संबोधित करेंगे महागठबंधन सरकार के 17 महीने के कामकाज का ब्योरा देंगे


पहले दिन 20 फरवरी को इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर से होगी,मुजफ्फरपुर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे तेजस्वी यादव
रैली के बाद तेजस्वी की विश्वास यात्रा की शुरुआत हो जाएगी,जिलों का दौरा करने से लोगों के मन मे क्या है इसको पता लगाना सरल होगा और अपनी सरकार के बारे मे बताते हुए चलेंगे की उनकी सरकार ने जमीनी तौर पर कितना काम किया है या नहीं और अपनी सरकार के काम काज के बारे मे लोगों को संबोधित करेंगे 
 

जन विश्वास यात्रा का शेड्यूल

20 फरवरी

10.30 बजे सकरी मोड़ मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम

1 बजे सीतामढ़ी के डुमरा हवाई अड्डा मैदान में प्रोग्राम

3 बजे शिवहर के किसान मैदान में रैली का कार्यक्रम

21 फरवरी

10.30 बजे मोतिहारी के स्पोर्ट्स क्लब मैदान स्टेडियम में सभा

1 बजे बेतिया के साहुजन हाई स्कूल मैदान जन विश्वास यात्रा

3 बजे तेजस्वी की जन विश्वास यात्रा गोपालगंज पहुंचेगी

22 फरवरी

10.30 बजे जन विश्वास यात्रा की शुरुआत सीवान से होगी

1 बजे छपरा और 3 बजे काफिले को लेकर आरा पहुंचेंगे

23 फरवरी

10.30 बजे बक्सर में रैली को संबोधित करेंगे तेजस्वी

1 बजे रोहतास और 3 बजे औरंगाबाद पहुंचेगी यात्रा


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गुरुवार, 8 फ़रवरी 2024

BPSC TRE 3.0 : शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, लागू होगा आरक्षण!

बिहार में शिक्षक बनने की सपना देख रहें युवाओं के लिए सरकार ने एक बार फ़िर खुशखबरी दी हैं, शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए बीपीएससी ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया हैं, परीक्षा 7 मार्च से 17 मार्च तक होगी, बता दे की इस बार बीपीएससी में कुछ बदलाव किया गया हैं, इस बार शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में नया आरक्षण कानून लागू होगा।


बिहार में तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए 10 फरवरी से आवेदन जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, BPSC की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार तीसरे चरण में लगभग 87 हजार पदों पर नियुक्ति होगी, जो नए आरक्षण नियमावली के अनुसार होगी, नए आरक्षण नियमावली के अनुसार से ईबीसी के अभ्यर्थियों को 25 0, पिछड़ा वर्ग के को 18 , एससी को 20, एसटी को दो प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को दस प्रतिशत का लाभ मिलेगा। बीपीएससी के सचिव रवि भूषण ने बताया कि राज्य में पहली बार शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में नए आरक्षण नियम का पालन किया जाएगा।


शिक्षक अभ्यर्थियों को मिल सकता है 5 मौके
 
पहले चरण में शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान जो नियमावली बनाई गई थी, उसमें शिक्षक अभ्यर्थियों को तीन मौके का जिक्र किया गया था, लेकिन अभियर्थियो द्वारा विरोध और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई लोगों ने इसका विरोध किया जिसके बाद बीपीएससी दो और मौका देने का विचार कर रही हैं।

निगेटिव मार्किंग की परेशानी से भी मिलेगी मुक्ति

बीपीएससी की ओर से साफ कर दिया गया है कि टीआरई फेज 3 की परीक्षा में किसी प्रकार की कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। इस बार एक ही पेपर होंगे और परीक्षा ढाई घंटे की होगी।

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शनिवार, 26 नवंबर 2022

अब तीन नहीं.. चार साल में होगा ग्रेजुएशन,बीए- बीएससी -बीकॉम वाले नए नियमों पर ध्यान दें!

देश के सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अगले सत्र से 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों को लागू कर दिया जाएगा। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ अधिकांश राज्यस्तरीय और प्राइवेट विश्वविद्यालय भी 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों को लागू करेंगे।अब तीन नहीं... चार साल में होगा ग्रेजुएशन, बीए-बीएससी- बीकॉम वाले नए नियमों पर ध्यान दें!


बीए-बीएससी-बीकॉम करने वाले जिन लोगों को अब तक 3 साल में ही ग्रेजुएशन की डिग्री मिल जाती थी, उनके लिए बड़ी खबर है। अब उनकी ग्रेजुएशन की डिग्री तीन साल में नहीं बल्कि 4 साल में मिलगी। दरअसल, फोर ईयर अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रम (FYUP) की रूपरेखा बनकर तैयार है। आने वाले शैक्षणिक सत्र 2023-24 से सभी विश्वविद्यालयों के नए छात्र 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों (बीए, बीकॉम, बीएससी) आदि में दाखिला ले सकेंगे। यूजीसी ने 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए सभी आवश्यक नियम और दिशानिर्देश तैयार किए हैं। यूजीसी के मुताबिक अगले सप्ताह, 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के यह नियम देश के सभी विश्वविद्यालयों के साथ साझा किए जाएंगे। देश के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगा फैसला देश के सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अगले सत्र से 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों को लागू कर दिया जाएगा। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ अधिकांश राज्यस्तरीय और प्राइवेट विश्वविद्यालय भी 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों को लागू करेंगे। इसके अलावा देश भर की कई 'डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी' भी इस 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट कार्यक्रम को लागू करने के लिए अपनी सहमति प्रदान करने जा रही हैं। 2023-24 से जहां सभी नए छात्रों के पास चार साल वाले अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों का विकल्प होगा, वहीं पुराने छात्रों के लिए भी 4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रम की स्कीम को मंजूरी दी जा सकती है। इसका सीधा सीधा अर्थ यह है कि ऐसे छात्र जिन्होंने इस वर्ष सामान्य तीन वर्षीय अंडर ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया है, उन्हे भी अगले सत्र से चार साल की डिग्री कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।


जो अभी पढ़ रहे हैं उनका क्या?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मुताबिक सभी छात्रों के लिए 4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रम मुहैया कराया जाएगा, लेकिन इस पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए छात्रों को बाध्य नहीं किया जाएगा। यदि छात्र चाहें तो वह पहले से चले आ रहे 3 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों को ही जारी रख सकते हैं। यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार के मुताबिक 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों की पूरी स्कीम को जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। उनके मुताबिक विश्वविद्यालयों में पहले से ही दाखिला ले चुके छात्रों को भी 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। ऐसे छात्र जो प्रथम या सेकंड ईयर में हैं यदि वह चाहेंगे तो उन्हें भी 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों का विकल्प उपलब्ध कराया जा सकेगा। हालांकि इसकी शुरूआत अगले वर्ष यानी 2023-24 से शुरू होने वाले नए सत्र से ही होगी। लास्ट ईयर के छात्रों को भी मिलेगा मौका यूजीसी 4 वर्षीय पाठ्यक्रमों के मामले में विभिन्न विश्वविद्यालयों को भी कुछ नियम कायदे बनाने की छूट देगा। विश्वविद्यालयों की एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल में इसको लेकर आवश्यक नियम तय किए जा सकते हैं। विश्वविद्यालय चाहे तो फाइनल ईयर में पढ़ने वाले छात्रों को भी 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनने का अवसर दे सकते हैं। यूजीसी चेयरमैन ने इन अहम बदलाव के कारणों के बारे में बताते हुए कहा कि अगर वर्षीय अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रम में केवल नए छात्रों को ही मौका मिलेगा तो इसके नतीजे चार साल उपरांत पता लग सकेंगे। वहीं पुराने छात्रों के इस स्कीम से जुड़ने से यह नतीजे जल्दी सामने आ सकेंगे।

4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के उपरांत दो साल का पोस्ट ग्रेजुएशन और एमफिल करने वालें छात्रों के लिए पीएचडी में दाखिले के लिए 55 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। हालांकि, एमफिल कार्यक्रम को अब बहुत लंबे समय तक जारी नहीं रखा जाएगा। कई बड़े विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में एमफिल का कोर्स ऑफर नहीं करेगे। ऐसा नई शिक्षा नीति के तहत किए गए बदलावों के कारण किया जा रहा है। जहां एक और यूजीसी इस नए बदलाव को लेकर पूरी तरह से तैयार है, वहीं कई शिक्षकों एवं शिक्षक संगठनों ने इस पर अपनी आपत्ति भी दर्ज की है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि 4 वर्षीय अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों से छात्रों के ऊपर 1 वर्ष का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।







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गुरुवार, 24 फ़रवरी 2022

मानवता की मिशाल पेश कर रहे! आदित्य

समस्तीपुर:उजियारपुर प्रखंड के परोरिया गांव के आदित्य कुमार वत्स समस्तीपुर जिला में एक अलग मिशाल पेश कर रहे हैं आपको बता दें की आदित्य कुमार वत्स मानव सेवा इंडिया पाठशाला चलाते हैं
जिसके अन्तर्गत ये अभी समस्तीपुर जिला के विभिन्न क्षेत्र के गरीब और असहाय बच्चे को बीच शिक्षा का अलख जगाते हैं कॉपी कलम देकर उन बच्चो को शिक्षित कर रहें,जो कभी सपने में कलम पकड़ने की नही सोचें होंगे! इतना ही नही आदित्य रक्त दान के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य कर रहे और गरीब असहाय जरूरतमंद लोगों को रक्त उपल्ब्ध करवाते हैं,
साथ ही प्रत्येक दिन दलसिंहसराय स्टेशन पर असहाय लोगो के बीच भोजन वितरण भी वितरण करते है,समस्तीपुर शहर के गणमान्य लोगों के द्वारा आदित्य को इस मुहीम में सहयोग की जाती है

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मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022

राजद विधायक शाहीन ने किया समस्तीपुर के चकनूर में दिल्ली पब्लिक स्कूल का उद्घाटन!

समस्तीपुर शहर के चकनूर में दिल्ली पब्लिक स्कूल का शुभारंभ किया गया l मुख्य अतिथि सह स्थानीय विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने इसका विधिवत उद्घाटन किया l उद्घाटन सत्र के दौरान छात्र, विद्यालय प्रबंधन एवं गणमान्य अतिथियों को संबोधित करते हुए विधायक शाहीन ने कहा कि अपना जिला अब शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी आगे बढ़ चुका है l कई अच्छे और मान्यता प्राप्त स्कूल व कोचिंग खुल गये हैं जो जिले के विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान कर रहे हैंl इन्होंने स्कूल संचालक से गरीब छात्र-छात्राओं के लिये स्कूल फी में विशेष छूट देने की अपील की ताकि आर्थिक तंगी के कारण गरीब छात्रों का भविष्य कुंठित न हो सके l कहा कि डी.पी.एस का शुभारंभ स्थानीय छात्रों के उज्जवल व बेहतर भविष्य के लिए किया गया है l मौके पर पूर्व जिला पार्षद संजीव कुमार राय, जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर , राजद नेता जयलाल राय, रंजीत कुमार रम्भू , डी.पी.एस के डायरेक्टर मोo फैयाज, प्राचार्य संतोष कुमार यादव , व्यवस्थापक वीरचन्द्र यादव तथा मुकेश कुमार सहित दर्जनों शिक्षक तथा सैकड़ो विद्यार्थी मौजूद थे l

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बुधवार, 2 फ़रवरी 2022

मानवता की मिशाल पेश कर रहे हैं आनंद मीना!

जहां आज की युवा पीढ़ी ग्लैमरस की चकाचौंध रौशनी में डूबा हुआ हैं, सोशल मीडिया की आभासी ज्ञान ने उन्हें जकड़ रखा हैं। ऐसे में समाज और परिवार से वह दूर होता जा रहा हैं।इसी समाज के कुछ लोग देश और समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। ऐसे में ही एक युवा हैं आनंद मीना, जो स्वामी विवेकानंद के उस कथन को चरितार्थ करते हैं। जिसमें उन्होंने कहा था मैं उस भगवान की सेवा करता हूं, जिसे अज्ञानी लोग मनुष्य कहते हैं!आनंद अपने द्वारा चलाए जा रहे क्लब प्रयास के माध्यम से सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं, इस ठंड में वो उन असहाय, बेसहारों का सहारा बन रहे हैं जो इस ठंड में गर्म कपड़े के बिना स्टेशन पर ठंड से कपकपा रहे हैं, उनके लिए ये सितकालीन कपड़े इकट्ठे करते हैं और फिर वह कपड़े लेकर शहर के असहाय लोगों के बीच जाकर देते हैं।02 से 10 जनवरी के बीच अभियान चलाया, RPCAU परिसर के भीतर सभी शीतकालीन कपड़े फैकेल्टी रेजिडेंसी से कॉल और पिकअप के आधार पर प्राप्त कर लिए एकत्रित कपड़ों की छटाई और रेसिंग के बाद सेमरी गांव पूसा और समस्तीपुर जंक्शन पर असहाय लोगों के बीच वितरण किए। इनके टीम के सदस्य हैं, विनय परिमार, अंकित शर्मा, मधुसूदन रेड्डी आदि।
आइए जानते हैं कौन हैं ये आनंद मीना?


आनंद मीना देहगांव, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। वह अभी डा० राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय समस्तीपुर में कृषि व्यवसाय और ग्रामीण प्रबंधन के छात्र है। मीना खाली समय निकालकर समाज के प्रति अपना दायित्व बहुत ही निष्ठा से निभाते हैं। वे कहते हैं कि सामाजिक कार्य के लिए युवाओं को भी आगे आना चाहिए, मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।

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